हिमाचल में सरकारी भर्तियों के लिए एंटी-चिट्टा टेस्ट होगा अनिवार्य, उपायुक्तों के कार्यों की होगी समीक्षा
हिमाचल प्रदेश सरकार ने भविष्य में होने वाली सरकारी भर्तियों में एंटी-चिट्टा टेस्ट लागू करने की दिशा में निर्णय लिया है। इसके साथ ही नशा रोकथाम अभियान के तहत जिलों में की जा रही कार्रवाई, जागरूकता गतिविधियों और प्रवर्तन कार्यों की समीक्षा भी उपायुक्तों के कार्य प्रदर्शन का हिस्सा होगी।
शिमला
सरकारी भर्तियों में लागू होगा एंटी-चिट्टा टेस्ट
कार्यकारी मुख्य सचिव केके पंत ने बताया कि राज्य सरकार भविष्य में होने वाली सभी सरकारी भर्तियों के लिए एंटी-चिट्टा टेस्ट अनिवार्य करने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध एवं अवैध तस्करी निवारण दिवस के अवसर पर पूरे प्रदेश में ‘एंटी-चिट्टा दिवस’ मनाया गया। इस दौरान नशा विरोधी गतिविधियों, जनजागरूकता और प्रशासनिक समन्वय से जुड़े कार्यक्रमों पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। सरकार का उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया में ऐसे प्रावधान शामिल करना है, जिनसे नशे के खिलाफ चल रहे अभियान को संस्थागत समर्थन मिल सके।
उपायुक्तों के कार्यों की होगी समीक्षा
राज्य सरकार ने नशा रोकथाम अभियान को जिला स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए उपायुक्तों के कार्यों की समीक्षा करने का निर्णय लिया है। अभियान के तहत विभिन्न विभागों के समन्वय से जागरूकता और प्रवर्तन संबंधी गतिविधियों पर भी ध्यान दिया जाएगा। प्रशासनिक स्तर पर यह समीक्षा इस आधार पर की जाएगी कि संबंधित जिलों में नशा विरोधी कार्रवाई, सूचना तंत्र, जनजागरूकता कार्यक्रम और फील्ड स्तर पर निगरानी कितनी प्रभावी रही है। सरकार का फोकस इस बात पर रहेगा कि जिला प्रशासन द्वारा तय लक्ष्यों के अनुरूप कार्रवाई समयबद्ध तरीके से आगे बढ़े।
पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों के बीच समन्वय
एडीजीपी ज्ञानेश्वर सिंह ने कहा कि एनकॉर्ड बैठक में मादक पदार्थों की रोकथाम को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि हिमाचल पुलिस अन्य राज्यों और केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए कार्रवाई कर रही है। इंटर-स्टेट ड्रग सचिवालय के गठन के बाद समन्वित कार्रवाई को और मजबूत किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि तस्करी के नेटवर्क को रोकने के लिए राज्य और अंतरराज्यीय स्तर पर सूचनाओं का आदान-प्रदान, निगरानी और संयुक्त कार्रवाई को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि तस्करी के मार्गों और संबंधित गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।
112 नंबर पर सूचना देने की अपील
डीजीपी अशोक तिवारी ने कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध गतिविधियों के विरुद्ध कार्रवाई जारी है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि चिट्टा या अन्य मादक पदार्थों की तस्करी, बिक्री, भंडारण अथवा सेवन से संबंधित कोई भी सूचना 112 या नजदीकी पुलिस थाने को दें। पुलिस ने बताया कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि नागरिकों की सूचना से पुलिस को तस्करी से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई करने में मदद मिलती है और इसी आधार पर कई स्तरों पर निगरानी और जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।