बिलासपुर के जलाशयों में अवैध मत्स्य कारोबार पर शिकंजा, पांच मामलों में 5 हजार रुपये जुर्माना
हिमाचल प्रदेश के मत्स्यपालन विभाग ने बिलासपुर जिले के जलाशयों में अवैध मछली पकड़ने और बिना अनुमति दूसरे राज्यों से मछलियां लाकर स्थानीय बाजार में बेचने के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। विभाग की संयुक्त टीम ने अवैध रूप से मछली बेचने के पांच मामले पकड़े और कुल 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया। कार्रवाई लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर की गई है।
बिलासपुर
बिलासपुर मत्स्य मंडल के सहायक निदेशक पंकज ठाकुर ने बताया कि विभाग जिले के विभिन्न क्षेत्रों, गोबिंद सागर जलाशय और मछली की दुकानों का नियमित निरीक्षण कर रहा है। मत्स्य संरक्षण अधिकारी, बिलासपुर मत्स्य अधिकारी और जुखाला मत्स्य अधिकारी की संयुक्त टीम ने बिलासपुर, जुखाला, सिर खड्ड, जड्डू और नकराणा से लठियाणी तक गश्त की। इस दौरान छोटी मछलियां पकड़ने में इस्तेमाल होने वाले अवैध आकार के करीब 25 किलोग्राम गिल नेट जब्त किए गए। अवैध मछली पकड़ने के चार मामले भी दर्ज किए गए।
मत्स्य संघ की ओर से ठेकेदारों द्वारा मछलियां एकत्र नहीं किए जाने की शिकायत मिलने के बाद मछली उतारने के केंद्र और जुखाला का निरीक्षण किया गया। विभागीय टीम ने भाखड़ा, लठियाणी और डोबर मंडली जलाशय क्षेत्रों में भी जांच की, जहां अवैध मछली पकड़ने का एक मामला सामने आया। इसके अतिरिक्त कंडौर, भागेड़, पनोल और बिलासपुर के विभिन्न क्षेत्रों सहित मछली का बीज बेचने वाली दुकानों का निरीक्षण किया गया।
सहायक निदेशक के अनुसार विभाग अवैध मछली पकड़ने, निर्धारित आकार से छोटे जाल के इस्तेमाल और दूसरे राज्यों से बिना अनुमति मछलियों के परिवहन पर लगातार नजर रख रहा है। स्थानीय बाजार में बाहर से लाई गई सस्ती मछलियां बेचने की शिकायतों को देखते हुए निरीक्षण और गश्त जारी रखी गई है। नियमों का उल्लंघन सामने आने पर विभाग की ओर से कार्रवाई की जा रही है।