जलस्त्रोत और पानी की पाइपें जाम, ग्रामीणों और मवेशियों के लिए पानी की समस्या…
HNN/ लाहौल
जनजातीय क्षेत्र लाहौल घाटी में कड़ाके की ठंड में पानी के पाइप भी जम गए हैं। लाहौल-स्पीति जिले की कई पंचायतों के ग्रामीण मुश्किल हालात से जूझ रहे हैं। कड़ाके की ठंड में पेयजल योजना की पाइपलाइन जम गई है, जिससे कई गांव में पानी का कोई स्रोत नहीं बचा है। बता दें कि लाहौल-स्पीति में इन दिनों रुक-रुक कर बर्फबारी का दौर लगातार जारी है जिससे तापमान माइनस में चला हुआ है।
माइनस तापमान के बीच जिला के नदी-नाले और झील-झड़ने पहले से ही जम चुके हैं। कड़ाके की ठंड के कारण घाटी में पेयजल के करीब 60 फीसदी जलस्त्रोत जम गए हैं, जिससे ग्रामीणों को अपने साथ पालतू मवेशियों के लिए पानी की व्यवस्था करना एक चुनौती बन गया है। पानी की पाइपें जम जाने से गांवों में अधिकांश नल सूख गए हैं। ग्रामीण आग जला कर पाइपों में जमी बर्फ को पिघला रहे हैं।