इलेक्ट्रिक वाहन चलाने के लिए बेरोजगारों को मिलेंगे 500 बस रूट परमिट- डिप्टी सीएम
HNN/ शिमला
राज्य सरकार हिमाचल प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को चिह्नित बस रूटों पर इलेक्ट्रिक वाहन चलाने के लिए परमिट जारी करेगी।
बेरोजगारों को 500 रूट दिए जाने हैं। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने यह जानकारी विधायक सुधीर शर्मा के प्रश्न के उत्तर में दी।
मुकेश ने कहा कि निजी बस मालिकों को ई-वाहन खरीदने के लिए 50 फीसदी अनुदान दिया जाएगा। इसकी अधिकतम सीमा 50 लाख होगी।
यह सब्सिडी 18 सीटर, टेंपो ट्रैवलर और बसों में देने पर विचार चल रहा है। परिवहन विभाग पॉलिसी पर काम कर रहा है।
उन्होंने कहा कि नए बस रूट परमिट जारी करना एक निरंतर प्रक्रिया है। सरकार ने 30 दिसंबर, 2021 को स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार (परिवहन) योजना जारी की है।
योजना के तहत 20 से 60 वर्ष आयु के बीच के बेरोजगारों को ग्रामीण रूटों पर 18 सीटर बसों के लिए परमिट रियायती कर दरों पर देने का प्रावधान किया है।
271 भूमिहीन लोगों को उपलब्ध करवाई जमीन
हिमाचल में 271 भूमिहीन लोगों को दो से तीन बीघा जमीन उपलब्ध करवाई गई है। राजस्व विभाग के पास 601 लोगों ने जमीन के लिए आवेदन किया है।
राजस्व मंत्री ने जगत सिंह नेगी ने विधायक भुवनेश्वर गौड़ के प्रश्न के उत्तर में कहा कि जमीन की उपलब्धता होने पर शेष लोगों को जमीन उपलब्ध करवाई जाएगी।
लंपी बीमारी से मृत पशुओं का नहीं मिला मुआवजा
पूर्व सरकार ने लंपी वायरस को आपदा घोषित नहीं किया है। इसलिए लोगों को मुआवजा नहीं मिला है। केंद्र ने राज्य सरकार को अपने स्तर पर इस वायरस को आपदा घोषित करने की बात कही थी।
पशुओं की मृत्यु होने पर मुआवजा मिलना था। कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने विधायक विनोद सुल्तानपुरी के सवाल में कहा कि वह हाल में केंद्रीय मंत्री से भी मिले थे।
केंद्रीय मंत्री ने आश्वासन दिया कि भविष्य में अगर पशुओं की इस वायरस से मृत्यु हो जाती है तो केंद्र सरकार मुआवजा देने पर विचार करेगी।
