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माँ चिंतपूर्णी मंदिर को ‘प्रशाद’ योजना के तहत विकसित करने का निर्णय

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन 13 Dec 2024 Edited 13 Dec 1 min read

Himachalnow / ऊना

केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने जानकारी दी है कि ऊना जिले के प्रसिद्ध शक्तिपीठ माँ चिंतपूर्णी मंदिर को केंद्र सरकार ने ‘प्रशाद’ (राष्ट्रीय तीर्थयात्रा कायाकल्प और आध्यात्मिक, विरासत संवर्धन अभियान) योजना के अंतर्गत विकसित करने के लिए चुना है। इस योजना का उद्देश्य धार्मिक पर्यटन स्थलों को आधुनिक और दीर्घकालिक सुविधाओं से सुसज्जित करना है, जिससे श्रद्धालुओं को उच्च स्तरीय अनुभव प्राप्त हो। माँ चिंतपूर्णी मंदिर की ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता को देखते हुए इसे इस योजना में शामिल किया गया है।

मंत्री ने बताया कि इस परियोजना के तहत मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं के लिए बेहतर ढांचागत सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इनमें परिवहन, स्वच्छता, पेयजल, रहने की व्यवस्था, और अन्य आवश्यक सुविधाओं का प्रावधान शामिल होगा। इस योजना का उद्देश्य तीर्थयात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक और सुव्यवस्थित अनुभव प्रदान करना है, जिससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिले। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने अभी तक इस परियोजना के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) केंद्र सरकार को प्रस्तुत नहीं की है।

‘प्रशाद’ योजना के तहत केंद्र सरकार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों और पुरातत्व महत्व के स्थलों के विकास के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है। इस योजना का उद्देश्य इन स्थलों की सुविधाओं को बेहतर बनाना और पर्यटकों की संख्या बढ़ाना है, जिससे क्षेत्रीय आर्थिक विकास को भी प्रोत्साहन मिले। माँ चिंतपूर्णी मंदिर का विकास न केवल स्थानीय समुदाय के लिए रोजगार और व्यापार के अवसर प्रदान करेगा, बल्कि इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन का केंद्र बनाने में भी मदद करेगा।