यूजीसी मुद्दे पर भाजपा पर बरसे रूमित सिंह ठाकुर
यूजीसी से जुड़े प्रावधानों को लेकर राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ऐसी नीतियां समाज में विभाजन और टकराव की स्थिति पैदा कर सकती हैं।
नाहन
यूजीसी मुद्दे पर भाजपा पर बरसे रूमित सिंह ठाकुर
बोले— “भाजपा के रूप में देश में काले अंग्रेज आ गए”, समाज को बांटकर देश को गृह संघर्ष की ओर धकेल रही सरकार
नाहन | हिमाचल नाऊ न्यूज
राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रूमित सिंह ठाकुर ने यूजीसी से जुड़े प्रावधानों को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। नाहन में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात ऐसे बन रहे हैं कि “भाजपा के रूप में देश में काले अंग्रेज आ गए हैं”, जो समाज को बांटकर शासन करने की राजनीति कर रहे हैं।
रूमित सिंह ठाकुर ने कहा कि यूजीसी से जुड़े प्रावधान समाज में जातीय विभाजन को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की नीतियां देश को टकराव और गृह संघर्ष की स्थिति की ओर धकेल सकती हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी इस मुद्दे को लेकर हिमाचल प्रदेश में सबसे पहले खुलकर सामने आई है।
उन्होंने बताया कि पार्टी कार्यकर्ताओं ने हाल ही में भाजपा के प्रदेश कार्यालय का घेराव कर इस कानून का विरोध किया था। उनके अनुसार इस आंदोलन के बाद भाजपा के भीतर भी इस विषय को लेकर असहजता देखने को मिली है।
ठाकुर ने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली में इस मुद्दे को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने पहुंचे लोगों को भी रोकने का प्रयास किया गया। जंतर-मंतर और रामलीला मैदान में अनुमति देने के बाद कार्यक्रम रद्द कर दिए गए और कई स्थानों पर भारी पुलिस बल तैनात कर लोगों को अपनी बात रखने से रोका गया।
प्रदेश के भाजपा सांसदों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि हमीरपुर से सांसद अनुराग ठाकुर, शिमला से सांसद सुरेश कश्यप और कांगड़ा से सांसद कंगना रणौत इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं। उन्होंने कहा कि समाज ने इन नेताओं को समर्थन देकर संसद तक भेजा, लेकिन आज समाज के मुद्दों पर उनकी आवाज सुनाई नहीं दे रही।
रूमित सिंह ठाकुर ने कहा कि राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के विकल्प के रूप में तीसरी राजनीतिक ताकत खड़ी करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों में मजबूती से मैदान में उतरेगी, जबकि 2032 तक प्रदेश और देश की राजनीति में एक मजबूत तीसरा विकल्प खड़ा करने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता अब पारंपरिक राजनीति से निराश हो चुकी है और बदलाव चाहती है। राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी इसी बदलाव की आवाज बनकर जनता के मुद्दों को उठाने का काम कर रही है।