ऐतिहासिक नाहन में वामन द्वादशी पर्व की धूम, सदियों पुरानी परंपरा का हुआ निर्वाह

नाहन में वामन द्वादशी का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। भगवान की पालकियों के नगर भ्रमण ने पूरे शहर को भक्तिमय बना दिया और मेले ने उत्सव का रंग भर दिया।

नाहन

पालकियों का नगर भ्रमण
शहर के विभिन्न मंदिरों से नौ पालकियां शोभायात्रा में शामिल हुईं। श्री जगन्नाथ, श्री लक्ष्मी नारायण, श्री रघुनाथ, सनातन धर्म, नौनी का बाग और शिव मंदिर रानीताल सहित सभी मंदिरों से सुसज्जित पालकियां निकलीं और हजारों श्रद्धालु उनमें शामिल हुए।

मौसम ने बढ़ाया उत्साह
लगातार बारिश के बाद साफ मौसम ने श्रद्धालुओं का उत्साह दोगुना कर दिया। जयघोषों से पूरा नाहन शहर गूंज उठा और भक्त कंधों पर पालकियां उठाकर आगे बढ़ते रहे।

मेले का आयोजन
पक्का टैंक महादेव मंदिर के पास भव्य मेले का आयोजन हुआ। यहां श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर वामन भगवान का आशीर्वाद लिया।

सदियों पुरानी परंपरा
स्थानीय लोगों का मानना है कि यह परंपरा रियासत काल से चली आ रही है। करीब 300 साल पुराने इस मेले ने उत्तर भारत के वामन द्वादशी पर्वों में नाहन को एक अलग पहचान दी है।