HNN/ पांवटा
कारगिल शहीद कल्याण सिंह के पैतृक गांव हलांह में शहीद कल्याण सिंह मेमोरियल टूर्नामेंट का आयोजन 24 से 26 मई तक किया गया, जिसका शुभारंभ जिला उपायुक्त राम कुमार गोतम ने किया। समापन समारोह में 26 मई की शाम बतौर मुख्य अतिथि शिरकत पूर्व विधायक एवं उपाध्याय खाद्य आपूर्ति निगम बलदेव तोमर ने की। स्थानीय लोगों ने गर्मजोशी के साथ मुख्य अतिथि का स्वागत किया और कार्यक्रम की शुरुआत शहीद कल्याण सिंह राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला हलाहं के विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुति के साथ की गई।
इस खेलकूद प्रतियोगिता में कबड्डी की कुल 47 टीमों ने भाग लिया। शहीद कल्याण सिंह मेमोरियल टूर्नामेंट कमेटी के अध्यक्ष कुंदन सिंह ने कहा कि हमारा उद्देश्य युवा पीढ़ी को नशे से दूर रखने और युवाओं में देश प्रेम के भाव को प्रबल करना है। खेलकूद प्रतियोगिता के साथ-साथ 2-3 पंचायतों के लिए मेले का आयोजन भी होता है। खेलकूद प्रतियोगिता का यह आयोजन शहीद कल्याण सिंह के जन्मदिवस पर शहीद कल्याण सिंह टूर्नामेंट कमेटी द्वारा किया जाता है।
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समापन समारोह में भूतपूर्व सैनिक संगठन पांवटा साहिब और शिलाई क्षेत्र के पदाधिकारियों और सदस्यों को कार्यक्रम में विशेष अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया। संगठन के उपाध्यक्ष नरेंद्र सिंह ठुंडू ने कहा कि शहीद कल्याण सिंह भारतीय सेना की 13वीं जैक राइफल बटालियन में तैनात थे। 31 जुलाई 1999 को देश के दुश्मनों से लोहा लेते हुए कारगिल में वीरगति को प्राप्त हुए। उनके परिवार में उनकी धर्मपत्नी शीला देवी और एक बेटी है।
संगठन के उपाध्यक्ष ने मुख्य अतिथि बलदेव तोमर से आग्रह किया कि इलाके से शहीद भरत सिंह के नाम पर उनके पैतृक गांव के विद्यालय शखोली और शहीद श्याम सिंह के नाम पर उनके पैतृक गांव बांदली के विद्यालय का नामकरण शीघ्र अति शीघ्र किया जाए। बलदेव तोमर ने संगठन की इस मांग को शीघ्र पूरा करने का आश्वासन दिया और शहिद कल्याण सिंह मेले को जिला स्तरीय दर्जा देने की घोषणा की।
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