HNN/मंडी
जिला मंडी के विशाल उत्तरकाशी में निर्माणाधीन टनल में 17 दिन तक फंसे रहने के बाद आज शुक्रवार को अपने गांव बंगोट पहुंच गए हैं। विशाल के घर पहुंचने की खुशी में उसकी मां उर्मिला ने आरती उतार कर उसका स्वागत किया और उसकी रक्षा की कामना की। बता दें कि बेटे के स्वागत के लिए गांव में विशेष आयोजन किया गया।
इस दौरान बेटे के घर पहुंचने पर परिजनों ने नाच-गाकर अपनी खुशी जाहिर की। साथ ही जमकर खूब आतिशबाजी हुई। वहीं विशाल की दादी भी खुशी में खूब झूमीं।विशाल के घर पहुंचने का मां उर्मिला और दादी गरवधनू सहित पूरा परिवार बेसब्री से इंतजार कर रहा था। अब विशाल के सुरक्षित पहुंचने पर घर में जश्न का महौल है।
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें: Join WhatsApp Group
बातचीत में विशाल ने बताया कि वह पूरी तरह से स्वस्थ है। घर वापस लौटने के बाद नौकरी के सवाल पर विशाल ने बताया कि स्थानीय स्तर पर नौकरी नहीं मिली तो फिर से खतरों के बीच काम करना पड़ेगा। बता दें कि वह शार्टकिट मशीन ऑपरेटर है और उसका काम टनल में होता है। उन्होंने कहा कि ऐसे में रोजगार के लिए उसे फिर दोबारा उत्तराखंड जाना पड़ सकता है।
लेकिन परिजन उसे अब दोबारा टनल के भीतर काम करने के लिए भेजने को तैयार नहीं हैं। विशाल की दादी ने साफ कहा है कि वह पोते को इस काम के लिए नहीं भेजेंगी। 17 दिन टनल में फंसे रहना और जीवित बाहर निकलना परमात्मा की मेहर है।
📢 लेटेस्ट न्यूज़
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें
ताज़ा खबरों और अपडेट्स के लिए अभी हमारे WhatsApp ग्रुप का हिस्सा बनें!
Join WhatsApp Group





