नाबालिग युवती के अपहरण व उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में 2 दोषियों को 20 वर्ष की कैद
HNN/मंडी
विशेष न्यायाधीश पोक्सो जिला मंडी की अदालत ने नाबालिग लड़की के खिलाफ साजिश करने, शादी के इरादे से अपहरण करने और गंभीर यौन उत्पीड़न के 2 दोषियों को विभिन्न धाराओं के तहत सजा सुनाई है।
दोनों आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी के तहत 20 वर्ष के कठोर कारावास के साथ 5000 रुपए जुर्माना व जुर्माना न अदा करने कि सूरत में एक वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना पड़ेगा। इसके साथ भारतीय दंड संहिता की धारा 363 के तहत 3 वर्ष के कठोर कारावास के साथ 5000 रुपए जुर्माना व जुर्माना न अदा करने कि सूरत में 1 वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
धारा 366 के तहत 3 वर्ष के कठोर कारावास व 5 हजार रुपए जुर्माना तथा जुर्माना न अदा करने की सूरत में एक वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। इसके अलावा पोक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत 20 वर्ष का कठोर कारावास व 50 हजार रुपए जुर्माना व जुर्माना न अदा करने कि सूरत में 3 वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। उपरोक्त सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
जिला न्यायवादी मंडी विनोद भारद्वाज ने बताया कि 14 अगस्त, 2022 को 17 वर्षीय नाबालिग लड़की के पिता ने पुलिस थाना गोहर में बयान कलमबद्ध करवाया था कि उसकी बेटी 12 अगस्त, 2022 को रात करीब साढ़े 10 बजे घर से लापता है।
छानबीन के दौरान लड़की की बहन ने बताया कि 10 अगस्त, 2022 को जब वह स्कूल से आ रही थी तब रास्ते में उसे 2 लड़के मिले थे जोकि हरियाणा और आगरा (उत्तर प्रदेश) से हिमाचल प्रदेश में सामान बेचने आए थे और उसकी बड़ी बहन (पीड़िता) के बारे में पूछ रहे थे। उसके बाद ही 12 अगस्त, 2022 को पीड़िता घर से लापता थी।
छानबीन के दौरान पाया गया कि आरोपी नाबालिग लड़की को शादी का झांसा देकर जबरदस्ती पंजाब ले गए थे, जहां पर उसका यौन उत्पीड़न किया। मामले के संबंध में पुलिस थाना गोहर में दोषियों के खिलाफ 14 अगस्त, 2022 को मामला दर्ज किया था।
उक्त मामले में अभियोजन पक्ष ने अदालत में 23 गवाहों के बयान कलमबद्ध करवाए थे। उक्त मामले में सरकार की तरफ से पैरवी उप जिला न्यायवादी नितिन शर्मा द्वारा की गई।