भारी बारिश से जिला में हुए नुक्सान की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है- डीसी

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राहत मैन्यूअल के अनुसार प्रभावितों को दिया जा रहा है मुआवजा

HNN/ नाहन

उपायुक्त एवं अध्यक्ष जिला आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण सिरमौर सुमित खिमटा ने बताया कि भारी बारिश से जिला में हो रहे नुक्सान की जिला प्रशासन द्वारा लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिला में राहत एवं पुनर्वास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर संचालित किया जा रहा है। प्रभावित परिवारों को राहत मैन्युल के अनुसार नुक्सान की भरपाई की जा रही है।

उपायुक्त सुमित खिमटा आज शुक्रवार को नाहन में जिला आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारी बारिश के दृष्टिगत सभी विभाग मुस्तैदी से कार्य कर रहे हैं और जिला में सड़कों, पेयजल योजनाओं और बिजली आपूर्ति को बहाल रखने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग के अधिकारी फील्ड स्तर पर पहुंच कर आमजन के जान-माल के नुक्सान का आकलन करने में जुटे हैं ताकि प्रभावितों को उचित मुआवजा दिया जा सके। उपायुक्त ने बताया कि शिलाई क्षेत्र में बार-बार सड़क क्षतिग्रस्त होने के कारण एलपीजी गैस सिलेंडर की आपूर्ति में आ रही बाधा को देखते हुए सिलेंडरों की आपूर्ति वाया विकासनगर की जा रही है जिसके लिए परिवहन दरें अलग से तय की गई हैं।

उन्होंने कहा कि जिला की सभी सड़कों के ब्लैक स्पॉट की सूची तैयार हो गई है और शीघ्र ही इनकी मुरम्मत अथवा स्तरोन्नयन के लिए एस्टीमेट बनाये जायेंगे। सुमित खिमटा ने कहा कि भारी बारिश को देखते हुए आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुक्सान के दृष्टिगत खतरनाक वृक्षों को नियमानुसार काटने अथवा इनकी छंटाई की स्वीकृति प्रदान की गई है।

इसके अलावा 15 साल से अधिक पुराने विभागीय वाहनों एवं मशीनरी को आपदा की स्थिति मे इस्तेमाल करने की अनुमति भी आपदा प्रबन्धन अधिनियम के तहत प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि यह मशीनरी जिला में सड़कों की बहाली में अत्यंत कारगर सिद्ध हो रही हैं। उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग को बरसात के दृष्टिगत जल जनित रोगों की रोकथाम के लिए उचित पग उठाने के निर्देश भी दिए।