टोरंटो एयरपोर्ट पर डेल्टा एयरलाइंस का विमान दुर्घटनाग्रस्त, सभी यात्री सुरक्षित लेकिन 15 घायल

लैंडिंग के दौरान बड़ा हादसा, विमान नियंत्रण खोकर पलटा

टोरंटो पियर्सन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मंगलवार को एक बड़ा हवाई हादसा हुआ। डेल्टा एयरलाइंस की फ्लाइट संख्या 4819, जो मिनियापोलिस-सेंट पॉल एयरपोर्ट से टोरंटो के लिए रवाना हुई थी, लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गई। विमान में कुल 80 लोग सवार थे, जिनमें 76 यात्री और 4 चालक दल के सदस्य शामिल थे। राहत की बात यह रही कि सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन हादसे में 15 लोग घायल हो गए।

कैसे हुआ हादसा? विमान लैंडिंग के दौरान पलटा

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस विमान का संचालन एंडेवर एयर द्वारा डेल्टा ब्रांड के तहत किया जा रहा था। जब विमान टोरंटो पियर्सन हवाई अड्डे पर लैंड करने की कोशिश कर रहा था, तभी उसने नियंत्रण खो दिया और रनवे पर पलट गया। इस अप्रत्याशित घटना के कारण एयरपोर्ट पर हड़कंप मच गया।

घायलों की स्थिति, बच्चा और वृद्ध यात्री गंभीर रूप से घायल

इस हादसे में 15 लोग घायल हुए हैं, जिनमें एक बच्चा भी शामिल है। सबसे अधिक गंभीर रूप से घायल एक 60 वर्षीय व्यक्ति को टोरंटो के सेंट माइकल्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि एक अन्य व्यक्ति को सनीब्रुक हेल्थ साइंसेज सेंटर में इलाज के लिए भेजा गया है। बाकी घायलों को प्राथमिक उपचार देकर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

रेस्क्यू ऑपरेशन: त्वरित बचाव अभियान से टला बड़ा खतरा

हादसे के तुरंत बाद टोरंटो पियर्सन एयरपोर्ट पर फायर फाइटर, पैरामेडिकल स्टाफ और बचाव दल सक्रिय हो गया। मौके पर पहुंचकर उन्होंने तुरंत राहत अभियान शुरू किया और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। एयरपोर्ट प्रशासन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और सभी यात्रियों व चालक दल के बारे में जानकारी जुटा ली गई है।

दुर्घटना की जांच: क्या तकनीकी खराबी थी कारण?

अमेरिकी संघीय उड्डयन प्रशासन (FAA) ने पुष्टि की है कि यह दुर्घटना स्थानीय समयानुसार दोपहर 2:45 बजे हुई। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि लैंडिंग के दौरान विमान किस कारण पलटा। कनाडा का परिवहन सुरक्षा बोर्ड इस मामले की पूरी जांच कर रहा है।

जांचकर्ताओं का मुख्य ध्यान इस बात पर है कि क्या यह हादसा तकनीकी खामी, पायलट की गलती या मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण हुआ। विशेष रूप से लैंडिंग के समय की स्थिति, विमान की तकनीकी स्थिति और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से हुई बातचीत को ध्यान में रखा जा रहा है।