‘ऑपरेशन रक्षा सूत्र’ में पेड़ों से चिपकीं महिलाएं, नारीवाला में कटान रुका
Himachalnow / पांवटा साहिब
पांवटा साहिब के नारीवाला में सड़क निर्माण के लिए प्रस्तावित पेड़ों की कटाई का विरोध हुआ। महिलाओं ने पेड़ों से चिपककर कार्रवाई रुकवा दी। ग्रामीणों ने पर्यावरण संरक्षण के साथ वैकल्पिक मार्ग की मांग उठाई।
पांवटा साहिब
पांवटा साहिब उपमंडल के नारीवाला में प्रस्तावित सड़क निर्माण को लेकर बुधवार को उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया
पांवटा साहिब उपमंडल के नारीवाला में प्रस्तावित सड़क निर्माण को लेकर बुधवार को उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब वन निगम की टीम और ठेकेदार पेड़ों की कटाई के लिए मौके पर पहुंचे, लेकिन स्थानीय ग्रामीण महिलाओं ने ‘ऑपरेशन रक्षा सूत्र’ के तहत पेड़ों से चिपककर पूरी कार्रवाई रुकवा दी। महिलाओं के कड़े विरोध के चलते टीम को बिना कटान किए वापस लौटना पड़ा।
जानकारी के अनुसार नारीवाला से जम्बू खाले तक प्रस्तावित सड़क निर्माण के लिए वन क्षेत्र के 100 से अधिक पेड़ों के कटान का प्रस्ताव है
जानकारी के अनुसार नारीवाला से जम्बू खाले तक प्रस्तावित सड़क निर्माण के लिए वन क्षेत्र के 100 से अधिक पेड़ों के कटान का प्रस्ताव है। जैसे ही वन निगम और ठेकेदार की टीम मौके पर पहुंची, तीन पंचायतों से बड़ी संख्या में महिलाएं और ग्रामीण एकत्र हो गए। महिलाओं ने उत्तराखंड के ऐतिहासिक चिपको आंदोलन की तर्ज पर पेड़ों से लिपटकर कटाई का विरोध किया और साफ कहा कि पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलाने से पहले उन्हें उनके विरोध का सामना करना होगा।
ग्रामीणों का कहना है कि विकास के नाम पर पर्यावरण से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा
ग्रामीणों का कहना है कि विकास के नाम पर पर्यावरण से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उनका आरोप है कि सड़क निर्माण के लिए जिस रूट का चयन किया गया है, उससे क्षेत्र के हरे-भरे पेड़ों पर सीधा खतरा मंडरा रहा है। महिलाओं ने कहा कि ये पेड़ केवल लकड़ी नहीं, बल्कि गांव की सांस, छांव और आने वाली पीढ़ियों की धरोहर हैं।
समाजसेवी नाथूराम चौहान ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पेड़ काटना किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा
समाजसेवी नाथूराम चौहान ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पेड़ काटना किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कई पेड़ों को पहले ही दवाइयां डालकर सुखाने की कोशिश की जा रही है, जो बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जबरन कटाई की कोशिश की, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क निर्माण के लिए कोई वैकल्पिक मार्ग तलाशा जाए
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क निर्माण के लिए कोई वैकल्पिक मार्ग तलाशा जाए, ताकि विकास कार्य भी हो और पर्यावरण का संतुलन भी बना रहे। इस मौके पर अनिल चौधरी, ओम प्रकाश, जगीरी चौधरी, साधु राम, मोहन लाल, राजेश्वर शर्मा, चंपा देवी, सुनीता देवी, रेखा शर्मा और सरना राम सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।