लेटेस्ट हिमाचल प्रदेश न्यूज़ हेडलाइंस

12 साल बाद उत्तराखंड से 100 गांव के श्रद्धालुओं की जातर पहुंची चूड़धार

SAPNA THAKUR | 22 जून 2022 at 9:07 am

Share On WhatsApp Share On Facebook Share On Twitter

HNN/ संगड़ाह

जिला सिरमौर की सबसे ऊंची चोटी चूड़धार में उत्तराखंड से हजारों श्रद्धालु दर्शनों को पहुंचे। 12 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद उत्तराखंड कालसी क्षेत्र के 100 गांव ने इस यात्रा के लिए अपनी हाजिरी भरी। 4000 से भी अधिक श्रद्धालु सोमवार की देर शाम चूड़धार पहुंच गए थे।

मंगलवार को तमाम श्रद्धालुओं के द्वारा परंपराओं को निभाते हुए पूजा पाठ किया गया। सिद्ध पुरुष तीर्थ आनंद का कहना है कि इस देव स्थान पर खेत का अन्न और कंबल या दरी आदि दान देना शुभ माना जाता है।
उन्होंने बताया कि यदि यहां कोई सच्चे मन से आश्रम के लिए श्रद्धालुओं के ठहरने हेतु वस्त्र आदि का दान करता है तो उसके पित्र दोष खुद खत्म हो जाते हैं।

हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें: Join WhatsApp Group

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के हिमाचल की सीमा के साथ लगते कालशी क्षेत्र के गांव के लोग आज से नहीं बल्कि सदियों से ही परंपरा निभा रहे हैं। 4000 की संख्या से भी अधिक जब जातर देवस्थान पहुंची तो इंद्रदेव ने भी इन पर अपनी कृपा दृष्टि डाली। बारिश होने के बाद यहां का तापमान चार और पांच डिग्री के आसपास पहुंच गया था।

श्रद्धालुओं को यहां बनाई गई सराय में जब जगह नहीं मिली तो उन्होंने रात भर जागरण में बैठकर चूड़ेश्वर महाराज का गुणगान किया। बता दें कि यहां पर बनाए गए शरण स्थल में केवल एक हजार के लगभग ही लोगों के ठहरने की व्यवस्था है। इतनी भारी संख्या में लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था कालसी गांव के केसर सिंह नेगी के द्वारा की गई थी।

यहां यह भी बताना जरूरी है कि यह जातर शिरगुल महाराज मंदिर में आस्था रखने वाले लोग मनाते हैं। यह परंपरा हर 12 वर्ष के बाद निभाई जाती है। जिसमें कालसी क्षेत्र के दर्जनों गांव के सभी परिवारो के लोग अपनी हाजिरी सुनिश्चित करते हैं।


हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें

ताज़ा खबरों और अपडेट्स के लिए अभी हमारे WhatsApp ग्रुप का हिस्सा बनें!

Join WhatsApp Group

आपकी राय, हमारी शक्ति!
इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया साझा करें


[web_stories title="false" view="grid", circle_size="20", number_of_stories= "7"]