सुंदरनगर के अंकुश ने बयां किया अपना दर्द, कहा- अब टूटने लगा है हौसला
HNN / मंडी
रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग का आठवां दिन है। अभी भी वहां कुछ भारतीय छात्र फंसे हुए है। रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग में अब असर उन भारतीयों पर सबसे ज्यादा पड़ा है जो बॉर्डर इलाकों में फंसकर रह गए हैं। मिशन गंगा के तहत अब सभी का रेस्क्यू जरूर शुरू हुआ है, लेकिन स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है। जिन छात्रों की वतन वापसी हो भी रही है, उनकी कहानी रोंगटे खड़े करने वाली है। किसी को पैदल ही रोमानिया बॉर्डर तक पहुंचना पड़ा, किसी को बर्फबारी के बीच खुले आसमान में समय बिताना पड़ा तो किसी के पास खाना ही खत्म हो गया।
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें: Join WhatsApp Group
बता दें कि हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी के सुंदरनगर निवासी अंकुश चंदेल भी वहां फंसे हुए हैं। उन्होंने अपने परिजनों को वीडियो कॉल कर उन्हें जल्द से जल्द वहां से सुरक्षित बाहर निकलने की गुहार लगाई। अंकुश ने अपना एक वीडियो भी परिजनों को भेजा है जिसमें उन्होंने बताया कि खार्कीव शहर में रूस मिसाइल पर मिसाइल गिरा रहा है। चारों तरफ भारी बमबारी हो रही है, मौत सिर पर मंडरा रही है। सात दिन से बंकर में रहने से अब हौसला टूटने लगा है।
उन्होंने कहा कि सात दिन से छात्रावास के बंकर में अपने 250 साथियों के साथ रह रहा था। बुधवार को वह करीब 1000 प्रशिक्षु डाक्टर के साथ बंकर से निकल कर करीब 15 किलोमीटर सफर तय कर मेट्रो स्टेशन पहुंचा था। भारतीय दूतावास ने सभी छात्रों को मेट्रो स्टेशन पहुंचने के निर्देश दिए थे। जाते समय भारी बमबारी हो रही थी लेकिन किसी तरह सुरक्षित मेट्रो स्टेशन तक पहुंचे। यहां से लवीव जाने वाली ट्रेन में बैठने की बारी आई तो यूक्रेन के अधिकारियों ने भारतीय छात्रों को ट्रेन में बैठने नहीं दिया। यूक्रेन के लोगों को तवज्जो दी। जब छात्रों ने विरोध जताया तो यूक्रेन पुलिस ने गोलीबारी शुरू कर दी। सिर्फ 20 से 25 छात्राओं को ही ट्रेन में बिठाया।
📢 लेटेस्ट न्यूज़
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें
ताज़ा खबरों और अपडेट्स के लिए अभी हमारे WhatsApp ग्रुप का हिस्सा बनें!
Join WhatsApp Group





