जिले में नशा रोकथाम को मजबूत बनाने के लिए प्रशासन ने हर पंचायत में नशा निवारण समिति बनाने का निर्णय लिया है। उपायुक्त जतिन लाल ने बैठक में सभी विभागों को दो दिनों में सदस्य सूची भेजने के आदेश दिए । समिति की अध्यक्षता स्थानीय विद्यालय का प्रधानाचार्य करेगा, जबकि सचिव, पटवारी, आशा वर्कर, महिला मंडल प्रतिनिधि, स्वयंसेवी और पुलिस कर्मियों को भी शामिल किया जाएगा।
ऊना/वीरेंद्र बन्याल
हर पंचायत में नशा निवारण समिति का गठन
उपायुक्त जतिन लाल ने विभागीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि जिले की सभी 245 पंचायतों में नशा निवारण समितियां गठित की जाएंगी। उन्होंने विभागों को निर्देश दिया कि प्रत्येक पंचायत के लिए दो दिनों के भीतर सदस्यों के नाम प्रस्तावित कर सूची उपलब्ध करवाई जाए, ताकि समितियों को औपचारिक रूप से अधिसूचित किया जा सके। उन्होंने कहा कि इन समितियों का उद्देश्य नशे के खिलाफ जन-जागरूकता बढ़ाना और समुदाय स्तर पर सतर्कता को मजबूत करना है।
स्कूल प्रधानाचार्य होंगे समिति अध्यक्ष
उपायुक्त ने बताया कि प्रत्येक समिति का अध्यक्ष स्थानीय विद्यालय का प्रधानाचार्य होगा, ताकि बच्चों और अभिभावकों के साथ सीधा संवाद स्थापित हो सके। पंचायत सचिव, पटवारी, आशा वर्कर, महिला मंडल प्रतिनिधि, वरिष्ठ नागरिक, समाजसेवी, स्वयंसेवी और पुलिस कांस्टेबल समिति के सदस्य होंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू नशा निवारण और एंटी-चिट्टा अभियान पर विशेष फोकस कर रहे हैं, और पंचायत स्तर पर बनी मजबूत समितियां परिवार और युवाओं को सुरक्षित वातावरण देने में अहम भूमिका निभाएंगी।
निगरानी और मासिक समीक्षा के निर्देश
डीसी ने एसडीएम को निर्देश दिए कि वे प्रत्येक माह इन समितियों के कार्यों की प्रगति की समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि स्कूलों के आसपास किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दी जाए, ताकि त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।

