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  • पांवटा साहिब की तिरुपति लाइफ साइंस फैक्ट्री में गैस रिसाव, आठ कर्मचारी प्रभावित

    पांवटा साहिब की तिरुपति लाइफ साइंस फैक्ट्री में गैस रिसाव, आठ कर्मचारी प्रभावित

    स्टोर टैंक से मिथाइलीन डाइक्लोराइड लीक होने से हड़कंप, प्रबंधन पर लापरवाही का मामला दर्ज

    पांवटा साहिब।

    जिला सिरमौर के औद्योगिक क्षेत्र पांवटा साहिब स्थित तिरुपति लाइफ साइंस में शनिवार शाम स्टोर टैंक से मिथाइलीन डाइक्लोराइड गैस के रिसाव से सनसनी फैल गई। गैस की चपेट में आने से फैक्ट्री के आठ कर्मचारी प्रभावित हो गए, जिनमें से चार का उपचार गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) में चल रहा है।

    घटना के बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई और कर्मचारियों को तत्काल बाहर निकाला गया। प्रभावित कर्मचारियों को सिविल अस्पताल पांवटा साहिब पहुंचाया गया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार दो कर्मचारियों की हालत सामान्य है, जबकि दो को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।

    प्रभावित कर्मचारियों में महेश, खुशबू, पूजा, सुमन, शबाना, मनीषा और सीमा सहित अन्य शामिल हैं। सभी में चक्कर आना, घबराहट और कमजोरी जैसे लक्षण सामने आए।

    पुलिस अधीक्षक सिरमौर निश्चित सिंह नेगी ने गैस रिसाव की पुष्टि करते हुए बताया कि उद्योग प्रबंधन के खिलाफ लापरवाही की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। प्रारंभिक जांच में गैस रिसाव स्टोर टैंक से होना सामने आया है।

    पुलिस एवं संबंधित विभाग तकनीकी कारणों और सुरक्षा मानकों के पालन की जांच में जुटे हैं।
    प्राप्त जानकारी के अनुसार मिथाइलीन डाइक्लोराइड एक अत्यंत वाष्पशील रासायनिक पदार्थ है, जिसका उपयोग औद्योगिक प्रक्रियाओं में विलायक के रूप में किया जाता है।

    अधिक मात्रा में इसके संपर्क में आने पर सांस संबंधी दिक्कत, चक्कर, बेहोशी और गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में इस रसायन के भंडारण और सुरक्षा प्रबंधन को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।

    घटना ने औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। स्थानीय लोगों और कर्मचारियों के परिजनों में रोष है तथा वे फैक्ट्री में सुरक्षा इंतजामों की विस्तृत और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। अब देखना होगा कि जांच में लापरवाही की परतें कितनी गहरी निकलती हैं और जिम्मेदारी किस पर तय होती है।

  • सुप्रीम कोर्ट की हिमाचल हाईकोर्ट को नसीहत, चुनी सरकार को काम करने दें

    सुप्रीम कोर्ट की हिमाचल हाईकोर्ट को नसीहत, चुनी सरकार को काम करने दें

    स्थानीय निकाय चुनाव 31 मई 2026 तक कराने की मोहलत, बार-बार हस्तक्षेप पर नाराजगी

    दिल्ली/शिमला :

    सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट को स्पष्ट शब्दों में कहा है कि चुनी हुई सरकार को काम करने दिया जाए और उसके फैसलों में बार-बार दखल उचित नहीं है। सर्वोच्च अदालत ने चेतावनी दी कि भविष्य में इस तरह के हस्तक्षेप को गंभीरता से लिया जाएगा।

    मामला हिमाचल प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनाव से जुड़ा है। सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार को राहत देते हुए चुनाव कराने की समय सीमा 31 मई 2026 तक बढ़ा दी। इससे पहले प्रारंभिक कार्यों के लिए 28 फरवरी की समयसीमा तय थी, जिसे अब बढ़ाकर 31 मार्च 2026 कर दिया गया है।

    अदालत ने निर्देश दिया कि सीमांकन और आरक्षण सहित सभी औपचारिकताएं 31 मार्च तक पूरी की जाएं और उसके बाद आठ सप्ताह के भीतर चुनाव संपन्न कराए जाएं।


    पीठ में न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची शामिल थे। सुनवाई के दौरान अदालत ने मौखिक टिप्पणी में कहा कि ऐसा प्रतीत हो रहा है कि हाईकोर्ट चुनी हुई सरकार को काम नहीं करने दे रहा है। हालांकि, अदालत ने यह भी दोहराया कि हाई कोर्ट नागरिकों के अधिकारों के संरक्षक हैं, लेकिन उन्हें कार्यपालिका के कार्य में अनावश्यक बाधा नहीं डालनी चाहिए।
    सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के उस फैसले का समर्थन किया जिसमें सीमांकन लंबित होने के आधार पर चुनाव टालने की राज्य सरकार की मांग खारिज की गई थी। अदालत ने स्पष्ट किया कि सीमांकन लंबित होना चुनाव स्थगित करने का पर्याप्त आधार नहीं हो सकता। साथ ही यह भी माना कि कार्यकाल समाप्ति के बाद समय पर चुनाव कराना संवैधानिक दायित्व है।


    प्रदेश में करीब 3,500 ग्राम पंचायतें, 90 पंचायत समितियां, 11 जिला परिषद और 71 शहरी निकायों में इस वर्ष चुनाव प्रस्तावित हैं। अदालत ने साफ किया कि तय समयसीमा के बाद किसी भी प्रकार के और विस्तार के आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा।

  • भाजपा विधायक के गढ़ सराहां में सीएम सुक्खू की एंट्री, विकास मांगों पर सियासी परीक्षा

    भाजपा विधायक के गढ़ सराहां में सीएम सुक्खू की एंट्री, विकास मांगों पर सियासी परीक्षा

    पच्छाद में पहली बार दौरा, अस्पताल और सड़क मुद्दे पर कांग्रेस-भाजपा आमने-सामने

    हिमाचल नाऊ न्यूज़ – नाहन/सराहां

    पच्छाद विधानसभा क्षेत्र के सराहां में शनिवार को उस समय खास राजनीतिक माहौल देखने को मिलेगा, जब कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पहली बार इस भाजपा विधायक वाले क्षेत्र में कदम रखेंगे। दिलचस्प बात यह है कि क्षेत्र का प्रतिनिधित्व भाजपा विधायक रीना कश्यप करती हैं और मुख्यमंत्री का यह दौरा अब विकास बनाम राजनीति की कसौटी बनता नजर आ रहा है।

    मुख्यमंत्री के दौरे से पहले ही भाजपा विधायक और मंडल पदाधिकारियों ने अपनी मांगों की सूची सार्वजनिक कर दी है। सबसे प्रमुख मांग सराहां सिविल अस्पताल को 100 बेड का दर्जा देने की है।

    भाजपा का दावा है कि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के कार्यकाल में अस्पताल को 100 बेड करने तथा डॉक्टरों और स्टाफ के पद सृजित करने की अधिसूचना जारी हुई थी, जिसे कांग्रेस सरकार ने रद्द कर दिया।

    सराहां स्थित सिविल अस्पताल पच्छाद की 34 पंचायतों, श्रीरेणुकाजी और नाहन की पंचायतों सहित हरियाणा से सटे क्षेत्रों के लिए भी स्वास्थ्य केंद्र के रूप में अहम माना जाता है।

    करीब दो लाख की आबादी इस अस्पताल पर निर्भर बताई जाती है, लेकिन लंबे समय से डॉक्टरों की कमी, अल्ट्रासाउंड सुविधा और रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति जैसे मुद्दे लंबित हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री का यह दौरा स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर बड़ी घोषणा की उम्मीदों से जुड़ गया है।

    भाजपा नेताओं ने सराहां-चंडीगढ़ सड़क की मरम्मत और चौड़ीकरण की डीपीआर को स्वीकृति देने की मांग भी प्रमुखता से उठाई है। साथ ही विद्युत बोर्ड के अधिशासी अभियंता कार्यालय को दोबारा खोलने की बात भी रखी गई है।

    साफ है कि भाजपा इस दौरे को क्षेत्रीय विकास के मुद्दों पर सरकार को घेरने और वादों की याद दिलाने के अवसर के रूप में देख रही है। हालांकि एक बहुत बड़ी बात यह भी है कि भाजपा में एकमात्र महिला विधायक जो प्रदेश में संगठन की साख बचा रही है यही नहीं जो इस संसदीय क्षेत्र के सांसद हैं वह भी भाजपा से हैं बावजूद इसके भाजपा के दिग्गज अपनी महिला नेत्री को केंद्र से कोई भी योजना इस विधानसभा क्षेत्र के लिए नहीं दिलवा पाए हैं। जबकि इस महिला विधायक के दम पर भाजपा अपने विकास का रोल मॉडल जनता को दिखा सकती थी।

    बात की जाए जिला अध्यक्ष कांग्रेस आनंद परमार की तो मुख्यमंत्री के इस विधानसभा क्षेत्र के आने में जिला अध्यक्ष की अहम भूमिका मानी जा रही है। इसके पीछे इस विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के गढ़ को फिर से मजबूती देना भी माना जा रहा है।

    दूसरी ओर कांग्रेस संगठन और जिला प्रशासन ने मुख्यमंत्री के स्वागत की तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिला कांग्रेस अध्यक्ष आनंद परमार ने बताया कि मुख्यमंत्री विभिन्न योजनाओं के शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे।

    पार्टी इसे विकासात्मक दौरे के रूप में प्रस्तुत कर रही है।अब सबकी नजर इस बात पर है कि भाजपा विधायक के विधानसभा क्षेत्र में आ रहे मुख्यमंत्री क्या घोषणाएं करते हैं।

    क्या सराहां अस्पताल को 100 बेड का दर्जा बहाल होगा? क्या सड़क चौड़ीकरण और अन्य लंबित मांगों पर मुहर लगेगी? पच्छाद की राजनीति में शनिवार का दिन विकास और सियासी संतुलन दोनों की परीक्षा माना जा रहा है।

  • काला अंब में इनकम टैक्स की बड़ी स्ट्राइक, 4 लेड उद्योगों समेत 2 दर्जन ठिकानों पर रेड

    काला अंब में इनकम टैक्स की बड़ी स्ट्राइक, 4 लेड उद्योगों समेत 2 दर्जन ठिकानों पर रेड

    फर्जी बिलिंग और जीएसटी हेरफेर की आशंका, करोड़ों की टैक्स चोरी का खुलासा संभव

    हिमाचल नाऊ न्यूज – काला अंब (सिरमौर)

    औद्योगिक क्षेत्र काला अंब में वीरवार देर शाम उस समय हड़कंप मच गया जब केंद्रीय आयकर विभाग की टीम ने एक साथ कई औद्योगिक इकाइयों और निजी ठिकानों पर दबिश दी।

    कार्रवाई मुख्य रूप से चार लेड (सीसा) उद्योगों पर केंद्रित बताई जा रही है, जिनमें राधा कृष्णा, रामा कृष्णा और एकता इंटरप्राइजेज जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। शुक्रवार देर रात तक चली कार्रवाई में दो दर्जन से अधिक अधिकारी दस्तावेजों की जांच और डिजिटल रिकॉर्ड खंगालने में जुटे रहे।

    सूत्रों के अनुसार प्रारंभिक जांच में फर्जी बिलिंग के माध्यम से बड़े पैमाने पर लेनदेन में हेरफेर की आशंका जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि कंपनियों ने कथित तौर पर कागजी फर्मों के जरिए खरीद दर्शाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लिया और वास्तविक उत्पादन व बिक्री के आंकड़ों में अंतर रखा। जांच एजेंसियां आयकर के साथ-साथ जीएसटी रिकॉर्ड की भी पड़ताल कर रही हैं, जिससे करोड़ों रुपये की संभावित टैक्स चोरी का खुलासा हो सकता है।

    जानकारी के मुताबिक टीमों ने केवल फैक्ट्रियों में ही नहीं बल्कि संबंधित उद्योगपतियों के आवासों पर भी एक साथ छापेमारी की। फैक्ट्री परिसरों को अस्थायी रूप से नियंत्रण में लेकर स्टॉक, अकाउंट बुक, कंप्यूटर हार्ड डिस्क और लेनदेन से जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए हैं। कर्मचारियों और प्रबंधन से पूछताछ भी की गई है।

    सूत्र यह भी संकेत दे रहे हैं कि जांच का दायरा लेड उद्योगों तक सीमित नहीं है और एक बायोलॉजिकल कंपनी की संभावित भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। संबंधित कंपनी के स्वामियों के परिसरों में भी दस्तावेजों की जांच जारी है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। इनकम टैक्स की टीम से बात करने की कोशिश की गई मगर उन्होंने किसी भी तरह का कोई जवाब नहीं दिया है। यही नहीं फैक्ट्री के मालिकों के मोबाइल भी इनकम टैक्स की टीम के द्वारा अपने कब्जे में लिए गए हैं।

    फिलहाल आयकर विभाग की ओर से कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है। लेकिन जिस स्तर पर समन्वित कार्रवाई की गई है, उससे संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में बड़े वित्तीय खुलासे संभव हैं। औद्योगिक क्षेत्र में इस रेड के बाद कारोबारी हलकों में हलचल बनी हुई है और सभी की निगाहें विभाग की आधिकारिक पुष्टि पर टिकी हैं।

  • 31 मई से पहले होंगे हिमाचल में पंचायती राज चुनाव, सुप्रीम कोर्ट सख्त

    31 मई से पहले होंगे हिमाचल में पंचायती राज चुनाव, सुप्रीम कोर्ट सख्त

    31 मार्च तक पूरी करनी होगी चुनाव प्रक्रिया, हाईकोर्ट के आदेश को सरकार ने दी थी चुनौती

    हिमाचल नाऊ न्यूज़ – नई दिल्ली

    हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज चुनावों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट और समयबद्ध आदेश जारी करते हुए राज्य सरकार को 31 मई से पहले चुनाव संपन्न करवाने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा है कि चुनाव से जुड़ी पूरी प्रक्रिया 31 मार्च तक पूरी की जाए, ताकि निर्धारित समय के भीतर मतदान कराया जा सके।

    यह मामला याचिकाकर्ता डिक्कन कुमार द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है। याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता नंद लाल ठाकुर ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि संवैधानिक संस्थाओं के चुनावों में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जा सकती।

    उन्होंने बताया कि अदालत ने राज्य सरकार को स्पष्ट समयसीमा देते हुए निर्देशित किया है कि निर्वाचन प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।इससे पहले हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने 30 अप्रैल तक प्रदेश में पंचायती राज चुनाव करवाने का आदेश दिया था।

    हालांकि, राज्य की कांग्रेस सरकार ने इस फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पिटिशन (SLP) दायर की थी।

    राज्य सरकार की एसएलपी पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ ने हाईकोर्ट के आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए 31 मई तक चुनाव करवाने की समयसीमा तय कर दी, जबकि प्रक्रिया 31 मार्च तक पूरी करने को कहा।

    अधिवक्ता नंद लाल ठाकुर ने बताया कि अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि पंचायती राज संस्थाएं लोकतांत्रिक व्यवस्था की जड़ हैं और इनका समय पर गठन आवश्यक है।

    उन्होंने कहा कि अब सरकार को निर्धारित अवधि में अधिसूचना, आरक्षण निर्धारण और अन्य औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद प्रदेश में पंचायत चुनावों की तैयारियां तेज होने की संभावना है।

  • हिमाचल में जारी रहेगी ओपीएस और सब्सिडी, 1066 पद भरने को कैबिनेट की मंजूरी

    हिमाचल में जारी रहेगी ओपीएस और सब्सिडी, 1066 पद भरने को कैबिनेट की मंजूरी

    आरडीजी बंद होने के बावजूद सुक्खू सरकार ने कर्मचारियों और पात्र परिवारों को दी राहत

    हिमाचल नाऊ न्यूज़ – शिमला

    राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में सुक्खू सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए स्पष्ट कर दिया है कि कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) और पात्र लोगों को दी जा रही सब्सिडी योजनाएं जारी रहेंगी।

    मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई बैठक में वित्त विभाग की प्रस्तुति पर विस्तार से चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया। सरकार ने दो साल से खाली पड़े पदों को समाप्त करने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया।

    कैबिनेट ने विभिन्न विभागों में 1066 पद भरने को मंजूरी दी है। इनमें शिक्षकों, कनिष्ठ अभियंताओं, स्वास्थ्य और तकनीकी पद शामिल हैं। प्रस्तावित सीबीएसई स्कूलों के लिए 600 पद, 190 कनिष्ठ अभियंता, औषधि प्रयोगशाला में 36 पद और अन्य विभागों में भर्ती को स्वीकृति मिली है।

    मंत्रिमंडल ने स्पष्ट किया कि रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (आरडीजी) बंद होने के बावजूद ओपीएस जारी रहेगी। सरकार ने हिमकेयर, आयुष्मान और एमआईएस जैसी योजनाएं भी जारी रखने का फैसला लिया है।

    स्वास्थ्य क्षेत्र में 1617 करोड़ रुपये की परियोजना को स्वीकृति दी गई है। अस्पतालों में आधुनिक उपकरणों की खरीद होगी और नाहन मेडिकल कॉलेज में ब्लड ट्रांसफ्यूजन विभाग स्थापित किया जाएगा।

    शिक्षा क्षेत्र में 777 अतिरिक्त स्कूलों में डिजिटल क्लासरूम बनाए जाएंगे। दिव्यांग विवाह अनुदान राशि बढ़ाकर 2 लाख रुपये तक कर दी गई है।होमगार्ड महिला स्वयंसेवकों को 26 सप्ताह का मातृत्व अवकाश देने का निर्णय भी लिया गया।

    कैबिनेट ने विधानसभा के बजट सत्र को लेकर राज्यपाल के अभिभाषण को मंजूरी दी है। बजट सत्र 16 फरवरी से शुरू होगा।बैठक के बाद उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि सरकार अपने संसाधनों से विकास की गति बनाए रखेगी और कर्मचारियों व आम जनता को राहत देने के फैसले पर अडिग है।

  • हिमाचल में अब ई-ऑक्शन से बिकेंगे शराब ठेके, न कैश न खुली बोली

    हिमाचल में अब ई-ऑक्शन से बिकेंगे शराब ठेके, न कैश न खुली बोली

    नई आबकारी नीति 2026-27 को कैबिनेट की मंजूरी, टोल बैरियर के लिए 173 करोड़ बेस प्राइस तय

    हिमाचल नाऊ न्यूज़ – शिमला

    हिमाचल प्रदेश में अब शराब ठेकों का आवंटन पूरी तरह ई-ऑक्शन प्रणाली से होगा। मंत्रिमंडल ने आबकारी नीति 2026-27 को मंजूरी देते हुए साफ कर दिया है कि न तो कैश चलेगा और न ही खुली बोली लगेगी।

    मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह बड़ा फैसला लिया गया। अब सभी ठेकों की ई-ऑक्शन एनआईसी पोर्टल के माध्यम से कराई जाएगी, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।

    सरकार ने टोल बैरियर के लिए 173 करोड़ रुपये का बेस प्राइस तय किया है। टोल और आबकारी नीति 2026-27 दोनों को एक साथ मंजूरी दी गई।
    कैबिनेट ने वेंडर पॉलिसी को भी स्वीकृति दी है।

    सरकार का मानना है कि नई ई-ऑक्शन प्रणाली से राजस्व में बढ़ोतरी होगी और अवैध हस्तक्षेप व मनमानी पर रोक लगेगी।
    बैठक के बाद मंत्रिमंडल के फैसलों की जानकारी देते हुए मंत्रियों ने कहा कि सरकार राजस्व सुदृढ़ीकरण और पारदर्शिता को प्राथमिकता दे रही है।

    सरकार का अनुमान है कि ई-नीलामी से शराब ठेकों के ठेकों की बिक्री से करीब 3,000 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त होगा, जो पिछले वर्ष के आंकड़ों से बढ़कर है। इससे पहले टेंडर-आधारित या पारंपरिक आवंटन में छुपे वित्तीय अवसर पूरी तरह उपयोग नहीं हो पा रहे थे। इस कदम को वित्तीय मजबूती और नीति-आधारित निर्णय के रूप में देखा जा रहा है।

  • सिरमौर में दर्दनाक हादसा, मंदिर से घर लौट रही महिला ट्रक के कुचले जाने से हुई मौत

    सिरमौर में दर्दनाक हादसा, मंदिर से घर लौट रही महिला ट्रक के कुचले जाने से हुई मौत

    पांवटा साहिब :

    जिला सिरमौर के पांवटा साहिब में बुधवार को दर्दनाक सड़क हादसे में एक महिला की मौत हो गई। महिला की पहचान शोभा शर्मा (58) पत्नी स्व. राकेश शर्मा निवासी वार्ड नंबर 13, जग्गा गली, बद्रीपुर, पांवटा साहिब के रूप में हुई है।

    उधर, पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने का केस दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार ये हादसा बद्रीपुर-जामनीवाला सड़क पर पेश आया।

    महिला मंदिर गई हुई थी। पूजा-अर्चना के बाद जैसे ही वह घर लौट रही थी, इसी बीच वह तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे के तुरंत बाद मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने गंभीर घायल महिला को तुरंत सिविल अस्पताल पांवटा साहिब पहुंचाया।

    प्राथमिक उपचार के बाद महिला की गंभीर हालत को देखते हुए उसे मेडिकल कालेज नाहन रेफर किया, लेकिन रास्ते में ही महिला की मौत हो गई।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

    साथ ही ट्रक चालक के खिलाफ केस दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। उधर, एसपी सिरमौर निश्चित सिंह नेगी ने हादसे में महिला की मौत की पुष्टि की है।

  • 14 फरवरी को सराहां में मुख्यमंत्री की जनसभा पच्छाद उपमंडल प्रशासन व कांग्रेस तैयारियों में जुटे

    14 फरवरी को सराहां में मुख्यमंत्री की जनसभा पच्छाद उपमंडल प्रशासन व कांग्रेस तैयारियों में जुटे

    हिमाचल नाऊ न्यूज सरांहा

    जिला सिरमौर के पच्छाद विधानसभा क्षेत्र में 14 फरवरी को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का दौरा प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री सराहां स्थित कुश्ती ग्राउंड में जनसभा को संबोधित करेंगे और क्षेत्र को विभिन्न विकास योजनाओं की सौगात देंगे।

    कार्यक्रम के दौरान लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग सहित अन्य विभागों की योजनाओं के शिलान्यास और उद्घाटन किए जाने की तैयारी है। प्रस्तावित दौरे को लेकर पच्छाद उपमंडल प्रशासन और कांग्रेस संगठन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।

    आयोजन स्थल पर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए 13 फरवरी को सराहां में परिवहन विभाग की ओर से निर्धारित वाहनों की पासिंग और ड्राइविंग लाइसेंस संबंधी तिथि अगले आदेशों तक स्थगित कर दी गई है।

    प्रशासन ने अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।गौरतलब है कि सराहां में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय श्री वामन द्वादशी मेले के अवसर पर पूर्व में भी मुख्यमंत्री को आमंत्रित किया गया था।

    सितंबर 2024 में प्रस्तावित दौरा अंतिम समय में स्थगित हो गया था, जिससे कई घोषणाएं और योजनाओं के शिलान्यास अधूरे रह गए थे। अब उन घोषणाओं को अमलीजामा पहनाने की उम्मीद जताई जा रही है।

    नवंबर 2025 में अंतरराष्ट्रीय श्रीरेणुकाजी मेले में मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति के बाद यह जिला सिरमौर में उनका महत्वपूर्ण सार्वजनिक कार्यक्रम माना जा रहा है।

    श्रीरेणुकाजी के विधायक विनय कुमार के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद मुख्यमंत्री का यह पहला जिला दौरा भी है, जिसे राजनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है।पच्छाद कांग्रेस मंडल के पूर्व अध्यक्ष रणधीर पवार और जिला कांग्रेस अध्यक्ष आनंद परमार ने बताया कि मुख्यमंत्री के दौरे को ऐतिहासिक बनाने के लिए संगठन स्तर पर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।

    उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अपने एक दिवसीय प्रवास के दौरान विकास कार्यों की सौगात देने के साथ कार्यकर्ताओं से भी संवाद करेंगे।

    राजनीतिक हलकों में इस दौरे को आगामी समय में क्षेत्रीय समीकरणों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सबकी निगाहें 14 फरवरी की जनसभा पर टिकी हैं, जहां से पच्छाद के लिए विकास की नई घोषणाओं का इंतजार किया जा रहा है।

  • सनौरा–नेरीपुल–छैला सड़क को 200 करोड़ की सैद्धांतिक मंजूरी

    सनौरा–नेरीपुल–छैला सड़क को 200 करोड़ की सैद्धांतिक मंजूरी

    संघर्ष समिति ने जताया आभार, निर्माण शुरू होने पर गुणवत्ता जांच का ऐलान

    राजगढ़

    सनौरा–नेरीपुल–छैला सड़क के विस्तारीकरण के लिए करीब 200 करोड़ रुपये की सैद्धांतिक मंजूरी मिलने पर संघर्ष समिति ने केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है। कांगू जुबड़ी में पूर्व जिला परिषद सदस्य विनय भगनाल और महेंद्र हाब्बी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में पझौता व रासूमांदर क्षेत्र के सैकड़ों लोग शामिल हुए।

    बैठक में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और प्रदेश सरकार के प्रति आभार प्रकट किया गया। मंजूरी की खुशी में संघर्ष समिति सदस्य अरुण ठाकुर द्वारा भूतेश्वर महादेव कांवती के नाम पर भंडारे का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।

    विनय भगनाल और महेंद्र हाब्बी ने कहा कि यह सड़क अपर शिमला के सेब उत्पादकों के लिए जीवनरेखा है। इसी मार्ग से सेब देश की विभिन्न मंडियों तक पहुंचता है। उन्होंने बताया कि सड़क की बदहाल स्थिति के कारण सेब सीजन में दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।

    लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़क को नौ टन भार क्षमता के अनुसार तैयार किया गया, जबकि इस मार्ग पर 30 से 40 टन क्षमता के ट्राले चलते हैं, जिससे सड़क बार-बार क्षतिग्रस्त होती रही।उन्होंने वर्ष 2020 में तत्कालीन सरकार के कार्यकाल में कुम्हारहट्टी–ओच्छघाट–सनौरा–नेरीपुल–छैला सड़क के सुधार के लिए स्वीकृत 46 करोड़ रुपये का भी उल्लेख किया।

    निजी कंपनी द्वारा 2021-22 में की गई टायरिंग तीन माह में उखड़ गई थी। स्थानीय लोगों के विरोध के बाद कंपनी को दोबारा कार्य करना पड़ा।संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया कि नए प्रोजेक्ट के तहत जब निर्माण कार्य शुरू होगा तो समिति स्वयं गुणवत्ता की निगरानी करेगी, ताकि स्वीकृत राशि का दुरुपयोग न हो।

    लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह से परियोजना को शीघ्र अंतिम स्वीकृति दिलाकर कार्य प्रारंभ करने का आग्रह भी किया गया। साथ ही इस सड़क को राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा दिलाने की मांग दोहराई गई।

    बैठक में रूपेंद्र चौहान, जितेंद्र कुमार, निशु पुंडीर, रिंकू ठाकुर, अरुण ठाकुर, दिनेश ठाकुर, रोहित बंटी, नीटू हाब्बी, गोविंद ठाकुर, राजेश ठाकुर, ओमप्रकाश राणा, देवेंद्र ठाकुर, रिंकू जसटा, अशोक ठाकुर सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।