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  • मन चंगा तो कठौती में गंगा” का संदेश युगों तक समाज को दिशा देता रहेगा : डॉ. बिंदल

    मन चंगा तो कठौती में गंगा” का संदेश युगों तक समाज को दिशा देता रहेगा : डॉ. बिंदल

    गुरु रविदास जयंती पखवाड़े में बोले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष—कांग्रेस सरकार साढ़े तीन साल में विकास में विफल, जनता को कर रही गुमराह

    नाहन 

    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि संत शिरोमणी गुरु रविदास द्वारा दिया गया “मन चंगा तो कठौती में गंगा” का संदेश युगों-युगों से समाज को समानता, समरसता और भाईचारे का मार्ग दिखाता आ रहा है। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास का जीवन और उनके विचार आज भी राष्ट्र और समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

    डॉ. बिंदल शनिवार को संत गुरु रविदास जयंती पखवाड़े के अवसर पर नाहन नगर सहित धारटी क्षेत्र के काटल, कैलाश और कटोरड़ में आयोजित कार्यक्रमों में भाग ले रहे थे। इस दौरान उन्होंने नाहन स्थित संत गुरु रविदास मंदिर में माथा टेका और पुष्प अर्पित कर आशीर्वाद ग्रहण किया।

    उन्होंने कहा कि गुरु रविदास न केवल महान संत थे, बल्कि समाज सुधारक भी थे, जिन्होंने जाति-भेद से ऊपर उठकर मानवता, श्रम और समानता का संदेश दिया। उनके विचार आज के समाज में और अधिक प्रासंगिक हो गए हैं।

    कार्यक्रमों के दौरान स्थानीय जनसमस्याओं पर चर्चा करते हुए डॉ. बिंदल ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार के साढ़े तीन साल के कार्यकाल में विकास पूरी तरह ठप हो चुका है और सरकार की उपलब्धि शून्य है।

    डॉ. बिंदल ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के समय धारटी क्षेत्र में सड़क, पुल, शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल से जुड़े करोड़ों रुपये के विकास कार्य शुरू किए गए थे, लेकिन कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही इन कार्यों को जानबूझकर लटका दिया। न तो अधूरे कार्य पूरे किए गए और न ही कोई नया विकास कार्य शुरू किया गया।

    उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार जनता के सवालों से बचने के लिए धरना-प्रदर्शन और बयानबाजी के जरिए ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है। लेकिन प्रदेश की जनता अब सब कुछ समझ चुकी है और कांग्रेस सरकार की जनविरोधी नीतियों से तंग आ चुकी है।

    डॉ. बिंदल ने दावा किया कि जनता अब बदलाव का मन बना चुकी है और आने वाले समय में प्रदेश से कांग्रेस सरकार को विदा करने का फैसला करेगी।

  • कालाअंब में खैर तस्करी पर वन विभाग का शिकंजा, हरियाणा से घुसे माफिया का भंडाफोड़

    कालाअंब में खैर तस्करी पर वन विभाग का शिकंजा, हरियाणा से घुसे माफिया का भंडाफोड़

    रात के अंधेरे में 12 हरे खैर काटे, तड़के कार्रवाई में एक आरोपी गिरफ्तार, चार फरार

    कालाअंब

    औद्योगिक क्षेत्र काला अंब के सकेती इलाके में खैर के जंगलों को निशाना बनाकर सक्रिय वन माफिया के खिलाफ वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है।

    हरियाणा से घुसपैठ कर रात के समय अवैध कटान में जुटे माफिया पर तड़के शिकंजा कसते हुए विभाग की टीम ने एक आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया, जबकि चार अन्य अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।

    वन विभाग को माफिया की गतिविधियों को लेकर गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर विभाग ने रणनीति बनाते हुए सुबह करीब चार बजे सकेती गांव के समीप नाकेबंदी की।

    इसी दौरान एक आरोपी को दबोच लिया गया।गिरफ्तार आरोपी की पहचान पल्होड़ी गांव निवासी आबिद के रूप में हुई है। आरोप है कि इस गिरोह ने जंगल क्षेत्र में 12 हरे खैर के पेड़ों को काट डाला।

    इन पेड़ों की कीमत हजारों रुपये बताई जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क में कुल छह लोग शामिल थे, जिनमें चार हरियाणा और दो हिमाचल प्रदेश के बताए जा रहे हैं।

    गिरोह का सरगना भी पल्होड़ी गांव का बताया गया है, जबकि टेंपो चालक हरियाणा के नगली गांव का निवासी है।जानकारी के अनुसार, जहां खैर के पेड़ों की कटाई की गई, वह निजी भूमि है, जिसकी किस्म जंगल झाड़ी दर्ज है।

    इसी भूमि पर पहले भी अवैध कटान हो चुका है, जिसकी शिकायत भूमि मालिक द्वारा पुलिस को दी गई थी। भूमि मालिक के मौके पर न रहने का फायदा उठाकर माफिया लगातार रात के अंधेरे में बेशकीमती खैर की लकड़ी की तस्करी कर रहे थे।

    इस कार्रवाई में बीओ इंतजार अली, बीओ राजेश, नाहन रेंज के फॉरेस्ट गार्ड गौरव मोहन, त्रिलोकपुर रेंज के फॉरेस्ट गार्ड नायब सिंह, सुनील कुमार, बलजीत, केवल कृष्ण और वन मित्र शामिल रहे।

    मौके पर डीएफओ (प्रोबेशनल) भी पहुंचे और हालात का जायजा लिया।डीएफओ नाहन अवनी भूषण राय ने कहा कि मामले में नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है। वन माफिया को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है और पुलिस को भी मामले से अवगत करा दिया गया है।

  • मां बाला सुंदरी धाम में आस्था के संग अब शिव मंदिर तालाब में ले सकेंगे नौका विहार का आनंद

    मां बाला सुंदरी धाम में आस्था के संग अब शिव मंदिर तालाब में ले सकेंगे नौका विहार का आनंद

    विधायक अजय सोलंकी ने किया नौका विहार का शुभारंभ, 1.60 करोड़ के विकास कार्यों की रखी नींव

    त्रिलोकपुर /नाहन

    हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर स्थित मां बाला सुंदरी प्रसिद्ध मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अब माता के दर्शन के साथ-साथ शिव मंदिर तालाब में नौका विहार का भी आनंद मिलेगा।

    धार्मिक पर्यटन को नया आयाम देते हुए शनिवार को स्थानीय विधायक अजय सोलंकी ने नौका विहार सुविधा का शुभारंभ किया।माता लोकपुर मंदिर परिसर पहुंचने पर विधायक अजय सोलंकी का मंदिर न्यास समिति और स्थानीय लोगों द्वारा भव्य स्वागत किया गया।

    इसके उपरांत विधायक ने माता के दर्शन किए और नौका विहार स्थल पर स्थित शिव मंदिर में पूजा-अर्चना की। पूजा के बाद विधायक अजय सोलंकी ने शिव मंदिर तालाब में नौका विहार सुविधा का उद्घाटन व शुभारंभ किया।

    इस अवसर पर तालाब में बत्तखें और मछलियां भी छोड़ी गईं।इस दौरान विधायक अजय सोलंकी ने लगभग 30 लाख रुपये की लागत से निर्मित पशु औषधालय का उद्घाटन किया।

    वहीं मंदिर परिसर में प्रस्तावित गौशाला तथा कैफेटेरिया के आसपास क्षेत्र के सौंदर्यकरण कार्य का शिलान्यास भी किया गया। कुल मिलाकर करीब 1 करोड़ 60 लाख रुपये की लागत से विकास कार्यों की नींव रखी गई।

    शिलान्यास व उद्घाटन कार्यक्रम के बाद आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए विधायक अजय सोलंकी ने कहा कि धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ नौका विहार और विकसित किए जा रहे सुंदर गार्डन श्रद्धालुओं और पर्यटकों को यहां अधिक समय बिताने का अवसर प्रदान करेंगे।

    उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में कैफेटेरिया और ऐतिहासिक धरोहरों को सहेजने वाला म्यूजियम पहले से मौजूद है, लेकिन उचित विजिबिलिटी के अभाव में इनका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा था।

    उन्होंने कहा कि नौका विहार और आसपास के क्षेत्र के सौंदर्यकरण से इन सुविधाओं का बेहतर उपयोग संभव होगा। इससे न केवल श्रद्धालुओं की आस्था को बल मिलेगा, बल्कि मंदिर न्यास समिति की आय बढ़ेगी और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

    कार्यक्रम के उपरांत विधायक अजय सोलंकी और एसडीएम नाहन राजीव सांख्यान ने स्वयं नौका विहार किया, जिसका स्थानीय लोगों ने तालियों के साथ उत्साहपूर्वक स्वागत किया।

    इस अवसर पर विधायक अजय सोलंकी के अलावा दलवीर सिंह, वीरेंद्र परमार, धर्मपाल, रमन शर्मा, भूपेंद्र कुमार, देवी चंद, जगपाल, सतनाम, रमेश चंद, बनारसी दास, संजीव कुमार,

    शरवण कुमार, करम चंद, राजेंद्र, सुरेश ठाकुर, निखिल, लवली, बलदेव, युद्धवीर, सुभाष चौधरी, ललित, संदीप, धनवीर, परमजीत सहित अनेक प्रशासनिक अधिकारी और ग्रामवासी उपस्थित रहे।

    इसके अलावा त्रिलोकपुर पंचायत की प्रधान रजनी, वार्ड सदस्य भूपेंद्र, वार्ड सदस्य डॉ. सुरेश, सुरेंद्र, कांग्रेसी नेता निखिल पुंडीर तथा वरिष्ठ कांग्रेसी नेता व सड़क सुरक्षा क्लब कालाअंब के अध्यक्ष सोमनाथ भाटिया भी कार्यक्रम में प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

  • जनता जाए भाड़ में, ठेकेदार ने ही किया कब्जा पार्किंग की आड़ में

    जनता जाए भाड़ में, ठेकेदार ने ही किया कब्जा पार्किंग की आड़ में

    नाहन नगर परिषद आई एक्शन में, 15 दिन का दिया नोटिस फिर भी बेअसर

    नाहन

    एक तरफ जिला प्रशासन और नगर परिषद शहर की पार्किंग व्यवस्था सुधारने के बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर माल रोड पर जनता की सुविधा के लिए बनाई गई पार्किंग खुद ठेकेदार की मनमानी का शिकार बनी हुई है।

    हालात यह हैं कि पार्किंग की आड़ में ठेकेदार ने ही उस पर कब्जा जमा लिया है।जानकर हैरानी होगी कि माल रोड की जिस पार्किंग को जनता के लिए सात वाहनों की सुविधा के उद्देश्य से नीलाम किया गया था, वहां ठेकेदार ने अपनी ही कंडम गाड़ियां खड़ी कर रखी हैं।

    यह पार्किंग अब सुविधा नहीं बल्कि शहर के बीचोंबीच बदनुमा दाग बन चुकी है।चिंता की बात यह भी है कि ये कबाड़ गाड़ियां उस स्थान पर खड़ी की गई हैं, जहां हिमाचल निर्माता की मूर्ति स्थापित है।

    हिमाचल निर्माता के नाम पर आयोजित होने वाले सभी कार्यक्रमों में माल्यार्पण की रस्म इसी स्थान पर निभाई जाती है, लेकिन इसके बावजूद यहां लंबे समय से कंडम गाड़ियों का कब्जा बना हुआ है।

    स्थानीय लोगों के लगातार विरोध के बावजूद नगर परिषद ठेकेदार को सबक सिखाने में नाकाम साबित हुई। शहर के प्रबुद्ध नागरिकों के बढ़ते दबाव के बाद करीब पांच दिन पहले नगर परिषद की हाउस बैठक में इस मामले को संज्ञान में लाया गया और पार्किंग ठेकेदार को 15 दिन का नोटिस जारी किया गया।

    हालांकि नोटिस दिए जाने के पांच दिन से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक पार्किंग से ठेकेदार की एक भी कंडम गाड़ी नहीं हटाई गई है।

    माल रोड पर पार्किंग सुविधा न मिलने के कारण न केवल आम नागरिक परेशान हैं, बल्कि पर्यटक भी इस क्षेत्र से दूरी बना रहे हैं।नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि ठेकेदार को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया गया है।

    उन्होंने कहा कि यदि तय समय में गाड़ियां नहीं हटाई गईं, तो नगर परिषद पार्किंग को अपने कब्जे में लेकर कार्रवाई करेगी।अब सवाल साफ है—क्या नगर परिषद का नोटिस भी बाकी कागजी कार्रवाइयों की तरह बेअसर साबित होगा या ठेकेदार पर वाकई कार्रवाई होगी?

  • महामाया श्री बाला सुंदरी मंदिर में 9 माह में भक्तों ने माता को अर्पित किए 12.49 करोड

    महामाया श्री बाला सुंदरी मंदिर में 9 माह में भक्तों ने माता को अर्पित किए 12.49 करोड

    डीसी सिरमौर की अध्यक्षता में मंदिर न्यास की समीक्षा बैठक हुई आयोजित

    नाहन :

    उत्तर भारत के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल महामाया श्रीबालासुन्दरी मन्दिर न्यास त्रिलोकपुर में चल रहे निर्माण एवम् विकास कार्यों की समीक्षा बैठक जिलाधीश सिरमौर एवम् आयुक्त मन्दिर प्रियंका वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई।

    एसडीएम नाहन एवं सहायक आयुक्त राजीव संख्या ने जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में त्रिलोकपुर विकास कार्यों में विशाल भण्डारा शैड तथा पशुपालन विभाग की न्यास द्वारा निर्मित डिस्पेंसरी का लोकापर्ण और नई गौशाला के निर्माण का अनुमोदन किया गया।

    बैठक में उपस्थित करनाल निवासी दानी सज्जन घन श्याम गोयल तथा आर्किटेक्ट द्वारा निःशुल्क सेवाओं के प्रस्ताव की प्रसंशा की गई। त्रिलोकपुर पधारने वाले यात्रियों को माता के दर्शनों के साथ -2 पर्यटन की सुविधा के लिए शीघ्र ही शिवमन्दिर तालाब में बोटिंग सहित सौन्दर्यकरण आदि प्रस्ताव भी अनुमोदित किए गए ।

    मन्दिर में मुरमुरे के प्रसाद चढ़ाने जिसके कारण परिसर में बहुत अधिक गन्दगी हो जाती है, प्रतिबन्धित करने तथा यात्रियों प्राकृतिक सिन्दूर के प्रयोग सुनिश्चित किया जाएगा। यह भी चर्चा की गई कि गत तीन वर्षों में न्यास की आय में बहुत अधिक बढ़ोत्तरी हुई है।

    कार्य प्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता यह भी अवगत करवाया गया कि अप्रैल माह से दिसम्बर 2025 तक नौ माह की अवधि में 12 करोड 49 लाख रुपए की आय हुई है। जिसका प्रयोग वेतन आदि खर्चों के अतिरिक्त दिन रात भण्डारा सेवा, भण्डारा शैड निर्माण छायादार शैड ग्राम त्रिलोकपुर में पूर्ण सफाई बिजली व्यवस्था तथा पार्किंग हेतु कय की गई भूमि के भुगतान हेतु किया गया है।

    यह भी चर्चा की गई कि मन्दिर न्यास के विरुद्ध जनहित याचिका खेदजनक है चुंकि गत तीन-चार वर्षों से कोई भी घटनाक्रम न्यास के ध्यान में नही है तथा न्यास की आय में बहुत अधिक वृद्धि हुई है।

    बैठक में बीडीओ नाहन, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण, जल शक्ति विभाग तथा विद्युत विभाग सहित गैर सरकारी न्यासी धीरज कुमार, दलबीर सिंह, धर्मपाल निखिल तथा भुपिन्द्र सिंह सहित न्यास के सहायक अभियंता, सहायक नियन्त्रक आदि उपस्थित रहे।

  • सुक्खू सरकार अपने अधिकारियों से अब मंगवाने लगी है भीख -विनय गुप्ता

    सुक्खू सरकार अपने अधिकारियों से अब मंगवाने लगी है भीख -विनय गुप्ता

    अंतर्राष्ट्रीय रेणुका मेले के लिए पंचायत स्तर तक दान माँगना हिमाचल के इतिहास में पहली बार

    हिमाचल नाऊ न्यूज़ नाहन

    हिमाचल प्रदेश भाजपा प्रवक्ता विनय गुप्ता ने सुक्खू सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया है कि प्रदेश सरकार अब पंचायत स्तर तक भीख माँगनी शुरू कर चुकी है। विनय गुप्ता ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय मेलों के आयोजन के लिए प्रदेश की सुक्खू सरकार अपने अधिकारियों से भीख मंगवा रही है, और हिमाचल के इतिहास में यह पहली बार हो रहा है जब किसी अंतरराष्ट्रीय मेले के आयोजन के लिए सरकार द्वारा पंचायत स्तर तक लोगों से भगवान के नाम पर दान मांगा जा रहा है।

    विनय गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय श्री रेणुका मेले के आयोजन के संबंध में, सिरमौर के पंचायत अधिकारी द्वारा जिले के खंड विकास अधिकारियों को पत्र लिखा गया है कि मेले के आयोजन के लिए पंचायतों से दान राशि एकत्रित की जाए, और इसी तर्ज पर सभी खंड विकास अधिकारियों ने जिले की सभी पंचायतों को पत्र लिखकर रेणुका मेले के आयोजन के लिए दान राशि देने का आदेश किया है।

    प्रदेश प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि सुक्खू सरकार ने भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का यह नया और शर्मनाक जरिया ढूंढ लिया है। विनय गुप्ता ने बताया कि रेणुका मेले के आयोजन के लिए आज तक कभी भी इस प्रकार के फरमान जारी नहीं हुए और सरकार अपने स्तर पर मेले के आयोजन का खर्च उठाती थी,

    परंतु इस बार यह पहली मर्तबा हो रहा है जब इस अंतर्राष्ट्रीय मेले के आयोजन के लिए सुक्खू सरकार ने अधिकारियों को भीख मांगने पर मजबूर किया है, और यह पंचायतों में भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का भी एक नया तरीका निकाला गया है।

    विनय गुप्ता ने बताया कि रेणुका मेला कमेटी द्वारा मेला मैदान में प्लाटों की बिक्री से ही 68 लाख से अधिक की धनराशि एकत्रित की गई है, जबकि करोड़ों रुपया स्मारिका छाप कर औद्योगिक इकाइयों से इकट्ठा किया जा रहा है।

    उन्होंने आरोप लगाया कि इतना पैसा इकट्ठा होने के बावजूद, इस सुक्खू सरकार ने पंचायत स्तर तक भीख मांग कर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का नया रास्ता ढूंढा है।विनय गुप्ता ने कहा कि इससे माँ रेणुका और भगवान श्री परशुराम से जुड़ी आस्था को भी ठेस पहुंची है, और लोगों की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ करके गांव-गांव से भीख के जरिए पैसा इकट्ठा किया जा रहा है।

    उन्होंने बताया कि गत वर्ष ही इस सरकार ने राज्य के अनेक धार्मिक मंदिरों से सरकारी योजनाओं को चलाने के लिए उपायुक्तों को पत्र लिखकर सरकार को पैसा देने का फरमान जारी किया था, जिससे लोगों की धार्मिक भावनाओं को भारी ठेस पहुंची थी, और अब भगवान श्री परशुराम जी और माँ रेणुका के नाम से आयोजित होने वाले रेणुका मेले के आयोजन के लिए लोगों की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

    उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि प्रदेश की यह निकम्मी सरकार अब पूरी तरह से आर्थिक दिवालिया हो चुकी है और इसे सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है।

  • पीजी कॉलेज नाहन में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की शुरुआत, परिसर में बनेगी एनएसएस वाटिका

    पीजी कॉलेज नाहन में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की शुरुआत, परिसर में बनेगी एनएसएस वाटिका

    विधायक सोलंकी की पहल पर नाहन कॉलेज में पर्यावरण संरक्षण अभियान, औषधीय पौधों को जोड़ा जाएगा अब संस्कारों से

    हिमाचल नाऊ न्यूज़ नाहन

    डॉ. यशवंत सिंह परमार राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नाहन ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ी और अनूठी पहल की शुरुआत की है। महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के कैडेट्स ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान शुरू किया है,

    जिसके तहत कॉलेज परिसर में एक विशिष्ट एनएसएस वाटिका का निर्माण किया जाएगा। इस अभियान का आगाज महाविद्यालय के प्राचार्य विभव शुक्ला ने स्वयं एक औषधीय पौधा लगाकर किया।

    यह अभियान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि स्वयंसेवकों ने न केवल एक हरा-भरा उपवन तैयार करने का बीड़ा उठाया है, बल्कि उसके दीर्घकालिक संरक्षण को भी सुनिश्चित करने का संकल्प लिया है।

    एनएसएस के नोडल ऑफिसर डॉ. पंकज चांडक ने बताया कि एनएसएस वाटिका बनाने का विचार स्थानीय विधायक अजय सोलंकी द्वारा दिया गया था। विधायक सोलंकी ने इस वाटिका में एक पेड़ मां के नाम लगाकर इसे समाज के संस्कारों में शामिल करने का आह्वान किया था।

    एनएसएस हेड बॉय हर्ष, दीपक और हेड गर्ल मीनाक्षी ने जानकारी दी कि इस वाटिका में औषधीय पौधों के साथ-साथ छायादार पौधे भी लगाए जाएंगे। कैडेट्स का कहना है कि बाद में इन पौधों को महाविद्यालय के छात्रों को वितरित किया जाएगा,

    ताकि वे अपने घर और आस-पास के क्षेत्रों में ‘एक पौधा मां के नाम’ लगाकर इस अभियान को एक महाअभियान का रूप दे सकें।

    एनएसएस के द्वितीय कार्यक्रम अधिकारी ट्विंकल का कहना है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल एक दिन पेड़ लगाकर औपचारिकता निभाना नहीं है, बल्कि पेड़ लगाने को संस्कारों में शामिल करते हुए इसे एक स्थायी रिवाज का दर्जा देना है।

  • पुलिस की QRT ने जमटा में कुचली 3 मोटरसाइकिलें, रात को खूब हुआ हंगामा

    पुलिस की QRT ने जमटा में कुचली 3 मोटरसाइकिलें, रात को खूब हुआ हंगामा

    हिमाचल नाऊ न्यूज़ नाहन

    शहर से महज़ 13 किलोमीटर दूर नावणी पंचायत के जमटा में मंगलवार देर रात बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब पुलिस की क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) के एक वाहन ने सड़क किनारे खड़ी तीन मोटरसाइकिलों को कुचल दिया।

    इस घटना से तीनों वाहनों को भारी नुकसान पहुँचा और इसके बाद सड़क पर भारी संख्या में लोग जमा हो गए, जिसके चलते काफी देर तक हंगामा भी होता रहा।जमटा में अष्टमी नवरात्र मेले को लेकर मंगलवार को भारी भीड़ उमड़ी थी।

    कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की टीमें तैनात की गई थी और रात के समय गश्त के लिए क्यूआरटी भी मौके पर मौजूद थी। शाम के वक्त भारी बारिश के कारण कल्चरल एक्टिविटी नहीं हो पाई थी, जिसके चलते मेले में आए लोग रात को अपने घरों के लिए निकल रहे थे।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रात पौने 11 बजे के आसपास क्यूआरटी वाहन पंजाहल जाने वाले रोड़ की तरफ से नाहन-ददाहू सड़क पर बैक हो रहा था। बताया जा रहा है कि पहली बार बैक करते हुए चालक ने वाहन को नियंत्रित कर लिया था, लेकिन दूसरी बार जैसे ही इसे बैक किया गया, यह अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़ी मोटरसाइकिलों से टकरा गया।

    वाहन पीछे आकर पहाड़ी से टकराया और इस दौरान मोटरसाइकिलें उसके नीचे आ गईं।स्थानीय लोगों ने इस हादसे का कारण क्यूआरटी वाहन के चालक की लापरवाही बताया और इसे लेकर भारी रोष प्रकट किया।

    गनीमत यह रही कि इस दौरान कोई भी व्यक्ति वाहन की चपेट में नहीं आया और एक बड़ी दुर्घटना टल गई। बाइकें क्षतिग्रस्त होने से उनके मालिकों और स्थानीय लोगों में खासा गुस्सा है।

    हादसे की वास्तविक वजह क्या रही, यह पुलिस जांच के बाद ही सामने आ पाएगा। उधर, इस घटना के संबंध में जब एएसपी सिरमौर योगेश रोल्टा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि फिलहाल उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है और “इसका पता लगाने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।”क्या अब खबर का प्रवाह आपको बेहतर लग रहा है?

  • प्रदेश के प्रख्यात महंत सोमदत्त गिरी जी का निधन, पत्रकार जगत में शोक की लहर

    प्रदेश के प्रख्यात महंत सोमदत्त गिरी जी का निधन, पत्रकार जगत में शोक की लहर

    वरिष्ठ पत्रकार राकेश नंदन के पिता की पैतृक गांव बांमटा में आज मंगलवार को होगी समाधि रस्म

    हिमाचल नाऊ न्यूज़ नाहन-

    नाहन के प्रसिद्ध विद्वान और प्रख्यात पंडित बाद में महंत सोमदत्त गिरी के नाम से जाने गए श्री सोम दत्त वशिष्ठ जी का निधन हो गया है। बीती रात नाहन मेडिकल कॉलेज में उन्होंने अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है कि उन्हें साइलेंट अटैक आया था, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।

    उनके निधन से पत्रकार जगत में शोक की लहर है, क्योंकि उनके दो बेटों में से एक जिला सिरमौर में वरिष्ठ पत्रकार हैं, जबकि दूसरे बेटे वियतनाम में रहते हैं। महंत सोमदत्त गिरी अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।

    उनका अंतिम संस्कार महंत परंपरा के अनुसार समाधि रस्म आज मंगलवार को उनके पैतृक गाँव बनेठी पंचायत के बामटा में की जाएगी। महंत सोमदत्त गिरी जी के निधन पर जिला सिरमौर के तमाम पत्रकारों ने गहरा दुख और संवेदनाएं व्यक्त की हैं।

    सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है और शोक संतप्त परिवार को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करने की कामना की है।

  • हिमाचल की 60 दवाएं गुणवत्ता परीक्षण में फेल: ‘ड्रग अलर्ट’ ने बढ़ाई चिंता

    हिमाचल की 60 दवाएं गुणवत्ता परीक्षण में फेल: ‘ड्रग अलर्ट’ ने बढ़ाई चिंता

    सोलन सबसे आगे, 41 फार्मा उद्योगों को कारण बताओ नोटिस जारी

    हिमाचल नाऊ न्यूज़ नाहन

    हिमाचल प्रदेश के दवा उद्योगों से जुड़ी एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आई है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) द्वारा जारी जुलाई माह के ‘ड्रग अलर्ट’ के अनुसार, देश भर में मानक से कम गुणवत्ता वाली पाई गई 143 दवाओं में से 60 दवाएं अकेले हिमाचल प्रदेश में निर्मित हैं।

    ये दवाएं प्रदेश के 41 विभिन्न दवा उद्योगों द्वारा बनाई गई थीं, जो गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरीं।जांच में फेल हुई इन दवाओं में सामान्य संक्रमण, बुखार, पेट से संबंधित बीमारियों, एलर्जी, उच्च रक्तचाप, दर्द और यहां तक कि मिर्गी व फंगल संक्रमण के इलाज में इस्तेमाल होने वाली महत्वपूर्ण दवाएं भी शामिल हैं।

    यह स्थिति प्रदेश के दवा निर्माण क्षेत्र की विश्वसनीयता पर सवाल उठाती है।सोलन से सर्वाधिक मामले:जानकारी के अनुसार, जिन जिलों से ये सैंपल सही नहीं पाए गए हैं, उनमें सोलन जिला सबसे ऊपर है, जहाँ अकेले 41 सैंपल गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे।

    इसके अलावा, सिरमौर से 6, कांगड़ा से 5 और ऊना से 2 सैंपल भी जांच में फेल हुए हैं।कड़ी कार्रवाई के निर्देश:राज्य दवा नियंत्रक मनीष कपूर ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए बताया कि CDSCO के ड्रग अलर्ट में शामिल सभी दवा कंपनियों को तुरंत कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।

    साथ ही, उन्हें संबंधित बैच की सभी दवाओं का पूरा स्टॉक बाजार से तत्काल वापस मंगवाने के निर्देश भी दिए गए हैं। यह कदम जनता के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए उठाया गया है।

    यह घटना हिमाचल प्रदेश के लिए एक गंभीर चेतावनी है, क्योंकि यह राज्य देश का एक प्रमुख फार्मा हब माना जाता है। गुणवत्ता नियंत्रण और निरीक्षण प्रक्रियाओं को और भी सख्त करने की आवश्यकता पर अब विशेष जोर दिया जा रहा है।