एचआरटीसी नाहन डिपो में टायरों का टोटा, 12 बसों के पहिए थमे
15 से अधिक रूट बंद, दो दर्जन रूट क्लब कर चलाने की नौबत; स्कूल-कॉलेज और नौकरीपेशा यात्रियों की बढ़ी परेशानी
हिमाचल नाऊ न्यूज नाहन।
हिमाचल पथ परिवहन निगम का सिरमौर जिला स्थित नाहन डिपो कभी निगम के कमाऊ डिपो में शुमार होता था, लेकिन आज हालात ऐसे हैं कि बसें चलाने के लिए टायर तक उपलब्ध नहीं हैं। टायरों की भारी कमी के चलते पिछले तीन दिनों से डिपो की करीब 12 बसें खड़ी हैं। इसका सीधा असर परिवहन व्यवस्था पर पड़ा है और 15 से अधिक रूट बंद हो चुके हैं।
वहीं, दो दर्जन के करीब रूटों पर बसों को क्लब करके चलाया जा रहा है। हालात यही रहे तो आने वाले दिनों में यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।नाहन डिपो में बसों के पहिए थमने का यह पहला मामला नहीं है। पिछले कुछ वर्षों से डिपो लगातार अव्यवस्थाओं से जूझ रहा है। कभी डीजल की कमी बसों के संचालन में बाधा बनती है तो कभी स्पेयर पार्ट्स उपलब्ध न होने से बसें वर्कशॉप में खड़ी रहती हैं।
मौजूदा स्थिति यह है कि प्रतिदिन करीब 10 से 15 बसें मरम्मत के लिए वर्कशॉप में खड़ी रहने की बात सामने आती है। अब टायरों की किल्लत ने परिवहन व्यवस्था की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।सबसे ज्यादा परेशानी उन यात्रियों को उठानी पड़ रही है, जो रोजाना बसों के सहारे स्कूल, कॉलेज और कार्यालय पहुंचते हैं।
रूट बंद होने और बसों को क्लब करके चलाने से कई क्षेत्रों में नियमित बस सेवा प्रभावित हो रही है। यात्रियों को बसों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि कुछ रूटों पर उपलब्ध बसों में भीड़ बढ़ने की आशंका है। ग्रामीण क्षेत्रों में एचआरटीसी की बसें आम लोगों के आवागमन का प्रमुख साधन हैं। ऐसे में बसों का संचालन प्रभावित होना लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर सीधा असर डाल रहा है।
विडंबना यह है कि प्रदेश सरकार ने नाहन डिपो को ई-डिपो बनाने की घोषणा की थी और इसके तहत डिपो को 25 बसें भी मिली थीं। लेकिन इसके बाद इनमें से 17 बसें वापस लेकर प्रदेश के दूसरे डिपो को भेज दी गईं। ऐसे में नाहन डिपो में बसों की उपलब्धता का संकट फिर खड़ा हो गया। अब टायरों की कमी ने रही-सही कसर भी पूरी कर दी है।
सवाल यह है कि जब डिपो में उपलब्ध बसों को सड़कों पर उतारने के लिए जरूरी टायर ही नहीं हैं, तो यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा देने के दावे धरातल पर कैसे उतरेंगे?नाहन डिपो में टायरों की कमी का संकट करीब एक सप्ताह से बना हुआ है। इसके बावजूद समस्या का समय रहते समाधान नहीं हो पाने से बसों का संचालन प्रभावित हुआ है।
यदि जल्द पर्याप्त टायर और जरूरी स्पेयर पार्ट्स उपलब्ध नहीं करवाए गए, तो बंद पड़े रूटों को बहाल करना चुनौती बन सकता है। इसका खामियाजा उन यात्रियों को भुगतना पड़ेगा, जिनके पास आवागमन के लिए एचआरटीसी के अलावा सीमित विकल्प हैं।
उधर, इस संबंध में नाहन डिपो के उपमंडल प्रबंधक रामदयाल ने टायरों की कमी के चलते 11 बसें खड़ी होने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि टायर उपलब्ध होते ही सभी रूट बहाल कर दिए जाएंगे।