हरोली : जल संकट से कुशल जल प्रबंधन तक का सफर, बना मिसाल
Himachalnow / ऊना / वीरेंद्र बन्याल
दूरदर्शी नेतृत्व और ठोस योजनाओं ने बदली तस्वीर, जनता को मिली राहत
हरोली विधानसभा क्षेत्र, जो कभी गंभीर जल संकट से जूझता था, आज कुशल जल प्रबंधन के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है। हिमाचल प्रदेश के इस क्षेत्र ने पिछले एक साल में अभूतपूर्व बदलाव देखा है। जल संकट का स्थायी समाधान और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए लागू की गई योजनाएं अब धरातल पर बदलाव ला रही हैं। इन परियोजनाओं ने न केवल तत्कालीन समस्याओं का समाधान किया है, बल्कि एक मजबूत और टिकाऊ जल प्रबंधन प्रणाली की नींव भी रखी है।
दूरदर्शी नेतृत्व के सफल परिणाम
हरोली के विधायक और हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री मुकेश अग्निहोत्री के नेतृत्व में जल प्रबंधन के लिए कई प्रभावी कदम उठाए गए। बीते एक साल में 41 करोड़ रुपये की लागत से 9 पेयजल परियोजनाओं का उद्घाटन हुआ, जिससे 45,000 से अधिक लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सका। इसके अतिरिक्त, 122 करोड़ रुपये की लागत से 10 परियोजनाओं का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
महत्वपूर्ण रूप से, 64 बड़े जल भंडारण टैंकों का निर्माण किया गया है, जिनकी कुल भंडारण क्षमता 12.8 मिलियन लीटर है। 22 करोड़ रुपये की लागत से तैयार ये टैंक वर्तमान और भविष्य की जल आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायक हैं। उपमुख्यमंत्री का यह प्रयास उनकी जनकल्याण और दीर्घकालिक विकास के प्रति गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
जनजीवन में सकारात्मक बदलाव
जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता पुनीत शर्मा ने कहा कि इन जल भंडारण टैंकों का निर्माण केवल संरचनात्मक प्रगति नहीं है, बल्कि यह हजारों परिवारों के लिए उज्ज्वल भविष्य की गारंटी है। उन्होंने बताया कि उपमुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप परियोजनाओं ने लोगों के जीवन को सरल और स्वस्थ बना दिया है। अब हर मौसम में क्षेत्र के सभी घरों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हो रही है।
औद्योगिक विकास को भी मिली मजबूती
क्षेत्र में जल स्रोतों की रिचार्जिंग पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। बल्क ड्रग पार्क परियोजना के लिए 50 लाख लीटर और 25 लाख लीटर क्षमता वाले दो जल भंडारण टैंकों का निर्माण किया गया है। ये टैंक औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन में सहायक होंगे और क्षेत्र को एक औद्योगिक केंद्र के रूप में उभरने का अवसर देंगे।
जनता ने व्यक्त किया आभार
हरोली क्षेत्र के लोग जल संकट के इस क्रांतिकारी समाधान से बेहद संतुष्ट हैं। बीटन पंचायत के ओम प्रकाश ओमी जिंदड़ ने कहा कि पहले पीने के पानी की भारी समस्या थी, लेकिन नई परियोजनाओं और बड़े टैंकों के निर्माण से यह समस्या समाप्त हो गई है। बिमला देवी और माजरा जखेवाल के मदन लाल ने भी कहा कि जल आपूर्ति ने उनके जीवन को सरल बना दिया है।
हरोली के निवासियों ने उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में जल प्रबंधन का जो काम हुआ है, वह साबित करता है कि सही दिशा और दूरदर्शिता से संसाधनों का उपयोग कर जनजीवन में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। यह प्रयास न केवल हरोली बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक मिसाल है।