जेल में बंद खूंखार कैदी ने रची अधीक्षक को मरवाने की साजिश, रिकॉर्डिंग से हुआ पर्दाफाश
दूसरे कैदी की सतर्कता से सामने आई खूंखार कैदी की चाल, पुलिस ने पकड़ा ‘सुपारी किलर
हिमाचल नाऊ न्यूज़ नाहन:
आदर्श केंद्रीय जेल नाहन के अधीक्षक भानु प्रताप शर्मा को जान से मारने की धमकी देने के सनसनीखेज मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। यह साजिश जेल के अंदर से किसी मोबाइल फोन से नहीं, बल्कि कैदियों के लिए उपलब्ध एसटीडी सुविधा के जरिए रची गई थी।
समय रहते एक दूसरे कैदी की सतर्कता और जेल प्रशासन की तत्परता से यह बड़ी साजिश नाकाम हो गई। सिरमौर पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को पंचकूला से गिरफ्तार किया है।पुलिस के अनुसार, जेल में बंद विचाराधीन कैदी अजय उर्फ ‘मेंटल’ ने एसटीडी फोन से अपने साथी विशाल उर्फ बंबईया से संपर्क किया था।
बातचीत के दौरान अजय ने जेल अधीक्षक को खत्म करने की बात कही। संयोग से, एक अन्य कैदी ने यह बातचीत सुन ली और तुरंत इसकी सूचना जेल अधीक्षक भानु प्रताप शर्मा को दी।इसके बाद जेल प्रशासन ने एसटीडी कॉल की रिकॉर्डिंग की जांच की, जिसमें पूरी साजिश का खुलासा हुआ।
यह जानकारी तुरंत पुलिस को दी गई और तीन दिन पहले नाहन थाने में केस दर्ज किया गया। यह बात सामने आई है कि अगर यह बातचीत मोबाइल फोन पर हुई होती तो शायद यह साजिश उजागर न हो पाती।
एसटीडी सुविधा की रिकॉर्डिंग और सीमित नंबरों की वजह से ही यह साजिश पकड़ी जा सकी।मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस चौकी गुन्नूघाट के प्रभारी सुरेश मेहता के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया।
टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और कॉल रिकॉर्डिंग के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी विशाल उर्फ बंबईया को पंचकूला-चंडीगढ़ बॉर्डर से गिरफ्तार कर लिया।एसपी सिरमौर एन.एस. नेगी ने बताया कि विशाल से पूछताछ जारी है और जल्द ही इस साजिश में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जाएगी।

उन्होंने बताया कि मुख्य आरोपी अजय उर्फ ‘मेंटल’ पर पहले से ही कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। यह घटना जेल के सुरक्षित संचार तंत्र और कैदियों के बीच सहयोग के महत्व को दर्शाती है।