मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश सरकार ने सरकारी सेवा में कार्यरत महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने उन महिलाओं को 60 दिन का विशेष मातृत्व अवकाश प्रदान करने की घोषणा की है, जो मृत शिशु को जन्म देती हैं या जन्म के तुरंत बाद अपने नवजात शिशु को खो देती हैं।
मौजूदा नियम और नया संशोधन
वर्तमान में सरकारी सेवा में कार्यरत महिलाओं को, यदि उनके दो से कम जीवित बच्चे हैं, तो प्रसव होने पर 180 दिनों के मातृत्व अवकाश का अधिकार प्राप्त है। हाल ही में घोषित यह विशेष मातृत्व अवकाश केवल उन मामलों में लागू होगा, जहां महिला को मृत शिशु जन्म देने या नवजात शिशु की मृत्यु का सामना करना पड़ता है। यह अवकाश केवल अधिकृत अस्पतालों में प्रसव के लिए मान्य होगा।
सरकार की पहल का उद्देश्य
राज्य सरकार इस पहल के माध्यम से उन महिलाओं को सहायता प्रदान करना चाहती है, जो ऐसी दुखद परिस्थितियों में शारीरिक और भावनात्मक रूप से प्रभावित होती हैं। इस विशेष अवकाश के जरिए उन्हें ठीक होने और उपचार के लिए आवश्यक समय मिल सकेगा।
कर्मचारी कल्याण और कार्य-जीवन संतुलन
इस निर्णय से सरकार अपने कर्मचारियों की भलाई को प्राथमिकता देते हुए कर्मचारी कल्याण और नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है। साथ ही, यह निर्णय कार्य-जीवन संतुलन को बढ़ावा देने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
राज्य सरकार का प्रगतिशील दृष्टिकोण
हिमाचल प्रदेश सरकार इस नीति को लागू कर प्रगतिशील शासन की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता को दोहराती है। यह पहल उन महिलाओं को महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करने का प्रयास है, जो मातृत्व के कठिन समय से गुजर रही हैं।

