डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर ठगों ने सेवानिवृत्त कर्मचारी से 6.5 लाख रुपये ठगे
अम्ब उपमंडल में साइबर ठगी का गंभीर मामला सामने आया है, जहां ठगों ने पुलिस कार्रवाई और डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर एक सेवानिवृत्त कर्मचारी को झांसे में ले लिया। मानसिक दबाव में आकर पीड़ित ने अपनी जीवन भर की बचत ठगों के खाते में ट्रांसफर कर दी।
ऊना/अम्ब
पुलिस अधिकारी बनकर की कॉल, बड़े फ्रॉड का डर दिखाया
साइबर अपराधियों ने अम्ब उपमंडल निवासी सेवानिवृत्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को एक अनजान नंबर से कॉल की। कॉल करने वाले ने खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए दावा किया कि दिल्ली स्थित केनरा बैंक में 6.5 करोड़ रुपये के बड़े फ्रॉड की जांच चल रही है, जिसमें 243 लोगों के नाम सामने आए हैं और पीड़ित का नाम भी उसमें शामिल है।
डुप्लीकेट सिम और अपराधों में इस्तेमाल का आरोप
ठगों ने पीड़ित को बताया कि उसके नाम से एक डुप्लीकेट सिम जारी हुई है, जिसका उपयोग डकैती और अन्य आपराधिक गतिविधियों में किया गया है। इस आरोप से पीड़ित पूरी तरह घबरा गया और खुद को निर्दोष साबित करने की कोशिश करने लगा।
वीडियो कॉल पर वर्दीधारी ठगों ने बनाया भरोसा
पीड़ित को विश्वास में लेने के लिए ठगों ने वीडियो कॉल की। वीडियो में वे पुलिस की वर्दी में नजर आए, कंधों पर स्टार लगे थे और पीछे पुलिस थाना जैसा माहौल दिखाया गया। इससे पीड़ित को यह यकीन हो गया कि कॉल वास्तव में पुलिस की ओर से की जा रही है।
गिरफ्तारी और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी
ठगों ने गिरफ्तारी का डर दिखाते हुए कहा कि यदि वह तुरंत 6.5 लाख रुपये जमा नहीं करता तो उसे हिरासत में ले लिया जाएगा। साथ ही यह भी धमकी दी गई कि यदि उसने किसी को इस बारे में बताया तो उसके परिवार की जान को खतरा हो सकता है।
एफडी तुड़वाकर खाते से निकालकर ट्रांसफर की रकम
मानसिक दबाव और भय के कारण पीड़ित हिमाचल से अमृतसर पहुंचा, जहां उसने अपनी 5 लाख रुपये की एफडी तुड़वाई और शेष राशि बचत खाते से निकालकर कुल 6.5 लाख रुपये ठगों द्वारा बताए गए खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए।
साइबर ठगी का शिकार, जांच की तैयारी
बाद में जब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ, तब उसने परिजनों को जानकारी दी। मामला साइबर अपराध से जुड़ा होने के चलते जांच की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की जा रही है। पुलिस की ओर से लोगों से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार की डिजिटल अरेस्ट, पुलिस कार्रवाई या बैंक फ्रॉड के नाम पर आने वाली कॉल से सावधान रहें और तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें।