हमीरपुर डिवीजन ने सरेंडर किए 38 बस रूट, यह रहा कारण
घाटे के चलते बिलासपुर में 10 ; ऊना में आठ, नालागढ़ व देहरा में सात-सात और हमीरपुर में छह रूट छोड़े
HNN/बिलासपुर
एचआरटीसी हमीरपुर डिवीजन ने तीन दर्जन से अधिक रूट घाटे के सरेंडर किए हैं। निगम को इन रूटों पर लंबे समय से घाटा हो रहा था। ऐसे में अब इन रूटों पर निजी बस ऑपरेट्र्ज बसें चलाएंगे, लेकिन इसके लिए बस आपरेटरों को निगम की कुछ शर्तों का पालन भी करना होगा। सरकार ने इस बार रूट आबंटन के लिए कई नई शर्तें लगा दी हैं। हालांकि कुछ शर्तों में छूट भी दी गई है।
बता दें कि एचआरटीसी हमीरपुर डिवीजन में बिलासपुर डिपो में 10, ऊना डिपो में आठ, नालागढ़ डिपो में सात, देहरा डिपो के सात और हमीरपुर डिपो के छह रूट घाटे के सरेंडर किए हैं। एचआरटीसी ने इन घाटे वाले रूटों को उबारने के हर संभव प्रयास किए, लेकिन निगम घाटे के रूटों को प्रोफेट में नहीं बदल पाए।
बसें चलाने के लिए निजी बस आपरेटरों को निगम की कुछ शर्तों का भी पालन करना होगा। सरकार ने तय किया है कि इन रूटों पर बीएस-6 बसें ही चलेंगी। यदि बीएस-6 बस नहीं है, तो ई-बसें भी चला सकते हैं। इसके अलावा अन्य मॉडल की बसें नहीं चलेगीं। यदि एक रूट के लिए एक से ज्यादा आवेदन आते हैं, तो रूटों का आंबटन लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। बोनोफाइड हिमाचली ही आवेदन कर सकते हैं। रूटों का आबंटन आरटीए की बैठक में नियमानुसार किया जाएगा।