22 दिन बाद जिंदा निकला कार में जलने वाला बीएसएफ जवान, बंगलुरू से पकड़कर चंबा लाई पुलिस

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HNN/ चंबा

चंबा-जोत मार्ग पर कार में जलकर जिस बीएसएफ जवान की मौत हो गई थी वह जिंदा है। पुलिस उसे बाहरी राज्य से पकड़कर चम्बा ले आई है। उससे पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के बाद ही पूरे मामले से पर्दा उठेगा। 29 जून को जोत के निकट एक कार जली हुई मिली थी। यह कार बीएसएफ के जवान अमित राणा की थी। कार में मिले अवशेष को बीएसएफ जवान के माना गया था लेकिन अब कहानी में नया मोड़ आ गया है।

पुलिस बीएसएफ जवान को जिंदा तलाश लाई है। पुलिस अमित राणा से पूछताछ कर घटना की वास्तविकता से पर्दा हटाने में जुटी है। अमित राणा की शिनाख्त को लेकर पुलिस ने स्थानीय पंचायत प्रधान को भी चम्बा बुलाया है। अब अमित राणा के जिंदा पकड़े जाने के बाद यह सवाल खड़ा हो गया है कि घटना के दिन कार में जलने वाला कौन था? बीएसएफ जवान के परिजनों ने तो उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया था।

यह है मामला
बीते 29 जून की मध्यरात्रि चंबा-जोत मार्ग पर करीब दो किलोमीटर नीचे कार में आग लगने से इसमें सवार व्यक्ति की जिंदा जलने से मौत हो गई थी। मृतक की पहचान बीएसएफ जवान अमित राणा पुत्र रघुवीर निवासी गेहीनिगोड तहसील नूरपुर के तौर पर हुई थी। पुलिस और दमकल विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार में भड़की आग पर काबू पाया।

पुलिस को कार के भीतर जले हुए व्यक्ति के अवशेष मिले थे। फोरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य जुटाए थे। इस घटना को लेकर अमित के परिजनों ने भी किसी तरह का संदेह जाहिर नहीं किया था। परिजनों के मुताबिक अमित अपने दोस्तों से मिलने के लिए कार में सवार होकर चंबा की ओर आ रहा था।

हालांकि पुलिस आरंभिक जांच से ही इस घटना को संदेह की नजर से देख रही थी। पुलिस ने जांच में पाया कि जिस जगह घटना पेश आई है वह काफी खुली है। कार आग लगने के बाद भी खाई में गिरने की बजाए सड़क में ही थी। इसके साथ ही कार में आग लगने के बाद ब्लास्ट भी नहीं हुआ तो व्यक्ति खुद को बचाने में कामयाब क्यों नहीं हो पाया।