दो भाइयों के बीच रास्ते के विवाद के चलते देर रात तक परेशान रहे 150 कामगार
HNN/ बद्दी
कहावत है कि 2 सांडों की लड़ाई में नुक्सान झाड़ों का होता है ऐसा ही कुछ औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में फार्मा इंडस्ट्री के दो भाइयों की लड़ाई में देखने को मिल रहा है। जहां रास्ते के विवाद को लेकर 2 भाइयों की लड़ाई का खामियाजा उद्योग में काम करने वाले 150 कामगार भुगत रहे हैं जिसमें महिला कामगार भी शामिल है।
आलम यह है के बीती रात सीढ़ी लगाकर कामगारों को गेट के ऊपर से निकलकर घर पहुंचना पड़ा। मिली जानकारी के अनुसार भुड्ड की फार्मा इंडस्ट्री मेडिपोल के दो हिस्से हो गए ओर दूसरी इंडस्ट्री बनी जेपी इंडस्ट्री। उद्योग का एक हिस्सा 1 भाई के पास चला गया और दूसरा दूसरे भाई के पास और दोनों में आने-जाने के रास्ते को लेकर विवाद शुरू हो गया।
ऐसा बताया जा रहा है कि रास्ते का यह विवाद कोर्ट में भी गया है लेकिन इसकी कोई पुष्टि नहीं हुई। अब जेपी इंडस्ट्री ने आने जाने वाले 1 मुख्य गेट को ताला लगा दिया जिसके चलते मेडिपोल के कामगार अंदर फस गए। मेडिपोल को जाने का एक ओर कच्चा रास्ता भी है लेकिन मालिक उस रास्ते से जाने को कामगारों को मना करता है और उस गेट पर ताला जड़ा है।
ऐसे में जब बीती रात जेपी इंडस्ट्री ने उस गेट को ताला लगा दिया जिस गेट से मेडिपोल के वर्कर जा रहे थे तो 150 से अधिक कामगार अंदर ही फस गए। जेपी इंडस्ट्री प्रबन्धन का कहना है के यह गेट उनका है ओर यहां से मेडिपोल इंडस्ट्री के कामगारों को नहीं जाने देने के आर्डर मालिक से हुए है।
जेपी इंडस्ट्री के मालिक का कहना है के जब उद्योग का बटवारा हुआ तो यह गेट उनका था और मेडिपोल ने दूसरे गेट से रास्ता बनाना था। उधर मेडिपोल इंडस्ट्री के मालिक का कहना है के मामला कोर्ट में है। बीती रात भी जेपी इंडस्ट्री द्वारा गेट पर ताला जड़ने के बाद मेडिपोल के मालिक ने सीढ़ी लगाकर गेट के ऊपर से जाने के आदेश कर्मचारियों को दिए।
उधर अब दोनों भाइयों की लड़ाई में कामगार पीस रहे हैं, छुट्टी होने के बाद भी मेडिपोल के 150 कामगार देर रात तक घर पहुंचने के लिए जुझते रहे। सबसे अधिक परेशानी महिला कामगारों को पेश आ रही है। उधर कामगारों ने बीती रात पुलिस को भी फोन किया, पुलिस मौके पर गई तो सही पर गेट नहीं खुलवा पाई। अब इस रास्ते के विवाद ओर दो भाइयों की लड़ाई में कामगार पीसने को मजबूर हैं। क्योंकि रोजाना सुबह शाम भी सीढ़ी चढ़कर गेट के ऊपर से निकलना भी मुश्किल है।

