HNN/नाहन
दशहरे के पावन पर्व पर बुधवार को नाहन में जया-विजया-अपराजिता देवियों का पूजन घर-घर में किया गया। राज परिवार से संबंध रखने वाले पंडित रमेश मिश्रा ने बताया कि दशहरे पर किसी कार्य में जीत हासिल करने के लिए शक्तियों की श्रद्धा के साथ की गई पूजा अर्चना का विशेष महत्व है।

उन्होंने कहा कि शक्तियों के पूजन के लिए दशहरे के दिन सुबह के समय सबसे पहले घरों के प्रांगण को पानी से धोने के बाद गोबर से लीपकर स्वच्छ किया जाता है। फिर उस स्थान पर शक्तियों के प्रतीक के रूप में गोबर की पाथियां स्थापित की जाती हैं। इसके बाद भगवान गणेश के पूजन के बाद जया-विजया-अपराजिता देवियों का पूजन किया जाता है।

इस पूजा के दौरान घरों में उगाए गए जौ का उपयोग के साथ साथ अस्त्र-शस्त्र, पुस्तकों कलम आदि की भी पूजा की जाती है। पूजा के बाद बहनें व बुआ अपने भाईयों व भतीजों के कानों पर जौ रखकर उनकी रक्षा की मंगलकामनाएं करती है।
उधर, राजघराने से संबंध रखने वाले कंवर अजय बहादुर ने बताया कि रियासत काल से भी पूर्व यदुवंशी कुल में विजय दशमी के दिन जया-विजया-अपराजिता देवियों की पूजा अर्चना कर सदियों पुरानी चली आ रही धार्मिक परांपरा का आज भी निर्वाह किया जा रहा है।

