शिमला के राम मंदिर में मनाया गया श्री श्री रविशंकर जी का जन्मदिवस

नाहन में गुरु भगत राजेश परमार और सहयोगियों ने जन्मदिवस पर करी विश्व शांति की प्रार्थना

HNN/ शिमला

आर्ट ऑफ लिविंग के प्रणेता और आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर जी के जन्म दिवस पर आज विश्व भर में खूब धूम रही। इसी कड़ी में राजधानी शिमला स्थित राम मंदिर में भी गुरुदेव जा जन्मोत्सव धूमधाम, श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का आरंभ गुरु पूजा के साथ किया गया और भक्तों ने कृतज्ञता व्यक्त की।

हिमाचल में गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी के जन्मदिवस पर श्रेष्ठ सप्ताह मनाया गया जिसमें विभिन्न गतिविधियां करवाई गई। आर्ट ऑफ लिविंग की राज्य मीडिया प्रभारी तृप्ता शर्मा ने बताया कि संस्था ने कृषि सप्ताह के तहत विभिन्न गतिविधियों में आश्रम में जाकर गरीबों को भोजन, मिठाइयां और फल आदि वितरित किए गए।

उन्होंने कहा कि इसी के अंतर्गत पवित्रा प्रोजेक्ट के तहत शिमला के स्थानीय 6 स्कूलों ऑकलैंड हाउस,चेल्सी, पोर्ट मोर, लक्कड़ बाजार और संजौली में अंतर्राष्ट्रीय आश्रम बेंगलुरु से आई स्पेशल ट्रेनर अंजलि ने 2307 छात्रओं को मासिक धर्म के विषय में जागरूक किया। अंजलि ने छात्रओं को जागरूक करते हुए उससे जुड़ी गलत धारणाओं के प्रति उन्हें अवगत करवाया।

उन्होंने कहा कि किशोरावस्था के दौरान लड़कियों को किन किन समस्याओं से गुजरना पड़ता है उसका सही ज्ञान होना चाहिए। उन्होंने घरेलू उपचार और आयुर्वेद द्वारा इन समस्याओं से छुटकारा पाने को लेकर सभी को विस्तार से बताया। लगभग 2 हज़ार 300 सौ छात्राओं को व्यक्तिगत स्वच्छता के विषय में जागरूक किया।

मीडिया प्रभारी प्रकाश शर्मा ने बताया कि राम मंदिर में अरविंद ने आज भजन संध्या में गणेश वंदना, गुरु मात पिता गुरु बंधु सखा. मेहरबां आ गया है मेहरबानी लुटाने, शिव शंभू, जय जय भवानी मां सहित गुरु को समर्पित कई भजन गाते हुए गुरु के प्रति श्रद्धा व्यक्त की। इस मौके पर भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया।

सत्संग टीम में अभय शर्मा, भूपेंद्र शर्मा, नमिता सूद और सावित्री ने भाग लिया। इस मौके पर. आर्ट ऑफ लिविंग के वरिष्ठ प्रशिक्षक घनश्याम जी,कमलेश चौहान, डीटीसी कांता शर्मा, डॉक्टर चितवन, सीमा शर्मा और अन्य वरिष्ठ स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

उधर, नाहन में श्री श्री रवि शंकर के जन्मदिवस पर उनके अन्य भगत एवं शिष्य राजेश परमार और उनके साथियों के द्वारा विश्व शांति की प्रार्थना की गई। यही नहीं राजेश परमार ने कहा कि आर्ट ऑफ लिविंग तनाव भरी जिंदगी में उपचार का एक सबसे बड़ा माध्यम है।

उन्होंने कहा कि श्री श्री गुरु रवी शंकर जी का जन्मदिवस हमारे जीवन में प्रकाश और उत्साह का सृजन करता है हमें उनके बताए ज्ञान मार्ग पर ही चलना है।