लेटेस्ट हिमाचल प्रदेश न्यूज़ हेडलाइंस

कपाट खुलते ही शिरगुल महाराज मंदिर चूड़धार की यात्रा शुरु

SAPNA THAKUR | 17 अप्रैल 2022 at 1:06 pm

Share On WhatsApp Share On Facebook Share On Twitter

HNN/ संगड़ाह

उपमंडल संगड़ाह के अंतर्गत आने वाली जिला की सबसे ऊंची चूड़धार चोटी पर स्थित शिरगुल महाराज मंदिर के कपाट खुलते ही यहां श्रद्धालुओं की भीड़ जुटाना शुरु हो गई है। वीकेंड के चलते बाहरी राज्यों से भी काफी श्रद्धालु अथवा पर्यटक नौहराधार के रास्ते से शिरगुल महाराज के दर्शन के लिए चूड़धार की यात्रा पर निकले। गौरतलब है कि, हिमाचल के प्रमुख आस्था स्थलों में शामिल चुड़धार में हर साल लाखों श्रदालु अपने अराध्य देव शिरगुल महाराज के दर्शन करने पहुंचते है।

छुट्टी तथा विशेष धार्मिक अवसर पर चुडधार में श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है और कई लोग मौज मस्ती करने भी आते हैं। नौहराधार से करीब 15 किलोमिटर की पैदल यात्रा कर श्रदालु चुडधार पहुंचते है। करीब 12 हजार फुट ऊंची इस चोटी पर अभी भी काफी बर्फ मौजूद है। जमनाला से आगे रास्ते मे कई जगह बर्फ करीब तीन से चार फुट जमी हुई है। बाहरी इलाकों के कुछ श्रद्धालु बर्फ पर नही चल पाते और यहीं से लौट आते हैं।

हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें: Join WhatsApp Group

केंद्र सरकार द्वारा यदि जल्द 250 करोड़ के प्रस्तावित 8 किलोमिटर नौहराधार-चूड़धार रोपवे का निर्माण करवाया जाता है, तो निश्चित तौर पर बाहरी राज्य के श्रदालुओं, बुजुर्गों व दिव्यांगों को शिरगुल महाराज के दर्शन करने में आसानी होगी। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियन्ता संगड़ाह रतन शर्मा ने बताया कि, 8 किलोमीटर नौहराधार-चूड़धार मार्ग के टेंडर हो चुके हैं।

इस सड़क से आधी दूरी तक गाड़ियां जा सकेगी, हालांकि इसके बाद वन्य प्राणी क्षेत्र व जन आस्था के चलते सड़क निर्माण की अनुमती नही ली गई है। चूड़धार में बर्फ के चलते अभी भी कड़ाके की ठंड है। बाहरी राज्यों अथवा हिमाचल के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे कईं लोगों को होटल व गेस्ट हाउस आदि में कमरें नही मिलने पर मजबूरन अपनी गाड़ियों में रात गुजारनी पड़ी। नौहराधार के रास्ते में अस्थाई ढाबे खुल चुके है और ढाबा धारक भी यात्रियों को मुश्किलों को कम करने का प्रयास करते है।

छह माह बर्फ से बंद रहने वाले चूड़धार में खासकर जून माह से नवंबर माह तक भक्तो का तांता लगा रहता है। चूड़ेश्वर सेवा समिति द्वारा यहां भंडारा अगले माह से शुरु किया जाएगा। समिति के प्रबंधक बीआर शर्मा ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि, कोई रात को सफर न करें, क्योंकि यहां रात को यात्रा मे काफी जोखिम है।

हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें

ताज़ा खबरों और अपडेट्स के लिए अभी हमारे WhatsApp ग्रुप का हिस्सा बनें!

Join WhatsApp Group

आपकी राय, हमारी शक्ति!
इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया साझा करें


[web_stories title="false" view="grid", circle_size="20", number_of_stories= "7"]