Month: February 2025

  • सोयाबीन  उत्पादन पर आई योजनाबद्ध नई संभावनाएं: कुलपति प्रो.नवीन कुमार

    सोयाबीन  उत्पादन पर आई योजनाबद्ध नई संभावनाएं: कुलपति प्रो.नवीन कुमार

    सोयाबीन पर तीन दिवसीय बैठक संपन्न, विशेषज्ञों ने किया मंथन 


     पालमपुर,21 फरवरी। चौधरी सरवण कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर में सोयाबीन पर तीन दिवसीय एआईसीआरपी की 55वीं वार्षिक समूह बैठक शुक्रवार को संपन्न हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मुख्यातिथि कुलपति प्रो.नवीन कुमार ने कहा कि सोयाबीन मानव और पशुधन के लिए बहुत उपयोगी फसल है। पोषक अनाजों को लेकर जिस तरह से एक योजनाबद्ध तरीके से काम किया गया उसी प्रकार विशेषज्ञों को कृषि विज्ञान केंद्रों और संबधित विभागों के माध्यम से सोयाबीन की किस्मों और तकनीकों को आम जनता के बीच पहुंचाने का प्रयास करें। ऐसा किए जाने से सोयाबीन के लाभ और उपयोगिता जन-जन तक पहुंचेगें और उत्पादन और वाणिज्य में भी इजाफा होगा।

    इस दौरान भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद सोयाबीन राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान इंदौर के निदेशक डा. के.एच.सिंह ने सोयाबीन उत्पादन वाले राज्यों में नई किस्मों एवम तकनीकों के उत्पादन के लिए शोध प्रयासों के लिए विशेषज्ञों की सराहना की। डा. सिंह ने विशेषज्ञों से सोयाबीन से तैयार किए जाने वाले पनीर (टोफू) और दाल के लिए उपयुक्त सोयाबीन की किस्मों पर अधिक कार्य करने पर बल दिया।

    बैठक के दौरान केंद्रीय किस्म पहचान समिति की बैठक में सोयाबीन की अधिक उत्पादन, प्रोटीन युक्त और रोग एवं कीट रोधी किस्म ‘‘जे.एस. 2433‘‘ की रिलीज के लिए पहचान की गई है।  

    आयोजन सचिव डा. वेदना कुमारी ने जानकारी देते हुए बताया कि तीन दिवसीय बैठक में देश भर के विभिन्न राज्य कृषि विश्वविद्यालयों, आईसीएआर संस्थानों, निजी क्षेत्र और नीति निर्माताओं का प्रतिनिधित्व करने वाले लगभग 100 प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों द्वारा भाग लिया गया। समारोह में संविधिक अधिकारियों, विशेषज्ञों, प्रगतिशील किसानों एवम विद्यार्थियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई।

  • महज 35 साल के अंकित कुमार के निधन पर संगड़ाह के शिक्षकों में शोक की लहर

    महज 35 साल के अंकित कुमार के निधन पर संगड़ाह के शिक्षकों में शोक की लहर

    संगडाह। नागरिक उपमंडल संगडाह के राजकीय उच्च विद्यालय कुफ्फर कायरा में कार्यरत टीजीटी (मेडिकल) अंकित कुमार, निवासी कांगड़ा (ज्वाली) का असामयिक निधन हो गया। इनके निधन पर न केवल विद्यालय व गांव में शोक की लहर है, बल्कि संगड़ाह व नौहराधार के सभी शिक्षक संघों ने भी गहरी संवेदना जताई है। जानकारी के अनुसार करीब दो माह पहले अंकित कुमार को अचानक पेट में तेज दर्द हुआ। शिक्षक साथियों ने उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए पहले बोगधार स्वास्थ्य केंद्र व फिर उनके गृह क्षेत्र कांगड़ा (ज्वाली) ले गए। परिजनों ने उन्हें दिसंबर महीने में डीएमसी (लुधियाना) में भर्ती कराया था। बताया जा रहा है कि, उन्हें पीलिया और पेट में पथरी की समस्या थी, जिसके चलते पेट में संक्रमण बढ़ गया था। लंबे इलाज व संघर्ष के बाद अंकित कुमार जीवन की जंग हार गए।

  • शिमला मानसिक स्वास्थ्य अस्पताल में सीटू के बैनर तले मजदूरों का जोरदार प्रदर्शन, शोषण के खिलाफ हड़ताल की चेतावनी

    शिमला मानसिक स्वास्थ्य अस्पताल में सीटू के बैनर तले मजदूरों का जोरदार प्रदर्शन, शोषण के खिलाफ हड़ताल की चेतावनी

    सीटू के बैनर तले हिमाचल मानसिक स्वास्थ्य एवं पुनर्वास अस्पताल शिमला के मजदूरों ने अपनी मांगों को लेकर अस्पताल परिसर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन लगभग दो घंटे चला। प्रदर्शन में विजेंद्र मेहरा, बालक राम, रंजीव कुठियाला, मेहर सिंह पाल, प्रताप चौहान, कपिल नेगी, मंगत चौहान, किशोर, विजय, जगदीश, संत राम, राजेश, संजीव खागटा, शंकर, सुभाष, देवराज बबलू, भूमि, सुशीला, दिनेश, प्रेम, रीना, रजनी, सीता, चन्दो देवी, राजकुमार, विद्याधर, निर्मला, कांता आदि मौजूद रहे। यूनियन ने फैसला लिया है कि अगर मजदूरों की मांगों को तत्काल पूर्ण न किया गया तो यूनियन को हड़ताल का रास्ता चुनना पड़ेगा।

    सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, जिला कोषाध्यक्ष बालक राम एवं यूनियन नेता रजनी देवी ने अस्पताल प्रबन्धन व ठेकेदार पर मजदूरों के गम्भीर शोषण का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मजदूरों को समय से वेतन नहीं दिया जा रहा है। वेतन भुगतान अधिनियम 1936 के अनुसार वेतन हर महीने सात तारीख से पहले मिलना चाहिए लेकिन मजदूरों को वेतन भुगतान हर महीने 25 तारीख को किया जाता है। मजदूरों को अस्पताल की वर्दी पहनने के लिए चेंजिंग रूम तक की व्यवस्था नहीं है जबकि अस्पताल में ज्यादातर कर्मी महिलाएं हैं।

    मजदूरों को कानून अनुसार मिलने वाली दो वर्दियों का प्रावधान नहीं किया गया है। उन्हें श्रम कार्यालय में हुए समझौते अनुसार छुट्टियां भी नहीं दी जा रही हैं। छुट्टी करने पर मजदूरों को अनुपस्थित किया जा रहा है व उनका वेतन काटा जा रहा है। उन्हें कई वर्षों की सेवा के बावजूद भी श्रम अधिकारी द्वारा सत्यापित पहचान पत्र अस्पताल प्रबंधन व ठेकेदार द्वारा जारी नहीं किए गए हैं। सफाई कर्मियों से जबरन अस्पताल भवन की छतों का असुरक्षित कार्य भी करवाया जा रहा है जिससे कभी भी कोई हादसा हो सकता है व छत से गिरने से किसी की भी जान जा सकती है।

    मजदूरों को लंच करने के लिए कमरा तक नहीं दिया गया है। मजदूरों के लंच रूम पर अस्पताल प्रबंधन ने ताला जड़ दिया है। मजदूरों से जबरन वार्ड राउंड करवाया जा रहा है जोकि उनका कार्य ही नहीं है। इस तरह मजदूरों को बंधुआ मजदूरी व गुलामी की तरफ धकेला जा रहा है। अस्पताल प्रबंधन मुख्य नियोक्ता की अपनी भूमिका निभाने में पूरी तरह विफल रहा है।

    मजदूरों को ईएसआई सुविधा के प्रावधान ठोस रूप में लागू नहीं किए जा रहे हैं। उन्हें अस्पताल प्रबंधन द्वारा बहुत ज्यादा प्रताड़ित किया जा रहा है। अपने अधिकार मांगने पर उन्हें नौकरी से निकालने की धमकियां दी जा रही हैं। श्रम कार्यालय में समय समय पर हुए कई समझौतों को अस्पताल प्रबंधन व ठेकेदार लागू नहीं कर रहे हैं।

    सफाई कर्मियों के अलावा वार्ड अटेंडेंट, चपरासी, क्लास फोर आदि अन्य आउटसोर्स कर्मियों का भी शोषण किया जा रहा है। उन्हें न्यूनतम वेतन व छुट्टियां नहीं दी जा रही हैं। उन्हें श्रम कानूनों के तहत मिलने वाली सुविधाओं से वंचित किया जा रहा है। अस्पताल प्रबंधन व ठेकेदार की मिलीभगत से मजदूरों का भयंकर शोषण हो रहा है। उन्होंने कहा कि इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा व इसके खिलाफ निर्णायक आंदोलन होगा। जरूरत पड़ी तो मजदूर अपनी मांगों की पूर्ति के लिए हड़ताल पर उतर जाएंगे।

  • सिरमौर में अब थर्ड आई बटालियन 24/7 कंट्रोल रूम से होगी सुसज्जित

    सिरमौर में अब थर्ड आई बटालियन 24/7 कंट्रोल रूम से होगी सुसज्जित

    जिला पुलिस कप्तान ने कहा ब्लैक स्पॉट ,ओवर स्पीड और अपराध पर अंकुश लगाने के लिए चार हाईटेक कैमरे भी होंगे शामिल

    हाईटेक हो रहे क्राइम के साथ-साथ अब सिरमौर पुलिस ने भी अपने बेड़े को और अधिक हाईटेक करने की योजना को अमली जामा पहनाना शुरू कर दिया है। फिर चाहे ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन हो या फिर अंधेरे का फायदा उठाकर किया गया अपराध संभवत पुलिस जवान से भले ही अपराधी बच जाए मगर थर्ड आई बटालियन से बच पान मुश्किल हो जाएगा। जिला सिरमौर के नए पुलिस कप्तान निश्चित सिंह नेगी ने पदभार संभालते ही हाईटेक व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त करने की शुरुआत कर दी है।
    एसपी सिरमौर ने न केवल जिला में लगे हुए सीसीटीवी कैमरा का हाल-चाल जाना बल्कि खराब अथवा बंद पड़े कैमरों को भी जल्द से जल्द फंक्शनिंग में लाने के आदेश दे दिए हैं। यही नहीं 4 नए सुपर हाई-टेक कैमरे भी विशेष स्थानों पर लगाने की योजना बनाई है। कहा जा सकता है कि यदि पूरे जिला के सीसीटीवी कैमरा के साथ-साथ आईटीएमएस के साथ अब जिला में थर्ड आई बटालियन पूरी तरह से सक्रिय हो जाएगी। बड़ी बात तो यह है कि इस पूरी व्यवस्था के लिए जिला पुलिस मुख्यालय में ऐसा कंट्रोल रूम होगा जिसमें 24घंटे सातों दिन नजर रखने के लिए पुलिस कर्मी तैनात रहेंगे।
    बनाई जा रही योजना के अनुसार विशेष कैमरे ब्लैक स्पॉट के साथ-साथ उन संवेदनशील स्थानों पर लगाए जाएंगे जहां पर अपराधों की संभावनाएं ज्यादा रहती हैं। इस्तेमाल व्यवस्था में ओवर स्पीड के साथ-साथ ट्रैफिक नियमों की अवहेलना करने वाले वाहन चालकों की फोटो के साथ उनका चालान उनके मोबाइल पर पहुंच जाएगा। इस पूरे हाईटेक सिस्टम से न केवल पुलिस कर्मियों का मानसिक तनाव कम होगा बल्कि सड़क पर लापरवाही से होने वाली दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी। जानकारी तो यह भी है कि हाईवे पर रडार गन लगाए जाने की योजना है जिससे वाहन चालक को अपने वाहन की स्पीड लिमिट का भी पता चल जाएगा। अब यदि कोई वाहन चालक ओवर स्पीड अथवा अन्य ट्रैफिक नियमों की आवेला करेगा तो यह सिस्टम गाड़ी की नंबर प्लेट को स्कैन कर उसका चालान भी खुद ही जनरेट कर देगा। जिला पुलिस कप्तान की हाईटेक योजना में ओवर स्पीड को रोकने के लिए कुछ खास स्थान पर रंबल स्ट्रिप लगाए जाने की भी योजना है।
    उधर जिला सिरमौर के पुलिस कप्तान निश्चित सिंह नेगी ने बताया कि जिला में लगाए गए तमाम सीसीटीवी कैमरों की स्थिति की जानकारी ली जा रही है। उन्होंने कहा कि जल्द ही आईटीएमएस सिस्टम के साथ चार हाईटेक कैमरे चयनित ब्लैक स्पॉट पर लगाए जाएंगे यही नहीं इस पूरे सिस्टम पर 24 घंटे 7 दिनों नजर रखने के लिए कंट्रोल रूम में पुलिस कर्मी को नियुक्त किया जाएगा।

  • लगातार 6 घंटे चले आंत के आपरेशन से बचाई गाय व बछड़े की जान

    लगातार 6 घंटे चले आंत के आपरेशन से बचाई गाय व बछड़े की जान

    उपमंडल संगड़ाह के लाना चेता गांव में हुआ अपनी तरह का पहला आपरेशन

    संगड़ाह। नागरिक उपमंडल संगड़ाह के अंतर्गत आने वाले दूरदराज गांव लाना चेता में पशुपालन विभाग की टीम ने करीब 6 घंटे चले आपरेशन से गाय व उसके नवजात बछड़े की जान बचाई। पशुपालन अधिकारी नौहराधार डॉ अमित वर्मा ने 2 दिन पहले डॉक्टर संजय व फार्मासिस्ट विनोद की मदद से छोटी आंत का यह सफल आपरेशन किया। करीब डेढ़ फुट आंत निकाले जाने व 400 के करीब टांके लगने के बाद गाय व बछड़ा दोनों स्वस्थ हैं और गाय दूध देना भी शुरू कर चुकी है। इस आपरेशन से पहले सप्ताह भर से बीमार गाय का डिस्टोकिया से प्रसव भी करवाया गया। आम तौर पर पर पालमपुर जैसे बड़े पशुपालन संस्थानों में होने वाला यह आपरेशन उपमंडल संगड़ाह मे पहली बार हुआ। 8 दिनों से घास खाना छोड़ चुकी होल्सटीन फ्रीजर नस्ल की इस गाय के मालिक राजपाल ने उनकी गाय व बछड़े की जान बचाने के लिए विभाग का आभार जताया। उन्होंने कहा कि, दिन 18 लीटर तक दूध दे सकने वाली इस गाय को बचाना उनके लिए हिंदू आस्था के चलते भी जरूरी था। उपमंडलीय पशुपालन अधिकारी संगड़ाह डॉ अक्षय ने इस आपरेशन से गाय व बछड़े को बचाने वाली टीम की सराहना की।

  • भाजपा ने सरकार पर बोला हमला, कहा – सुखविंद्र सिंह सरकार ने झूठ बोलने के सारे रिकॉर्ड तोड़े / डॉ. बिंदल

    भाजपा ने सरकार पर बोला हमला, कहा – सुखविंद्र सिंह सरकार ने झूठ बोलने के सारे रिकॉर्ड तोड़े / डॉ. बिंदल

    भाजपा कार्यशाला में डॉ. बिंदल का तीखा प्रहार, बेरोजगार युवाओं के साथ धोखे का आरोप

    कांग्रेस सरकार पर बेरोजगारी बढ़ाने का आरोप
    नाहन में आयोजित भारतीय जनता पार्टी की कार्यशाला में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के सवा दो साल हिमाचल की जनता के लिए कठिनाइयों से भरे रहे। विशेष रूप से बेरोजगार युवाओं के साथ धोखा, अन्याय और शोषण हुआ है।

    चुनाव से पहले नौकरी के वादे, सत्ता में आते ही भूले
    डॉ. बिंदल ने कहा कि 2022 के चुनावों के दौरान कांग्रेस ने पहली कैबिनेट बैठक में एक लाख सरकारी नौकरियां देने और 5 लाख रोजगार देने की गारंटी दी थी। लेकिन सवा दो साल बीतने के बाद भी एक भी सरकारी नौकरी नहीं दी गई। इसके बजाय, नौकरी देने वाले संस्थानों को ही बंद कर दिया गया।

    सरकार की नीतियों से युवा हो रहे हताश
    उन्होंने कहा कि जो युवा सरकारी नौकरी की आस में मेहनत कर रहे थे, वे अब लाइब्रेरी में तैयारी करते-करते थक चुके हैं। उन्होंने अपने कोचिंग और परीक्षा की तैयारी पर काफी पैसा खर्च कर दिया, लेकिन सरकार नौकरियों की परीक्षाएं ही आयोजित नहीं कर रही।

    सरकारी सुविधाएं नेताओं के लिए, बेरोजगारों के लिए सिर्फ बहाने
    डॉ. बिंदल ने कहा कि सरकार के मंत्रियों की भाषा बदल गई है। चुनाव के समय जो वादे किए गए थे, वे हवा-हवाई साबित हुए। अब बेरोजगारी को लेकर सरकार व्यवस्था परिवर्तन, आत्मनिर्भरता और कर्जे के बोझ का बहाना बना रही है, लेकिन सत्ता में बैठे लोगों के लिए हर प्रकार की सरकारी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

    1.50 लाख स्वीकृत पदों को खत्म करने का आरोप
    भाजपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार ने 1.50 लाख स्वीकृत सरकारी पदों को समाप्त कर दिया ताकि भर्ती प्रक्रिया ही न करनी पड़े। उन्होंने इसे “न होगा बांस, न बजेगी बांसुरी” की रणनीति बताया।

    कार्यशाला में कई दिग्गज नेताओं ने लिया भाग
    इस भाजपा कार्यशाला में सांसद सुरेश कश्यप, विधायक और पूर्व मंत्री सुखराम चौधरी, विधायक रीना कश्यप, पूर्व विधायक बलदेव तोमर, प्रदेश सचिव मुनीष चौहान, जिला अध्यक्ष धीरज गुप्ता और पूर्व जिला अध्यक्ष विनय गुप्ता सहित कई सेवानिवृत्त अधिकारी उपस्थित रहे।

  • बीआईएस की बड़ी कार्रवाई , पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर उद्योग में छापा

    बीआईएस की बड़ी कार्रवाई , पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर उद्योग में छापा

    फर्जी बीआईएस मानक चिन्ह लगे 17 कार्टन जब्त , कार्रवाई जारी

    परवाणू में नकली बीआईएस मार्क वाली पानी की बोतलों का भंडाफोड़
    भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) की परवाणू शाखा ने सोलन जिले के बिलांवाली लबाना गांव में मैसर्स केडिया इनोवेशन के परिसर पर छापा मारा। इस कार्रवाई में फर्जी बीआईएस मानक चिन्ह लगे 17 कार्टन पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर जब्त किए गए। यह छापेमारी बीआईएस अधिनियम 2016 के तहत की गई, जिसके अंतर्गत दोषियों को कड़ी सजा का प्रावधान है।

    बीआईएस अधिनियम के तहत होगी कड़ी कार्रवाई
    बीआईएस के वैज्ञानिक-ई एवं प्रमुख एस.सी. नाईक ने जानकारी दी कि नकली बीआईएस मार्क का उपयोग एक गंभीर अपराध है। भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम 2016 के तहत दोषियों को दो साल तक की कैद या कम से कम दो लाख रुपये का जुर्माना, या दोनों सजा दी जा सकती है।

    ग्राहकों को किया गया सतर्क, बीआईएस मार्क की करें जांच
    बीआईएस अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे किसी भी उत्पाद को खरीदने से पहले बीआईएस वेबसाइट या बीआईएस केयर ऐप के माध्यम से उसकी प्रमाणिकता की जांच करें। नकली उत्पादों की पहचान करके उपभोक्ता खुद को आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी नुकसान से बचा सकते हैं।

    नकली बीआईएस मार्क की शिकायत कहां करें?
    अगर किसी व्यक्ति को फर्जी बीआईएस मार्क का कोई मामला सामने आता है, तो वह इसकी शिकायत बीआईएस परवाणू शाखा कार्यालय को कर सकता है। शिकायत ई-मेल या टेलीफोन (0172-2650290) के माध्यम से दर्ज कराई जा सकती है। बीआईएस ने यह भी स्पष्ट किया है कि शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

  • चंबा-तीसा मार्ग पर बड़ा हादसा टला, चालक की सूझबूझ से बची 15 यात्रियों की जान

    चंबा-तीसा मार्ग पर बड़ा हादसा टला, चालक की सूझबूझ से बची 15 यात्रियों की जान

    चलती बस पर पहाड़ी से गिरा मलबा , दो यात्री घायल

    अचानक पहाड़ी से गिरा मलबा, बस अनियंत्रित हुई
    हिमाचल प्रदेश के चंबा-तीसा मुख्य मार्ग पर शनिवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। सुबह करीब 11:45 बजे मंगली-चंबा रूट पर जा रही एक निजी बस बड़ोह नामक स्थान पर पहुंची, तभी अचानक पहाड़ी से मलबा गिर गया। मलबे की चपेट में आकर बस अनियंत्रित हो गई और उसका अगला हिस्सा सड़क से बाहर लटक गया।

    चालक की तत्परता से टला बड़ा हादसा
    मलबे के गिरते ही चालक ने तेजी से स्थिति को भांप लिया और आपातकालीन ब्रेक लगाकर बस को खाई में गिरने से रोक दिया। इस दौरान बस में मौजूद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन चालक और परिचालक ने सूझबूझ दिखाते हुए सभी 15 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया

    दो यात्री हुए घायल, इलाज के लिए चंबा मेडिकल कॉलेज रेफर
    हालांकि, इस घटना में दो यात्रियों को चोटें आईं, जिन्हें तुरंत उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज चंबा ले जाया गया। बाकी सभी यात्री सुरक्षित हैं और घटना के बाद बस को सड़क से हटाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

    मौसम और पहाड़ी इलाकों में यात्रा सावधानीपूर्वक करें
    इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा के दौरान सतर्कता और सुरक्षा उपायों का पालन करना बेहद जरूरी है। लगातार बारिश या भूस्खलन के कारण पहाड़ी रास्तों पर सफर के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।

  • हिमाचल में ग्लेशियर झीलों का विस्तार, सांगला और वासुकी झील में बढ़ा पानी का स्तर

    हिमाचल में ग्लेशियर झीलों का विस्तार, सांगला और वासुकी झील में बढ़ा पानी का स्तर

    बदलती जलवायु के कारण झीलों का आकार बढ़ा, बाढ़ और भूस्खलन का खतरा

    ग्लेशियर झीलों में हो रहा तेजी से विस्तार
    हिमाचल प्रदेश में स्थित ग्लेशियर झीलों का आकार लगातार बढ़ता जा रहा है। वैज्ञानिकों और इंजीनियरों द्वारा किए गए अध्ययन में यह सामने आया है कि पिछले आठ वर्षों में वासुकी और सांगला झीलों के क्षेत्रफल में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। जलवायु परिवर्तन और ग्लेशियरों के तेज़ी से पिघलने के कारण इन झीलों का विस्तार हो रहा है, जिससे नदियों में जल प्रवाह बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

    वासुकी झील में 3.02 हेक्टेयर का विस्तार
    कुल्लू जिले के सोसन में 4500 मीटर की ऊंचाई पर स्थित वासुकी झील का क्षेत्रफल 2017 में 10.36 हेक्टेयर था, जो 2024 तक बढ़कर 13.38 हेक्टेयर हो गया है। झील की अधिकतम गहराई 36.91 मीटर और औसत गहराई 14.48 मीटर आंकी गई है। बीते वर्षों में इसमें 2.166 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी जमा हो चुका है।

    सांगला झील का क्षेत्रफल भी बढ़ा
    किन्नौर जिले के सांगला में 4710 मीटर की ऊंचाई पर स्थित सांगला झील का क्षेत्रफल भी पिछले आठ वर्षों में बढ़ा है। 2017 में यह झील 13.4 हेक्टेयर की थी, जबकि 2024 में यह बढ़कर 14.29 हेक्टेयर हो गई। सितंबर 2024 में किए गए सर्वे के दौरान इसका क्षेत्रफल 15.73 हेक्टेयर दर्ज किया गया। झील में 1.527 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी मौजूद है।

    बढ़ते जलस्तर से बाढ़ और भूस्खलन का खतरा
    वैज्ञानिकों की रिपोर्ट के अनुसार, ग्लेशियरों के पिघलने से नदियों में जल प्रवाह बढ़ सकता है। पार्वती नदी को विशेष रूप से संवेदनशील बताया गया है, जबकि सांगला झील के फटने से जेएसडब्ल्यू बास्पा हाइडल पावर स्टेशन और सांगला क्षेत्र में जानमाल की क्षति होने की आशंका जताई गई है।

    निगरानी और चेतावनी प्रणाली की आवश्यकता
    मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने शुक्रवार को वासुकी और सांगला झीलों के विस्तार और भूस्खलन के जोखिम पर आधारित अध्ययन रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि इन झीलों का हर साल फील्ड सर्वे करवाया जाए और अग्रिम चेतावनी प्रणाली स्थापित की जाए। झीलों में पानी के बहाव की नियमित निगरानी करने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया है ताकि संभावित आपदा से बचाव किया जा सके।

  • धौलाकुआं में 24 फरवरी को एक दिवसीय किसान समारोह का आयोजन

    धौलाकुआं में 24 फरवरी को एक दिवसीय किसान समारोह का आयोजन

    पीएम किसान सम्मान निधि की 19वीं किस्त जारी होने के उपलक्ष्य में होगा आयोजन

    किसानों के लिए विशेष कार्यक्रम
    नाहन, 22 फरवरी – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 फरवरी को बिहार के भागलपुर से पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 19वीं किस्त जारी करेंगे। इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के कृषि विज्ञान केंद्र धौलाकुआं में एक दिवसीय किसान समारोह आयोजित किया जाएगा।

    200 से अधिक किसान होंगे शामिल
    कृषि उप निदेशक नाहन, राज कुमार ने बताया कि इस समारोह में जिलेभर से करीब 200 किसान भाग लेंगे। इस दौरान कृषि प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिसमें किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।

    छोटे और सीमांत किसानों को मिलेगा लाभ
    पीएम किसान सम्मान निधि योजना का उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है, जिससे वे अपनी कृषि जरूरतों को पूरा कर आत्मनिर्भर बन सकें। इस योजना के तहत किसानों को हर साल 6,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है, जो तीन किस्तों में वितरित होती है। प्रत्येक किस्त चार महीने के अंतराल में जारी की जाती है।

    कार्यक्रम का लाइव प्रसारण देखने की अपील
    कृषि उप निदेशक ने जिले के किसानों से अपील की कि वे इस ऐतिहासिक क्षण को लाइव देखने के लिए https://pmevents.mygov.in/en/event/transfer-of-19th-installment-to-more-then-9-7-crore-pm-kisan-beneficiaries/ लिंक का उपयोग करें। साथ ही, इस जानकारी को अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने का आग्रह भी किया।