बच्चों की सनातनी परंपरा के प्रति आसक्ति से आत्मविश्वास होता है दृढ़- प्रो.अमर सिंह
HNN/नाहन
नाहन विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत वीरवार को निहोग में सत्यनारायण कथा व साईं कीर्तन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को अपने बुजुर्गों व पूर्वजों के प्रति आसक्ति और सेवा भाव के साथ निष्ठा पैदा करना थ।

असल में वेदाचार्य पंडित गणेश दत्त के द्वारा उनकी माता स्वर्गीय पार्वती देवी की चौबर्षी के उपलक्ष पर माता-पिता सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया था। यह अपने आप में पहला ऐसा आयोजन था जिसमें माता-पिता और पूर्वजों को सनातनी परंपरा के अनुसार युवा पीढ़ी को अवगत कराया गया।

आयोजित कार्यक्रम में राजकीय प्राथमिक एवं उच्च विद्यालय नियोग के छोटे बच्चे और बच्चियों सहित पंचायत के सैकड़ो लोगों ने अपनी उपस्थिति भी दर्ज करी। इस मौके पर श्री सत्य साईं समिति नहान समिति नाहन की ओर से प्रोफेसर अमर सिंह चौहान, जय पाराशर, सांई भगत अनूप भटनागर, विजय सैनी, अनिल कौशिक ,जया चौहान, निर्मल पाराशर, रजनी चौहान, कविता, प्रेमलता, स्वीटी, कुसुम तथा निरुपमा जोशी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

साईं समिति के सदस्यों के द्वारा सांई राम भक्ति का ऐसा संकीर्तन किया, जिसमें उपस्थित भक्त जनों ने जमकर भक्ति रस का पान किया। वहीं सांई कीर्तन से पहले पंडित प्रीत मोहन शर्मा व उनके सहयोगियों के द्वारा श्री सत्य सत्यनारायण जी की कथा का आयोजन किया। वेदाचार्य पंडित गणेश दत्त ने बताया कि आज समाज में युवा पीढ़ी को सही मार्ग दिखलाने की सख्त जरूरत है। उन्होंने बताया कि बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ सनातनी परंपराओं से अवगत कराना भी जरूरी है।

उन्होंने कहा कि बच्चे यदि शिक्षा के साथ-साथ सनातनी धार्मिक आयोजनों में हिस्सा लेंगे तो निश्चित ही उनका ध्यान नशा जैसी आदि व्याधियों पर बिल्कुल भी नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि बच्चों के अच्छे भविष्य में माता-पिता के साथ-साथ शिक्षकों का भी महत्वपूर्ण रोल होता है। उन्होंने कहा कि इस धार्मिक आयोजन में बच्चों की एकाग्रता को देखकर यह विश्वास पैदा होता है कि यह बच्चे आने वाले समय में दूसरों के लिए भी प्रेरणा स्रोत बनेंगे और मजबूत समाज का निर्माण करेंगे।

वहीं प्रोफेसर अमर सिंह ने कहा की यदि बच्चों के प्रति अभिभावक ध्यान नहीं देंगे और वह यदि रास्ते से भटक जाते हैं तो न केवल माता-पिता बल्कि वह समाज के लिए भी पीड़ा जनक होते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा में अच्छे अंक लेना अच्छी बात है। मगर समाज में एक अच्छा इंसान बनना भी बहुत जरूरी है। इस मौके पर अध्यापक सतपाल सिंह, मोहनलाल शर्मा, अमरनाथ शर्मा, चेतन, मुकेश, सुवंश, इशिता, काम्या, मीरा, पूजा तथा ज्योति आदि भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

