Loading...

रानी ताल में एक बार फिर भारी मात्रा में मर गई गोल्डन फिश

Ankita • 20 Oct 2023 • 1 Min Read

टेंपरेचर में परिवर्तन बना मौत का कारण, एमसी ने उपचार को लेकर डलवाई दवा

HNN/ नाहन

हर वर्ष की भांति इस बार फिर नाहन शहर के प्रमुख ऐतिहासिक रानी ताल तालाब में मछलियों के मारे जाने का समाचार मिला है। प्राप्त जानकारी के अनुसार करीब आधा क्विंटल से अधिक गोल्डन फिश वैरायटी के मारे जाने की जानकारी मिली है। मछलियों के मरने की बड़ी वजह मौसम के साथ पानी के टेंपरेचर में परिवर्तन बताया जा रहा है।

फिश एक्सपर्ट व तालाब में मछली के ठेकेदार मोहम्मद साबिर फुल्लू का कहना है कि तालाब में ग्रास कार्प सिल्वर कार्प तथा रोहू प्रजाति की मछलियां भी डाली हुई हैं मगर गोल्डन फिश पानी में मौसम के साथ ठंड बढ़ने पर ऑक्सीजन ले पाने में असमर्थ हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि यही वजह है कि ऑक्सीजन लेवल कम होने से इन मछलियों की मौत हुई है।

उन्होंने कहा कि अन्य मछलियां रोग से ग्रस्त ना हो इसको लेकर पशुपालन विभाग से सुरक्षा के लिए दवाइयां आदि डलवा दी गई हैं। यह दवाएं म्युनिसिपल कॉरपोरेशन नाहन के द्वारा डलवाई गई हैं। वहीं लोगों का कहना है कि मरी हुई मछलियों को तालाब के किनारे से उठाया नहीं गया है जिसके कारण आसपास भारी बदबू फैल गई है।

मॉर्निंग वॉक पर रानीताल गार्डन में आने वाले लोगों का कहना है कि मरी हुई मछलियों को ठिकाने नहीं लगाया गया है जिसके कारण वहां आसपास बदबू फैल गई है। इस बाबत म्युनिसिपल कॉरपोरेशन नाहन के निरीक्षक सुलेमान खान ने कहा कि मछली थोड़ी देर में ही स्मेल करना शुरू कर देती है।

उन्होंने कहा कि तालाब में मरी हुई मछलियों को निकाला जा रहा है जिसके चलते उनसे बदबू आ रही है। निरीक्षक ने कहा कि जल्द ही इन मछलियों को तालाब के किनारे से उठाकर ठिकाने लगाया जाएगा।