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100 दिन में भारत निर्वाचन आयोग की 21 नवाचारी पहलें, मतदाता सुविधा और प्रबंधन में बड़ा सुधार

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन 1 Jun 2025 Edited 31 May 1 min read

ऊना/वीरेंद्र बन्याल

मतदाताओं के अनुभव को बेहतर बनाने और चुनावी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाने के लिए कई बड़े कदम

भारत निर्वाचन आयोग ने बीते 100 दिनों में चुनाव व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुगम और आधुनिक बनाने के लिए 21 नवाचारी पहलें शुरू की हैं। इनका उद्देश्य मतदाताओं को आसान, सुरक्षित और विश्वसनीय मतदान सुविधा देना है, साथ ही निर्वाचन तंत्र को तकनीकी रूप से मजबूत बनाना भी शामिल है।

प्रक्रियागत सुधारों से आसान हुआ मतदान

जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त जतिन लाल ने बताया कि प्रत्येक मतदान केंद्र पर मतदाताओं की संख्या 1,500 से घटाकर 1,200 कर दी गई है, ताकि भीड़ कम हो और मतदान केंद्रों तक पहुंचना आसान हो सके। घनी आबादी वाले इलाकों में नए मतदान केंद्र खोले जा रहे हैं, जिससे कोई भी मतदाता 2 किलोमीटर से अधिक न चले।

तकनीकी नवाचार से बढ़ी पारदर्शिता

अब मतदाता पर्चियों में स्पष्ट भाग क्रम संख्या और मतदाता क्रम संख्या दर्शाई जाएंगी। मतदान केंद्रों पर मोबाइल फोन रखने की सुविधा भी दी जाएगी। 40 से अधिक मौजूदा ऐप्स और पोर्टलों को समेटते हुए ‘ईसीआई-नेट’ नामक एकीकृत डैशबोर्ड बनाया गया है। मृतकों का रिकॉर्ड महापंजीयक के डाटा से जोड़कर मतदाता सूची से उन्हें हटाने की प्रक्रिया सरल की गई है।

राजनीतिक दलों और हितधारकों की भागीदारी

राजनीतिक संवाद बढ़ाने के लिए देशभर में 4,719 बैठकें आयोजित की गईं, जिसमें 28,000 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। विभिन्न दलों के सुझावों को शामिल करते हुए बूथ 100 मीटर के भीतर स्थापित करने की अनुमति दी गई है। डुप्लिकेट ईपीआईसी नंबर की समस्या दूर करने के लिए विशिष्ट ईपीआईसी नंबर प्रणाली लागू की गई है।

प्रशिक्षण ढांचा और आंतरिक सुधार

अब तक 3,500 से अधिक बूथ लेवल पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षित किया गया है और आगामी 20 बैचों में 6,000 से अधिक को प्रशिक्षण दिया जाएगा। आयोग का लक्ष्य 1 लाख बीएलओ को प्रशिक्षित करना है। इसके अलावा सभी राज्यों के निर्वाचन कार्यालयों और अधिकारियों के लिए विशिष्ट प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।

आंतरिक प्रशासन में पारदर्शिता

चुनाव आयोग के मुख्यालय में बायोमेट्रिक हाजिरी और ई-ऑफिस प्रणाली शुरू कर दी गई है। नियमित सीईओ स्तर की समीक्षा बैठकें हो रही हैं, जिससे संचालन और समन्वय बेहतर हो रहा है।