सिरमौर जिले की ग्राम पंचायत रामपुर भारापुर में करोड़ों जैसी रकम के महाघोटाले का पर्दाफाश हुआ है। आरोप है कि पंचायत प्रधान ने ठेकेदार और सहयोगियों के साथ फर्जी बिल और खनन ‘एक्स’ फार्म के जरिए लगभग 35 लाख रुपये का गबन किया।
पांवटा साहिब
आरटीआई से खुला मामला, हाई कोर्ट पहुंची शिकायत
मामला तब उजागर हुआ जब पंचायत उप प्रधान रजनीश चौधरी ने आरटीआई के माध्यम से जानकारी जुटाई और सबूतों के साथ हाई कोर्ट में याचिका दायर की। मुख्य न्यायाधीश से शिकायत के बाद, हाई कोर्ट के आदेश पर विजिलेंस ने जांच शुरू कर दी है। उप प्रधान ने नाहन स्थित विजिलेंस कार्यालय में जांच अधिकारी को सभी दस्तावेज पेश किए।
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चौंकाने वाले तथ्य, मोटरसाइकिल पर ढोई भारी सामग्री
सबूतों के अनुसार केवल दो मोटरसाइकिलों पर चार फेरों में 270 क्विंटल रेत, बजरी और सीमेंट ढोई गई। 42 किलोमीटर की दूरी केवल 10 मिनट में तय दिखाना इस जालसाजी का सबसे बड़ा प्रमाण है। इसके अलावा, एक पिक-अप वाहन से उसकी क्षमता से ढाई गुना अधिक 2170 किलोग्राम सामग्री ले जाई गई, जिससे नियमों का खुला उल्लंघन हुआ।
फर्जी भुगतान और फॉर्म सीरीज में हेराफेरी
जांच में यह भी सामने आया कि एक ही काम की पेमेंट ठेकेदार को दो बार की गई। खनन ‘एक्स’ फार्म की सीरीज में हेराफेरी पाई गई और जिन वाहन मालिक व चालकों के नाम फर्जी फॉर्म में दर्ज थे, उनके मोबाइल नंबर भी अमान्य पाए गए।
निष्पक्ष कार्रवाई की मांग
उप प्रधान रजनीश चौधरी ने कहा कि यह भ्रष्टाचार का बड़ा खेल है और सरकार व प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर भ्रष्ट प्रधान, ठेकेदार व सहयोगियों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
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