युवा पीढ़ी को खेती से जोड़ने के लिए नए नवाचारों के साथ आगे आएं- कुलपति डॉ. डी.के.वत्स
चौधरी सरवन कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित स्थापना दिवस समारोह
HNN/कांगड़ा
चौधरी सरवन कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस समारोह पर कुलपति डॉ. डी.के.वत्स ने वैज्ञानिकों को सलाह देते हुए कहा कि, ‘‘ अपनी लीक से हटकर सोचें और युवा पीढ़ी को खेती से जोड़ने के लिए नए नवाचारों के साथ आगे आएं।‘‘ विश्वविद्यालय समुदाय को संबोधित करते हुए, कुलपति ने वैज्ञानिकों से आधुनिक कृषि प्रौद्योगिकी के साथ घटती कृषि भूमि, बढ़ती आबादी को खाद्यान्न उपलब्ध करवाने के लिए अधिक उत्पादन करने के दबाव, जलवायु परिवर्तन आदि जैसी नई चुनौतियों का सामना करने को तैयार रहने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि नई तकनीक पहाड़ी खेती को अधिक कुशल, टिकाऊ और उत्पादक बनाकर क्रांतिकारी बदलाव लाने में मदद कर सकती है। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेंसर और डेटा एनालिटिक्स का उपयोग मिट्टी की स्थिति, मौसम के पैटर्न और फसल स्वास्थ्य की वास्तविक समय पर निगरानी करने में सक्षम बनाता है, जिससे किसानों को सूचित निर्णय लेने में मदद मिलती है। डॉ. वत्स ने कहा कि “जीपीएस-निर्देशित ट्रैक्टर और ड्रोन जैसी सटीक कृषि तकनीकों के एकीकरण के माध्यम से किसान अपने संसाधनों का अनुकूलन कर सकते हैं, बर्बादी को कम कर सकते हैं और फसल की पैदावार बढ़ा सकते हैं।

कुलपति ने प्राकृतिक आपदाओं के दौरान मानव और पशु धन, कृषि भूमि आदि के नुकसान को कम करने के लिए प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों के उपयुक्त उपयोग की आवश्यकता पर भी चर्चा की। कुलपति ने नियमित अंतराल पर अपनी उत्कृष्ट उपलब्धियों से संस्थान को गौरवान्वित करने के लिए पूर्व छात्रों और छात्राओं की सराहना की। उन्होंने उनसे परिसर को साफ और हरा-भरा रखने में मदद करने और हमेशा रैगिंग और धूम्रपान मुक्त परिसर की गौरवशाली परंपरा को बनाए रखने के लिए कहा। उन्होंने युवाओं को नशीली दवाओं के दुरुपयोग के जाल में फंसने के प्रति आगाह करते हुए इससे दूर रहने को कहा।

उन्होंने सभी सेवानिवृत्त अधिकारियों और वैज्ञानिकों को गुणवत्तापूर्ण मानव संसाधन, अच्छी फसल किस्मों और उत्कृष्ट प्रौद्योगिकियों का उत्पादन करके उनके योगदान के लिए धन्यवाद दिया, जिसने विश्वविद्यालय को हिमाचल प्रदेश को खाद्य मोर्चे पर आत्मनिर्भर बनाने में सक्षम बनाया है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि राज्य ने पहाड़ी कृषि विविधीकरण के लिए अपना नाम कमाया है और कृषक समुदाय ने विश्वविद्यालय पर अपना विश्वास जताया है।
कुलपति ने राज्य सरकार, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद और अन्य फंडिंग एजेंसियों का सहयोग प्रदान करने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने सभी कर्मचारियों से नए उत्साह, खुशी और उत्साह के साथ कृषक समुदाय की सेवा करने को कहा। कुलपति ने 30 छात्रों, वैज्ञानिकों और गैर-शिक्षक कर्मचारियों को उनकी सेवाओं के लिए प्रमाण पत्र देकर सम्मानित भी किया। अनुसंधान निदेशक डा. एस.के. उपाध्याय ने शैक्षणिक, अनुसंधान और विस्तार शिक्षा से संबंधित प्रमुख उपलब्धियों को विस्तार से प्रस्तुत किया।
संसद के सेंट्रल हॉल में ‘‘द फ्लोरल ट्रिब्यूट फंक्शन‘‘ में हिस्सा लेने वाले विद्यार्थी आर्यन गुप्ता और ईवा शर्मा ने भी कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त किये। छात्र कल्याण अधिकारी डॉ. आर.एस.चंदेल ने सभी का स्वागत किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया। समारोह के दौरान सभी संविधिक अधिकारी, विभागाध्यक्ष, वैज्ञानिक, गैर-शिक्षक कर्मचारी और विद्यार्थी मौजूद रहे।