शिक्षा विभाग में है चपरासी, 110 किलोमीटर दूर किया ट्रांसफर
HNN/नाहन
प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार ने रिटायरमेंट की कगार पर बैठी बुजुर्ग चपरासी महिला की 110 किलोमीटर ट्रांसफर कर मानवता को तार तार कर दिया है। मामला कुछ इस प्रकार से है कि अगले वर्ष रिटायर होने वाली कमला देवी गवर्नमेंट हाई स्कूल पनियाली में चपरासी पद पर लगी हुई थी। कमला देवी विधवा महिला है जैसे कैसे अपने परिवार को अपने ही दम पर पाल रही थी। अचानक ही इस बुजुर्ग महिला पर उसे समय मुसीबत का पहाड़ टूट पड़ा जब इनकी ट्रांसफर के आदेश घर से 110 किलोमीटर दूर के सुना दिए गए।
कमला देवी पहले से ही डिप्रेशन की शिकार है जिसका इलाज आईजीएमसी शिमला और नाहन मेडिकल कॉलेज से चल रहा है। कमला देवी को जब पता चला कि उसका स्टेशन घर से 10, 20 नहीं बल्कि 100 किलोमीटर से भी ज्यादा दूर है तो उसकी आंखों के आंसू रोक नहीं रख रहे थे। कमला देवी का ट्रांसफर गवर्नमेंट हाई स्कूल बरोल में कर दिया गया है। अब आपको यह भी बता दें कि यह माननीय विधायक के द्वारा अपने एक चहते को राजनीतिक फायदे के चलते कमला देवी की जगह ज्वाइन करवाया गया है।
हैरान कर देने वाली बात तो यह है कि जिस व्यक्ति की रिटायरमेंट को 1 साल रह जाता है उसका ट्रांसफर वैसे भी नहीं किया जाता है। बावजूद इसके सरकार की व्यवस्था परिवर्तन के तहत 57 वर्षीय बुजुर्ग विधवा महिला कर्मचारी को पराडा के पनियाली से हरिपुरधार क्षेत्र के बरोल में ट्रांसफर कर दिया गया है। यह स्टेशन इसलिए 100 किलोमीटर से ज्यादा बैठता है क्योंकि घर से जॉइनिंग स्टेशन पर जाने के लिए पहले ददाहु यानी रेणुका जी जाना पड़ता है वहां से हरिपुरधार के लिए बस पकड़नी पड़ती है।
घर से लेकर वाया ददाहु जॉइनिंग स्टेशन की दूरी 100 किलोमीटर से ज्यादा बैठी है। ऐसे में एक तनाव ग्रस्त विधवा महिला कर्मचारी को ट्रांसफर किए जाने की क्षेत्र में कड़े शब्दों में भी निंदा की जा रही है। कमला देवी ने रोते बताया कि पति की मौत के बाद से लेकर अभी तक उसने अपने परिवार को बड़ी मुश्किल से पाला पोसा है। उन्होंने बताया कि अब जब मुझे 1 साल बाद रिटायरमेंट मिलनी है तब मेरा यहां से ट्रांसफर किया जा रहा है।
बरहाल सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार भले ही जनहितैषी कर्मचारी हितैषी फैसला ले रही होगी, मगर एक विधायक के द्वारा जिस तरीके का रवैया एक विधवा महिला के प्रति अपनाया गया है उस सरकार की व्यवस्था परिवर्तन पर सवालिया निशान भी लग रहे हैं।

