बिलासपुर में नौकरी का झांसा देकर चार पूर्व सैनिकों से 20.35 लाख की ठगी , फर्जी ज्वाइनिंग लेटर से किया गुमराह
बिलासपुर
सेवानिवृत्त सैनिकों को बैंक में नौकरी दिलाने का दिया था भरोसा, आरोपी फरार
बिलासपुर जिले में चार पूर्व सैनिकों से फर्जी बैंक नौकरी दिलाने के नाम पर 20 लाख से अधिक की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता कमलेश कुमार निवासी घुमारवीं की शिकायत पर थाना भराड़ी पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और विश्वासघात की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सेना से रिटायरमेंट के बाद मिली ठगी की सौगात
सेना से वर्ष 2022 में सेवानिवृत्त हुए कमलेश कुमार ने बताया कि उनके एक सैनिक मित्र त्रिलोक चंद ने हमीरपुर के भटेड़ गांव निवासी संजय ठाकुर उर्फ लक्की को नौकरी दिलाने वाला व्यक्ति बताया। संजय ने उन्हें बताया कि बैंक ऑफ बड़ौदा में भर्तियां चल रही हैं और इसमें नियुक्ति के लिए 7 लाख रुपये की जरूरत होगी।
चार पूर्व सैनिक बने निशाना, फर्जी लेटर थमाए
कमलेश कुमार ने संजय को 26 मई 2022 को 5,000 और 28 मई को उसके साथी नीतीश कुमार के खाते में 30,000 रुपये ट्रांसफर किए। इसके बाद उनके तीन अन्य मित्र—दिल्ली के घनश्याम, राजस्थान के शीशराम और ओमाराम भी इसी जाल में फंस गए।
- कमलेश से 8.85 लाख
- घनश्याम से 9 लाख
- शीशराम से 1.5 लाख
- ओमाराम से 1 लाख रुपये की ठगी हुई।
सभी को झांसे में रखने के लिए आरोपियों ने फर्जी नियुक्ति पत्र भी थमा दिए। लेकिन जब महीनों बाद भी नियुक्ति नहीं हुई और आरोपी टालमटोल करने लगे, तब उन्हें ठगी का अहसास हुआ।
तीन राज्यों के शातिरों के खिलाफ केस दर्ज
ठगी का आरोप तीन लोगों पर है—
- संजय ठाकुर उर्फ लक्की, पुत्र राज कुमार, गांव भटेड़, हमीरपुर
- नीतीश कुमार, पुत्र गोपाल सिंह, गांव धनाना-2, भिवानी, हरियाणा
- लवप्रीत सिंह, पुत्र सुखविंदर सिंह, गांव बोहा, मानसा, पंजाब
पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस की अपील – सतर्क रहें, फर्जी नौकरी के झांसे में न आएं
डीएसपी चंद्रपाल सिंह ने बताया कि लोग नौकरी दिलाने के नाम पर किसी को भी पैसे न दें और ऐसी गतिविधियों की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।
