कृषि उपज मंडी समिति के साथ बैठक, कचरा निस्तारण और खाद बनाने पर जोर
ऊना नगर निगम ने वेस्ट-टू-कंपोस्ट प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए मंगलवार को कृषि उपज मंडी समिति ऊना के पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। बैठक में गीले कचरे से खाद बनाने और सूखे एवं हानिकारक कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण के महत्व पर चर्चा की गई।
नगर निगम ऊना के आयुक्त एवं अतिरिक्त उपायुक्त महेंद्र पाल गुर्जर ने जानकारी देते हुए बताया कि ठोस कचरा प्रबंधन नियम-2016 के तहत जो संस्थान या व्यवसाय रोजाना 50 किलोग्राम या इससे अधिक कचरा उत्पन्न करते हैं, उन्हें अपने स्तर पर सूखा और गीला कचरा अलग-अलग कर उसका निस्तारण करना अनिवार्य होगा।
वेस्ट-टू-कंपोस्ट प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता अभियान
महेंद्र पाल गुर्जर ने बताया कि नगर निगम ऊना बल्क वेस्ट जनरेटरों के साथ बैठकें करेगा, जिनमें –
- सब्जी मंडियां
- होटल
- ढाबे
- रेस्ट हाउसेज
- अस्पताल
शामिल होंगे। इन बैठकों के माध्यम से गीले, सूखे और हानिकारक कचरे को सही ढंग से अलग करने और वैज्ञानिक निस्तारण के तरीकों की जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि वेस्ट-टू-कंपोस्ट प्रणाली से न केवल कचरे का सही उपयोग होगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को भी बढ़ावा मिलेगा।
स्वच्छता को लेकर संयुक्त प्रयास आवश्यक
इस बैठक में कृषि उपज मंडी समिति के सचिव ठाकुर भूपिंदर सिंह, नगर निगम के सफाई पर्यवेक्षक विजय कुमार, अर्बन प्लानर अंजू सोनी, सुशील गुप्ता, अभिषेक पठानिया, बबली और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
स्वच्छता अभियान को प्रभावी बनाने के लिए नगर निगम ऊना स्थानीय व्यवसायों और आम नागरिकों को भी जागरूक करने की योजना बना रहा है, जिससे सभी मिलकर स्वच्छ और समृद्ध शहर बनाने की दिशा में योगदान दे सकें।

