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  • सीएम सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए यह अहम निर्णय….

    सीएम सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए यह अहम निर्णय….

    HNN/ शिमला

    हिमाचल कैबिनेट की बैठक मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज बुधवार को आयोजित की गई। बता दें सुक्खू सरकार की यह तीसरी कैबिनेट बैठक थी। इस बैठक में आज कई मुद्दों पर चर्चा हुई और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू कई बड़े अहम निर्णय लिए।

    बता दें इस मंत्रिमंडल बैठक में सुक्खू सरकार ने हिमाचल प्रदेश लोकसेवा आयोग को नकल को रोकने के लिए विश्वविद्यालय, बोर्ड हिमाचल प्रदेश कदाचार निवारण अधिनियम 1984 के दायरे में लाने का निर्णय लिया, ताकि उम्मीदवार योग्यता के आधार निष्पक्ष और पारदर्शी चयन सुनिश्चित किया जा सके।

    मंत्रिमंडल ने 90,362 मनरेगा श्रमिकों, एकल नारी और 40 प्रतिशत से अधिक विकलांग व्यक्तियों, पंजीकृत स्ट्रीट वेंडरों और अनाथालयों में रहने वाले बच्चों को आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के दायरे में लाने का निर्णय लिया।

    हिमाचल प्रदेश के सभी 11 सिविल एवं सत्र मंडलों के साथ नालागढ़, सरकाघाट, सुंदरनगर और घुमारवीं उप मंडलों में संवेदनशील गवाह बयान केंद्रों के लिए विभिन्न श्रेणियों के 45 पदों के सृजन को मंजूरी दी।

    श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम के लिए विकास योजना को मंजूरी
    कैबिनेट ने कांगड़ा जिले में श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम विशेष क्षेत्र के लिए मसौदा विकास योजना को मंजूरी देने का फैसला लिया है। साथ ही जिला मंडी में माता श्यामकाली मंदिर प्रबंधन समिति गलमा के पक्ष में 40 वर्ष की अवधि के लिए 55,276 प्रति वर्ष रुपये की दर से भूमि के पट्टे का नवीनीकरण भी किया।

    एमसी में पेड़ों के मामले निपटाएगी कैबिनेट सब कमेटी
    कैबिनेट ने उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह और लोक निर्माण विभाग मंत्री विक्रमादित्य सिंह की सदस्यता वाली कैबिनेट सब कमेटी का गठन करने का निर्णय लिया। कमेटी जिलों में नगर निगमों के अधिकार क्षेत्र पेड़ों को काटने-हटाने के सभी मामलों पर निर्णय लेगी।

    शोघी में विज्ञान, शिक्षण और रचनात्मकता के लिए समर्पित केंद्र
    शिमला के आनंदपुर (शोघी) के गांव भोग में विज्ञान, शिक्षण और रचनात्मकता के लिए एक समर्पित केंद्र स्थापित करने को मंजूरी दी गई ताकि बच्चों को उनकी प्राकृतिक जिज्ञासा को आगे बढ़ाने और रचनात्मकता की प्यास बुझाने के लिए एक मंच प्रदान किया जा सके। यह प्रायोगिक विज्ञान शिक्षा के बड़े पैमाने पर प्रसार का भी समर्थन करेगा और सीखने में नवाचार का नेतृत्व करेगा। कैबिनेट ने पर्यावरण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग का नाम बदलकर पर्यावरण प्रौद्योगिकी और जलवायु परिवर्तन विभाग करने को मंजूरी दी।

    कृषि उद्योग निगम का विलय
    हिमाचल प्रदेश कृषि उद्योग निगम लिमिटेड का हिमाचल प्रदेश बागवानी उत्पादन एवं विपणन निगम(एचपीएमसी) में विलय करने का भी निर्णय लिया। कैबिनेट ने 90:10 के केंद्र-राज्य अनुपात में पीएम स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया की नई केंद्र प्रायोजित योजना के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने की मंजूरी दी।

    विरासत मामले समाधान योजना शुरू होगी
    सद्भावना विरासत मामले समाधान योजना 2023 को शुरुआत में तीन महीने की अवधि के लिए शुरू करने का फैसला किया ताकि पुराने मामलों का समाधान किया जा सके। इस योजना का लक्ष्य लगभग 50,000 मामलों का निपटान करना है जो अभी भी जीएसटी लागू होने के पहले से विभिन्न अधिनियमों के तहत मूल्यांकन के लिए लंबित हैं। यह योजना छोटे और सीमांत व्यापारियों और अन्य करदाताओं को सुविधा प्रदान करेगी।

    ये पद भरे जाएंगे
    बैठक में डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में जनरल मेडिसिन, पैथोलॉजी और रेडियोथेरेपी विभाग में सहायक प्राध्यापक के एक-एक पद भरने का निर्णय लिया गया। कैबिनेट ने सिविल जजों के 10 पद सीधी भर्ती से भरने को भी मंजूरी दी। आयुष विभाग में अनुबंध आधार पर आयुर्वेदिक फार्मेसी अधिकारियों के बैचवार 15 पद भरने का भी निर्णय लिया गया। हिमाचल प्रदेश लोकसेवा आयोग के माध्यम से नियमित आधार पर हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवाओं के नौ पदों को भरने का निर्णय लिया गया।

  • आश्रय कोष को कैबिनेट की मंजूरी, अनाथ बच्चों को चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट के रूप में अपनाने का लिया निर्णय

    आश्रय कोष को कैबिनेट की मंजूरी, अनाथ बच्चों को चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट के रूप में अपनाने का लिया निर्णय

    बजट सत्र में होंगी 18 बैठकें

    HNN/ शिमला

    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित प्रदेश मंत्रिमंडल की दूसरी बैठक में महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के दिशा-निर्देशों को स्वीकृति प्रदान की गई। विगत माह हुई मंत्रिमंडल की बैठक में एनपीएस कर्मचारियों के लिए पुरानी पैंशन बहाल करने का निर्णय लिया गया था।

    मंत्रिमंडल ने राज्यपाल से हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 14 मार्च से 6 अप्रैल, 2023 तक आयोजित करने की सिफारिश भी की। बजट सत्र में 18 बैठकें होंगी। मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के अंतर्गत अनाथ और विशेष रूप से सक्षम बच्चों, निराश्रित महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को लाया गया है, जिसमें उन्हें हर संभव सहायता का प्रावधान किया गया है।

    योजना में प्रदेश सरकार ने अनाथ बच्चों को अपने बच्चों (चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट) के रूप में अपनाया है। मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत मौजूदा अधोसंरचना के उन्नयन के साथ-साथ मौजूदा संस्थानों का युक्तिकरण कर उन्हें सुदृढ़ किया जाएगा ताकि आवासियों को बेहतर सुविधाएं प्राप्त हो सकें।

    उनके लिए अटैच शौचालय वाले कमरे, मनोरंजन व गतिविधि कक्ष, कॉमन रूम, म्यूजिक रूम, स्मार्ट क्लास रूम, कोचिंग रूम, इनडोर व आउटडोर खेल सुविधाओं सहित अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इस योजना के तहत उपेक्षित वरिष्ठ नागरिकों, अनाथ बच्चों, विशेष रूप से सक्षम बच्चों और निराश्रित महिलाओं की बेहतर देखभाल के लिए नए एकीकृत घरों का निर्माण चरणबद्ध तरीके से एक परिसर में अलग-अलग खण्डों में किया जाएगा।

    इनमें सभी आधुनिक सुविधाओं का समावेश होगा। यह आधुनिक एकीकृत घर जिला कांगड़ा के ज्वालामुखी तथा जिला मंडी के सुंदरनगर में स्थापित होंगे। योजना के अंतर्गत संस्थान में रहने वाले बच्चों की गुणात्मक शिक्षा का प्रावधान किया गया है ताकि उन्हें बेहतर कोचिंग, संदर्भ पुस्तकें अथवा कोचिंग सामग्री मिल सके।

    समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तियों के माध्यम से ऐसे बच्चों को मेंटरशिप भी प्रदान की जाएगी। दसवीं से बाहरवीं तक के बच्चों को सूचीबद्ध एजेंसियों के माध्यम से करियर काउंसलिंग भी प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा के लिए भी इन बच्चों को सरकार सहायता प्रदान करेगी।

    इसके अलावा इन बच्चों के समग्र व्यक्तित्व विकास के लिए मासिक पिकनिक आयोजित करने का भी प्रावधान किया गया है।  मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत 18 वर्ष से अधिक आयु के पात्र आवासियों को कोचिंग, छात्रावास शुल्क, शिक्षण शुल्क आदि के लिए प्रति व्यक्ति एक लाख रुपए प्रति वर्ष प्रदान करने के अलावा कोचिंग की अवधि के दौरान चार हजार रुपए प्रति आवासी प्रति माह छात्रवृत्ति प्रदान करने का प्रावधान किया गया है।

    मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना में इन संस्थानों के आवासियों को विवाह के लिए दो लाख रुपए अथवा वास्तविक खर्च, जो भी कम हो, प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त इन संस्थानों में रहने वाले प्रत्येक बच्चे, निराश्रित महिलाओं का आवर्ती जमा खाता खोला जाएगा, जिसमें सरकार द्वारा 0-14 वर्ष की आयु के बच्चों को एक हजार रुपए प्रति बच्चा प्रति माह, 15-18  वर्ष आयु के बच्चों व एकल महिलाओं को दो हजार पांच सौ रुपए प्रति माह की सहायता राशि देगी।

    इन संस्थानों के आवासियों को भारत के विभिन्न दर्शनीय अथवा ऐतिहासिक स्थलों का पंद्रह दिन का शैक्षिक भ्रमण प्रति वर्ष आयोजित करने का भी प्रावधान है, जिसमें आवासियों के लिए यात्रा की व्यवस्था शताब्दी ट्रेन, एसी वॉल्वो अथवा हवाई सुविधा के साथ-साथ थ्री स्टार होटलों में ठहरने की व्यवस्था होगी।

    योजना में इसी तर्ज पर वृद्धाश्रमों एवं नारी सेवा सदनों के आवासियों को भी प्रति वर्ष 10 दिन की यात्रा व ठहरने का प्रावधान किया गया है। योजना के तहत बाल देखरेख संस्थानों को छोड़ने वाले सभी बच्चों के लिए 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने के बाद भी 21 वर्ष की आयु तक और अनाथ बच्चों के लिए 27 वर्ष की आयु तक वास्तविक दरों पर छात्रावास शुल्क और शिक्षण शुल्क प्रदान करने की व्यवस्था करने के साथ-साथ अध्ययन अवधि के दौरान छात्रवृत्ति के रूप में चार हजार रुपए प्रति माह प्रति बच्चे को उनके व्यक्तिगत खर्चों को पूरा करने के लिए सहायता राशि दी जाएगी।

    इस योजना के अंतर्गत पात्र आवासी, जो 18 वर्ष के आयु पूर्ण करने के बाद अपना स्टार्ट-अप आरंभ करना चाहते हैं, उन्हें दो लाख रुपए प्रति व्यक्ति एकमुश्त वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत अनाथ बच्चों को 18 वर्ष की आयु के बाद 27 वर्ष तक पश्चावर्ती देखभाल संस्थानों में आवासीय सुविधाओं के साथ-साथ भोजन, आश्रय और वस्त्र भी उपलब्ध करवाए जाएंगे।

    इस योजना के तहत जिन अनाथ बच्चों के नाम पर कोई भूमि नहीं है, उन्हें 27 वर्ष की आयु के बाद घर के निर्माण के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में तीन बिस्वा भूमि देने के साथ-साथ आवास निर्माण के लिए तीन लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। योजना के तहत इन संस्थानों में रहने वाले सभी आवासियों को वस्त्र अनुदान के रूप में दस हजार रुपए की राशि प्रति वर्ष उनके बैंक खाते में जमा करवाई जाएगी ताकि वह अपने पसंद के वस्त्र व जूते खरीद सकें।

    इसके अतिरिक्त संस्थान में रहने वाले व्यक्तियों की देखभाल के लिए अतिरिक्त गृह माता अथवा पालक की नियुक्ति का भी योजना में प्रावधान किया गया है, ताकि उन्हें रहन-सहन में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।  मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत आवासीय को वर्ष भर आने वाले त्यौहार को मनाने के लिए प्रति त्यौहार 500 रुपए की अनुदान राशि भी दी जाएगी। योजना के तहत ऐसे वर्ग की सहायता के लिए 101 करोड़ के प्रारंभिक योगदान के साथ-साथ मुख्यमंत्री सुख-आश्रय सहायता कोष का गठन किया गया है।

  • कैबिनेट बैठक में सुक्खू सरकार का फैसला, विधानसभा सभा का बजट सत्र 14 मार्च से 6 अप्रैल तक होगा

    कैबिनेट बैठक में सुक्खू सरकार का फैसला, विधानसभा सभा का बजट सत्र 14 मार्च से 6 अप्रैल तक होगा

    HNN/ शिमला

    हिमाचल कैबिनेट की बैठक मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक में निर्णय लिया गया कि हिमाचल विधानसभा सभा का बजट सत्र 14 मार्च से 6 अप्रैल तक होगा। इस सत्र के दौरान 18 बैठकें होंगी। मुख्यमंत्री बजट पेश करेंगे, सुक्खू सरकार का ये पहला बजट होगा।

    इसके साथ सुखआश्रय योजना को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत अनाथ बच्चों व बुजुर्गों के लिए सुंदरनगर व ज्वालामुखी में दो कांप्लेक्स बनाए जाएंगे। इन भवनों पर 80-80 करोड़ लागत आएगी। सुखआश्रय योजना 101 करोड़ की होगी। इसमें अभी तीन करोड़ इक्ठा हो चुका है, जिसमें विधायकों ने भी एक-एक लाख रुपए दिए हैं।

  • सुक्खू सरकार की दूसरी कैबिनेट बैठक 16 फरवरी को, इन मुद्दों को लेकर……

    सुक्खू सरकार की दूसरी कैबिनेट बैठक 16 फरवरी को, इन मुद्दों को लेकर……

    HNN/ शिमला

    हिमाचल प्रदेश के कैबिनेट की बैठक गुरुवार 16 फरवरी को होगी। बता दें यह बैठक सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में 12 बजे राज्य सचिवालय के शिखर सम्मेलन हॉल में होगी। सुक्ख सरकार की यह दूसरी कैबिनेट बैठक होगी। मुख्यमंत्री सुक्खू दिल्ली और गोवा के दौरे के बाद आज शिमला पहुंच रहे हैं। उन्होंने कुछ विभागों की अहम बैठकें रखी गई है, जिनमें वे हिस्सा लेंगे और इसके साथ ही प्रदेश में इस समय चल रहे सीमेंट विवाद पर ट्रक ऑपरेटरों के साथ भी आज ही बैठक होनी है।

    गौरतलब है कि इससे पहले सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार की पहली बैठक 13 जनवरी को हुई थी और उसके एक माह से भी अधिक समय के बाद 16 फरवरी को दूसरी बैठक हो रही है। इस कैबिनेट की बैठक में बजट सत्र को लेकर भी शेड्यूल फाइनल करेगी। विधानसभा का बजट सत्र इस बार मार्च में ही शुरू होना है। इसके साथ अपग्रेड किए गए स्कूलों को लेकर फैसला होगा और नए खोले जाए कालेजों को लेकर भी निर्णय सरकार लेगी।

  • सुक्खू सरकार की कर्मचारियों को बड़ी सौगात, बहाल हुई ओपीएस

    सुक्खू सरकार की कर्मचारियों को बड़ी सौगात, बहाल हुई ओपीएस

    HNN/ शिमला

    सुक्खू सरकार ने आज हिमाचल प्रदेश के लाखों कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी है। बता दें कि आज प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में प्रदेश सचिवालय में कैबिनेट बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में ओपीएस बहाल करने का निर्णय लिया गया है जिससे अब प्रदेश के लाखों कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है।

    बता दें कि ओपीएस बहाली के लिए प्रदेश के कर्मचारी लगातार मांग उठा रहे थे। सरकार ने भी कर्मचारियों को ओपीएस बहाली का आश्वासन दिया था। ऐसे में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में ओपीएस बहाल कर दी गई है। वहीँ, पुरानी पेंशन बहाली को लेकर कर्मचारियों में ख़ुशी का माहौल है।

    मुख्यमंत्री ने सचिवालय के बाहर एनपीएस कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि ओपीएस कर्मचारियों का हक है। कांग्रेस ने अपने वादे के मुताबिक ओपीएस बहाल कर दी है। उन्होंने कहा कि आज ही ओपीएस बहाली की अधिसूचना भी जारी कर दी जाएगी।

  • सुक्खू सरकार की आज पहली कैबिनेट बैठक, ओपीएस बहाली पर हो सकता है बड़ा फैसला

    सुक्खू सरकार की आज पहली कैबिनेट बैठक, ओपीएस बहाली पर हो सकता है बड़ा फैसला

    HNN/ शिमला

    हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद आज पहली बार कैबिनेट बैठक का आयोजन होने जा रहा है। कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू करेंगे। आज होने जा रही कैबिनेट बैठक में ओपीएस बहाली को लेकर बड़ा फैसला हो सकता है जिसका कर्मचारी लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं।

    बता दें कि दोपहर 12 बजे सचिवालय शिमला में इस बैठक का आयोजन किया जाएगा। बैठक में ओपीएस बहाली के अलावा महिलाओं को 1500 रुपए मासिक, 300 यूनिट मुफ्त बिजली, एक लाख युवाओं को नौकरी, पशुपालकों से 80 व 100 रुपए प्रति लीटर के हिसाब से दूध खरीद, 2 रुपए के हिसाब से गोबर खरीदने सहित अन्य फैसले कैबिनेट में हो सकते हैं।

  • लाखों कर्मचारियों का इंतज़ार खत्म, इस दिन होगी नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक

    लाखों कर्मचारियों का इंतज़ार खत्म, इस दिन होगी नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक

    HNN / शिमला

    हिमाचल प्रदेश के लाखों कर्मचारियों का इंतजार खत्म हो गया है। जी हां, हिमाचल प्रदेश की नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक की घोषणा हो गई है। बता दें कि हिमाचल प्रदेश में नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक 13 जनवरी, लोहड़ी पर्व के दिन होने जा रही है। यह कैबिनेट बैठक हिमाचल सचिवालय के शिखर हॉल में दोपहर 12 बजे शुरू होगी।

    इस बैठक में सुक्खू सरकार प्रदेश के लाखों कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना की सौगात देगी। गौरतलब है कि चुनावों के दौरान कांग्रेस सरकार ने प्रदेश के लाखों कर्मचारियों से वादा किया था कि यदि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनती है तो वह पहली बैठक में प्रदेश की जनता को ओपीएस की सौगात देगी।

    ऐसे में चुनाव के नतीजों के बाद प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी और अब सभी कर्मचारी पुरानी पेंशन बहाली का इंतज़ार कर रहे है। इसके अलावा इस बैठक में महिलाओं को प्रतिमाह 1500 रुपये और 300 यूनिट फ्री बिजली देने का फैसला भी हो सकता है। वहीं, प्रदेश के हजारों युवाओं को नौकरियां देने का भी वादा कांग्रेस ने अपने चुनाव के घोषणा पत्र में किया था। ऐसे में देखना यह होगा कि पहली बैठक में नई सरकार लोगो को क्या-क्या सुविधाएं देती है और क्या नई घोषणाएं करती है।