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पहली जुलाई से पूरी तरह प्रतिबंधित होगा सिंगल यूज प्लास्टिक

PRIYANKA THAKUR | 5 जून 2022 at 1:20 pm

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HNN / मंडी

जिला दंडाधिकारी मंडी अरिंदम चौधरी ने कहा कि मंडी जिले में पहली जुलाई से सिंगल यूज प्लास्टिक पूरी तरह प्रतिबंधित होगा। कोई भी दुकानदार, विक्रेता, थोक व्यापारी, खुदरा विक्रेता, फेरीवाले, रेहड़ी वाले सहित कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार के एक बार उपयोग किए जाने वाले प्लास्टिक (सिंगल यूज प्लास्टिक) के सामान को न बेच सकेंगे न ही उपयोग करेंगे। जिला दंडाधिकारी ने गैर-बायो डिग्रेडेबल कचरा (नियंत्रण) अधिनियम, 1995 की धारा 3-ए की उप-धारा (1) के तहत प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए ये निर्देश जारी किए हैं तथा यह पहली जुलाई, 2022 से पूर्ण रूप से लागू हो जाएंगे।

अरिंदम चौधरी ने बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा प्लास्टिक अपशिष्ट पदार्थों के कारण होने वाले प्रदूषण से बचाव की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश में कचरा बीनने वालों और घरों से प्लास्टिक बैग सहित प्लास्टिक कचरा, शहरी स्थानीय निकायों के संग्रह केंद्रों में इसके संग्रह और जमा के लिए 25 रुपये प्रति किलोग्राम का न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रदान करता है।

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ये सामग्री होगी बैन
उन्होंने बताया कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्देशानुसार एकल उपयोग प्लास्टिक (एसयूपी) वस्तुओं के निर्माण, आयात, भंडारण, वितरण, बिक्री और उपयोग को पहली जुलाई 2022 से प्रभावी रूप से प्रतिबंधित किया जाएगा। इनमें प्लास्टिक की छडि़यों के साथ कान की कलियाँ , गुब्बारों के लिए प्लास्टिक की छड़ें, प्लास्टिक के झंडे, कैंडीस्टिक, आइसक्रीम की स्टिक, सजावट के लिए पॉलीस्टायरीन (थर्मोकोल), भेजन परोसने की प्लेट, कप, गिलास, कटलरी जैसे कांटे, चम्मच, चाकू, स्ट्रॉ, मिठाई के बक्से के आसपास फिल्मों को लपेटना या पैक करना, आमंत्रण कार्ड और सिगरेट के पैकेट, प्लास्टिक या पीवीसी बैनर 100 माइक्रोन से कम, स्टीरर शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 के अनुसार रिसाइकिल प्लास्टिक से बने कैरी बैग की मोटाई पचहत्तर माइक्रोन से कम नहीं होनी चाहिए और एक सौ बीस (120) माइक्रोन मोटाई में 31 दिसंबर, 2022 से प्रभावी होगी।

आदेशों के अनुसार उल्लंघन करने वालों के विरूद्ध पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 के तहत उचित कार्रवाई की जाएगी, जिसमें माल की जब्ती, पर्यावरण क्षतिपूर्ति कि वसूली, उद्योगों/वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के संचालन को बंद करना शामिल है।

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