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थेरेपी ऑन व्हील्स / अब चंबा के दूरदराज गांवों में दिव्यांग बच्चों के लिए घर द्वार पर मिलेगी फिजियोथेरेपी सेवा

हिमाचलनाउ डेस्क | 24 जनवरी 2025 at 5:03 am

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दिव्यांग बच्चों के लिए नई सुविधा
चंबा जिला में अब दिव्यांग बच्चों को उनके घर द्वार पर निशुल्क थेरेपी सेवाएं मिलेंगी। यह अनोखी पहल एनएचपीसी चमेरा चरण दो और साफिया फाउंडेशन के संयुक्त प्रयास से शुरू की गई है। इस पहल के तहत एक ‘थेरेपी बस’ को उपमंडल अधिकारी प्रियांशु खाती ने हरि छंडी दिखाकर रवाना किया। इस बस से चंबा जिले के दूरदराज इलाकों में रहने वाले दिव्यांग बच्चों को लाभ मिलेगा।

बस के माध्यम से डोर-टू-डोर थेरेपी
एनएचपीसी द्वारा सीएसआर के तहत दी गई इस थेरेपी बस से चंबा जिले के उन क्षेत्रों को विशेष लाभ होगा जहां तक अस्पतालों और विशेष चिकित्सा सेवाओं का पहुंचना कठिन होता है। उपमंडल अधिकारी प्रियांशु खाती ने कहा कि यह बस दिव्यांग बच्चों को फिजियोथेरेपी की सुविधा प्रदान करेगी, खासकर उन क्षेत्रों में जहां लोग अस्पताल तक नहीं पहुंच पाते। यह सेवा बच्चों के लिए दरवाजे तक पहुंचाई जाएगी, जिससे उनकी चिकित्सा जरूरतें पूरी हो सकेंगी।

दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष पहल
एनएचपीसी चमेरा चरण दो के महाप्रबंधक उमेश कुमार नंद ने बताया कि यह प्रोजेक्ट चंबा जिले में दिव्यांग बच्चों के लिए एक विशेष पहल है। यह थेरेपी बस एक साल तक चलने वाली है और इसमें विशेष रूप से उन बच्चों को ध्यान में रखा जाएगा जो सामान्य उपचार सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं। यह पहल चंबा जैसे दूरदराज और पिछड़े इलाकों में बच्चों के विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।

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मुख्य चिकित्सा अधिकारी की सराहना
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर विपिन ठाकुर ने बताया कि यह थेरेपी बस जिला अस्पताल चंबा के समन्वय से चलेगी। बस का रूट प्लान तैयार किया जाएगा और आम जनता को इसकी जानकारी दी जाएगी। इस विशेष फिजियोथेरेपी एंबुलेंस में सभी आवश्यक उपकरण लगे हैं, जो बच्चों को विभिन्न शारीरिक समस्याओं, जैसे सेरेब्रल पाल्सी और मसल डिस्ट्रॉफी, में सहायता प्रदान करेंगे।

सभी जिलों में विस्तार की योजना
साफिया फाउंडेशन ने ‘थेरेपी ऑन व्हील्स’ को हिमाचल प्रदेश के अन्य जिलों में भी लागू करने की योजना बनाई है। इस पहल को कुल्लू मॉडल के रूप में देखा जा रहा है, जिसे अब चंबा में शुरू किया गया है और भविष्य में अन्य जिलों में भी विस्तार किया जाएगा। यह पहल दिव्यांग बच्चों के लिए एक महत्वपूर्ण चिकित्सा सुविधा के रूप में कार्य करेगी और राज्य भर में इसे और बढ़ाया जाएगा।

समाज में बदलाव की दिशा
यह पहल चंबा जिले के लिए एक बड़ी सामाजिक और चिकित्सा सुधार की दिशा में कदम है, जो दिव्यांग बच्चों को उनके घरों तक उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएं पहुंचाने में मदद करेगी। यह पहल न केवल दिव्यांग बच्चों के जीवन को बेहतर बनाएगी, बल्कि समुदाय के बीच जागरूकता और सहायक सेवाओं के लिए एक नया मार्ग प्रशस्त करेगी।

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