संत कबीर दास की वाणी आज भी प्रासंगिक, ऊना के अंब में समारोह के दौरान बोले कुलदीप धीमान

ऊना/वीरेंद्र बन्याल

कबीर पंथी समाज सुधार सभा ने किया भव्य आयोजन, सामाजिक समरसता का दिया संदेश

समारोह में शामिल हुए आयोग अध्यक्ष कुलदीप धीमान
संत शिरोमणि कबीर दास के प्रकट दिवस पर अंब (ऊना) में हिमाचल प्रदेश कबीर पंथी समाज सुधार सभा द्वारा एक भव्य धार्मिक-सांस्कृतिक समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार धीमान ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने दीप प्रज्वलन कर कबीर दास की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए और श्रद्धांजलि दी।

कबीर की वाणी में समाज सुधार की शक्ति
समारोह को संबोधित करते हुए कुलदीप धीमान ने कहा कि संत कबीर कोई साधारण संत नहीं थे, बल्कि वे सामाजिक चेतना के प्रतीक हैं। उनकी वाणी ने सदियों से समाज को छुआछूत, जात-पात और भेदभाव से ऊपर उठने का मार्ग दिखाया है। उन्होंने कहा कि कबीर के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं और वर्तमान पीढ़ी को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए।

युवाओं को जोड़ने का आह्वान
कुलदीप धीमान ने कहा कि आज के युवा संत कबीर के विचारों से जुड़ें क्योंकि वे समानता, भाईचारे और आत्मबोध की दिशा में प्रेरणा स्रोत हैं। उन्होंने सभी वर्गों से आह्वान किया कि वे जाति, वर्ग और धर्म से ऊपर उठकर सामाजिक एकता और समरसता की दिशा में काम करें।

श्रद्धालुओं की बड़ी भागीदारी, ज्ञापन सौंपा गया
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और ग्रामीण महिलाओं ने भाग लिया। सामूहिक सत्संग और प्रसाद वितरण का आयोजन भी किया गया। इस दौरान सभा के सदस्यों ने अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष को एक ज्ञापन सौंपकर समाज की प्रमुख समस्याएं और मांगें सामने रखीं।

अनेक जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
इस अवसर पर पूर्व विधायक गणेश दत्त भरवाल, जिला परिषद सदस्य सतीश शर्मा, तहसीलदार अंब नरेश पटियाल, कबीर पंथी समाज सुधार सभा के प्रदेश प्रधान मस्तराम, जिला प्रधान सुरेश मियां, सचिव देवराज शांडिल सहित प्रदेश के नौ जिलों से आए पदाधिकारी और श्रद्धालु उपस्थित रहे।