HNN/ काँगड़ा
जिला मजिस्ट्रेट कांगड़ा डॉ निपुण जिंदल द्वारा आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 28 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए डीसीएचसी परौर में पड़े उपकरणों को सिविल अस्पताल पालमपुर में स्थानांतरित करने के आदेश दिए हैं और इसे 31 मार्च 2022 से पहले चालू करने के निर्देश दिए हैं। उपायुक्त ने चिकित्सा अधीक्षक सिविल अस्पताल पालमपुर और चिकित्सा अधीक्षक मेकशिफ्ट अस्पताल परौर को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि उपकरण कम से कम टूट-फूट के साथ स्थानांतरित किए जाएं और बेहतर ढंग से काम करें।
अतिरिक्त सामान जो सिविल अस्पताल पालमपुर में आवश्यक नहीं है जैसे पूर्वनिर्मित दीवार फिटिंग आदि इन्हें मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा कुष्ठ अस्पताल कंडबाड़ी में स्टॉक किया जाएगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी, कांगड़ा यह सुनिश्चित करेंगे कि कुष्ठ रोग अस्पताल कंडबाड़ी में संरचनाओं का निर्माण जल्द से जल्द सरकार के निर्देश के अनुसार शुरू किया गया है। डीसीएचसी परौर से सीएच पालमपुर में अतिरिक्त आंतरिक सुविधा में उपकरणों को स्थानांतरित करने के उद्देश्य से समिति को अधिसूचित किया गया है।
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उपायुक्त ने कहा कि राधा स्वामी सत्संग ब्यास, परौर के अनुरोध पर हिमाचल प्रदेश, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग द्वारा राधा स्वामी सत्संग कॉम्प्लेक्स, परौर में अस्थायी समर्पित कोविड स्वास्थ्य केंद्र को 7 मार्च से बंद करने का निर्णय लिया गया है और मुख्य चिकित्सा अधिकारी, कांगड़ा को डीसीएचसी परौर में भर्ती हुए चार मरीजों को कुष्ठ अस्पताल कंडवाड़ी में शिफ्ट करने और आरएसएसबी, परौर कंपलेक्स को बिना किसी देरी के खाली करने के लिए अधिसूचना में निर्देशित किया गया है।
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