बंगाणा में महिला आत्मनिर्भरता पर मंथन, सीएलएफ बैठक में स्वरोजगार बढ़ाने पर जोर
उपमंडल बंगाणा में माँ चिंतपूर्णी क्लस्टर लेवल फेडरेशन की बैठक में महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और आजीविका के अवसर बढ़ाने पर चर्चा की गई। खंड विकास अधिकारी के.एल. वर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में स्वयं सहायता समूहों को अधिक प्रभावी बनाने, महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और ग्रामीण विकास योजनाओं का लाभ पात्र महिलाओं तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।
ऊना/वीरेंद्र बन्याल
बैठक में पंचायत प्रधान उमेश कुमार सहित अन्य पंचायत प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने और उन्हें आजीविका से जुड़ी गतिविधियों के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया। प्रतिभागियों ने महिलाओं के लिए स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने और स्वयं सहायता समूहों की भूमिका को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
आर्थिक गतिविधियों से महिलाओं को जोड़ने पर बल
खंड विकास अधिकारी के.एल. वर्मा ने महिला सशक्तिकरण को ग्रामीण विकास का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने और आत्मनिर्भर बनने के अवसर उपलब्ध करवाने से परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। उन्होंने ग्रामीण विकास से संबंधित योजनाओं का लाभ पात्र महिलाओं तक पहुंचाने तथा स्वयं सहायता समूहों को आजीविका संवर्धन की गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करने के महत्व पर भी बल दिया।
पंचायत प्रतिनिधियों ने ग्रामीण महिलाओं के उत्थान, स्वरोजगार को बढ़ावा देने और स्थानीय स्तर पर आजीविका के साधन विकसित करने के संबंध में अपने विचार रखे। बैठक में महिला समूहों के माध्यम से विकासात्मक गतिविधियों को गति देने तथा महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के प्रयासों पर चर्चा हुई। बैठक का उद्देश्य महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने और आजीविका के नए अवसरों के लिए सामूहिक प्रयासों को मजबूत करना रहा।