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पौढ़ीवाला में पुलिस लाइन बसाने की तैयारी, वन समेत पुलिस विभागों ने किया  निरीक्षण

PARUL • 13 Nov 2024 • 1 Min Read

फोरेस्ट क्लीयरेंस मिलते ही 44.18 बीघा भूमि पर शुरू हो जाएगा नई पुलिस लाइन निर्माण का कार्य

Himachalnow/नाहन

1621 ईस्वी में बसे नाहन शहर की पुलिस लाइन को अब अपनी जमीन मिलने जा रही है। विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार करीब 44.18 बीघा जमीन नाहन शहर से करीब 6 किलोमीटर दूर पौढ़ीवाला में तलाशी गई है, जिसका बुधवार को डीएफओ नाहन और पुलिस महकमे के अधिकारियों ने मौका का संयुक्त निरीक्षण किया।

जानकारी के अनुसार नई पुलिस लाइन के लिए चयनित की गई जमीन पांवटा साहिब-नाहन-कालाअंब एनएच-07 से सटी है।इस नई पुलिस लाइन के लिए करीब 1,100 पेड़ काटे जाएंगे। इसके लिए भारत सरकार को फोरेस्ट क्लीयरेंस का मामला भेजा जाएगा। चयनित जमीन पर यूकेलिप्टस (सफेदा) के पेड़ काफी संख्या में हैं।

बता दें कि लंबे अरसे से नाहन पुलिस को नई जगह बसाने के लिए प्रयास किए जा रहे थे, लेकिन जमीन का चयन नहीं हो पा रहा था।मौजूदा समय में पुलिस लाइन नाहन शहर के एसपी कार्यालय और सदर पुलिस थाना परिसर में चल रही है। लिहाजा, पुलिस की रूटीन व्यवस्था में कई तरह की दिक्कतें पेश आ रही हैं। इसमें रॉल कॉल, ड्रिल एक्सरसाइज और पुलिस भर्ती सहित लाइन में पुलिस बैरक और कर्मचारियों के रहने के लिए क्वार्टर की भी किल्लत चल रही है।

यहां तक कि पुलिस लाइन के लिए मैस की भी व्यवस्था में भी अड़चने पेश आ रही हैं। इसके साथ साथ पुलिस लाइन का अपना कोई मैदान भी नहीं है। जहां पुलिस भर्ती जैसी प्रक्रिया को अपनाया जा सके।

नई पुलिस लाइन बन जाने के बाद न केवल कर्मचारियों को रिहायश मिलेगी, बल्कि अच्छा खासा मैदान भी यहां पर उपलब्ध होगा।इसे लेकर पुलिस कर्मियों में भी काफी उत्साह है। देखना ये है कि भारत सरकार से इस जमीन को कितनी जल्दी फोरेस्ट क्लीरेंस मिल पाती है। पुलिस लाइन बनने से आमवाला-सैनवाला पंचायत समेत आसपास के लोगों को भी रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

उधर, एसएसपी सिरमौर रमन कुमार मीणा ने कहा कि पुलिस लाइन के लिए पौढ़ीवाला में जमीन तलाश ली गई है। बुधवार को वन अधिकारियों के साथ इसका मौका निरीक्षण भी किया गया है। वहीं, डीएफओ नाहन अवनी भूषण रॉय ने बताया कि जमीन का निरीक्षण कर लिया गया है। पुलिस लाइन के लिए वन विभाग की 3.79 हेक्टेयर जमीन चयनित की गई है, लेकिन इससे फोरेस्ट क्लीयरेंस का मामला भारत सरकार को भेजा जाएगा। इसके बाद ही जमीन पुलिस विभाग को सुपुर्द की जाएगी।