मानगढ़–चनाहलग रूट पर यात्रियों की जान से खिलवाड़! खराब बस को जबरन चलाने का आरोप, लोगों में भारी रोष
Himachalnow / सिरमौर
मानगढ़–चनाहलग रूट पर चल रही एकमात्र बस सेवा की खराब स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। यात्रियों ने आरोप लगाया है कि खराब बस को जबरन चलाकर उनकी सुरक्षा से खिलवाड़ किया जा रहा है। मामले को लेकर प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
राजगढ़
राजगढ़ उपमंडल के मानगढ़–चनाहलग–नाहन रूट पर चल रही एकमात्र बस सेवा को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि तकनीकी रूप से खराब बस को भी यात्रियों से भरकर सड़क पर दौड़ाया जा रहा है, जिससे लोगों की जान जोखिम में पड़ गई है। मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में आक्रोश बढ़ गया है और परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
जानकारी के अनुसार मानगढ़–चनाहलग से नाहन जाने वाली बस के पट्टे (स्प्रिंग) टूटे होने के बावजूद उसे चलाया गया। आरोप है कि इस स्थिति में भी बस को लिंक रोड पर ले जाने के निर्देश दिए गए, जबकि चालक और परिचालक ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए बस को केवल मुख्य मार्ग से धीरे-धीरे मुख्यालय तक ले जाने की बात कही थी। उनका तर्क था कि ऐसा करने से यात्रियों को कम से कम राजगढ़ जाने वाली दूसरी बस मिल जाती और वे सुरक्षित तरीके से आगे का सफर पूरा कर पाते।लेकिन स्थानीय लोगों के मुताबिक, कर्मचारियों की बात को नजरअंदाज कर दिया गया और बस को जोखिम भरे हालात में आगे बढ़ाने का दबाव बनाया गया। हालात इतने खराब हो गए कि शिरला के पास यात्रियों को बीच रास्ते में ही उतरना पड़ा। इससे महिलाओं, बुजुर्गों और अन्य यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी।
यह मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि यह रूट पहले ही परिवहन सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि घाटे का हवाला देकर टोन्डा रूट की बस पहले ही बंद की जा चुकी है, और अब मानगढ़–चनाहलग रूट की एकमात्र बस सेवा भी उपेक्षा और अव्यवस्था का शिकार हो रही है। इसका सीधा असर 8 से 9 पंचायतों के लोगों पर पड़ रहा है, जिन्हें रोजमर्रा के काम, इलाज, शिक्षा और सरकारी कार्यों के लिए नाहन पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित आरएम स्थानीय होने के बावजूद अपने ही क्षेत्र के लोगों की परेशानियों के प्रति संवेदनहीन रवैया अपना रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब एकमात्र बस सेवा ही सुरक्षित नहीं रहेगी, तो ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के लिए सफर करना और भी मुश्किल हो जाएगा।
ग्रामीणों और यात्रियों ने मांग की है कि खराब बस को तुरंत बदला जाए और उसकी जगह पूरी तरह सुरक्षित बस उपलब्ध करवाई जाए। साथ ही यह भी कहा गया है कि बस सेवा को मुख्य मार्ग से ही नियमित रूप से चलाया जाए, ताकि यात्रियों को अनावश्यक जोखिम और परेशानी से बचाया जा सके। लोगों ने चालक और परिचालक पर दबाव बनाए जाने की भी निंदा की है और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो क्षेत्र की जनता को आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित विभाग की होगी।