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कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तार के लिए 460 करोड़ रुपये वितरित, 1899 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि शीघ्र की जाएगी वितरित

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 7 Nov 2025 • 1 Min Read

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज पर्यटन विभाग की विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि कांगड़ा हवाई अड्डे का विस्तार राज्य के पर्यटन और आर्थिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि भूमि अधिग्रहण के लिए 460 करोड़ रुपये की राशि जारी कर लाभार्थियों को वितरित की जा चुकी है, जबकि शेष 1899 करोड़ रुपये की राशि शीघ्र वितरित की जाएगी।

शिमला

मुख्यमंत्री ने कहा कि हवाई अड्डे के विस्तार से न केवल कांगड़ा बल्कि आसपास के जिलों की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। इससे राज्य में उच्च श्रेणी के पर्यटक आकर्षित होंगे और स्थानीय युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

हेलीपोर्ट परियोजनाओं की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने राज्य में हेलीपोर्ट निर्माण से जुड़ी परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि संजौली और रामपुर हेलीपोर्ट को डीजीसीए से परिचालन अनुमति मिल चुकी है और इन्हें शीघ्र चालू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने मंडी के कंगनीधार, कांगड़ा के रक्कड़ और पालमपुर, कुल्लू के सुल्तानपुर, किन्नौर के रिकांगपिओ और हमीरपुर के जसकोट में बन रहे हेलीपोर्टों को अगले वर्ष तक पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बेहतर हवाई संपर्क से हिमाचल के पर्यटन को नई दिशा मिलेगी।

औहर पर्यटन परिसर और एडीबी परियोजनाएं
ठाकुर सुक्खू ने बिलासपुर जिले में औहर पर्यटन परिसर के निर्माण कार्य की समीक्षा करते हुए कहा कि अब तक इसका 46 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। उन्होंने अधिकारियों को शेष कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने एशियाई विकास बैंक (एडीबी) द्वारा वित्त पोषित विभिन्न पर्यटन परियोजनाओं की भी समीक्षा की और कहा कि इनसे राज्य के पर्यटन ढांचे को नई ऊर्जा मिलेगी।

पर्यटन को राज्य की अर्थव्यवस्था का आधार बताया
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि पर्यटन राज्य की अर्थव्यवस्था का प्रमुख स्तंभ है। सरकार बड़े पैमाने पर पर्यटन अवसंरचना को विकसित कर रही है ताकि राज्य में आने वाले पर्यटकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हेलीकॉप्टर संचालन के लिए नए मार्गों की पहचान कर शीघ्र शुरू किया जाए जिससे पर्यटक स्थलों की पहुंच आसान हो सके।