Category: HAMEERPUR

  • हमीरपुर / एनएच निर्माण बना परेशानी का सबब, चार महीने से पानी आपूर्ति ठप

    हमीरपुर / एनएच निर्माण बना परेशानी का सबब, चार महीने से पानी आपूर्ति ठप

    स्थानीय लोगों को झेलनी पड़ रही मुश्किलें

    हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में टोणी देवी से आवा देही को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-3 (NH-3) के निर्माण कार्य ने स्थानीय लोगों की समस्याएं बढ़ा दी हैं। इस सड़क निर्माण के दौरान पानी की पाइपलाइनें टूटने से दर्जनों पंचायतों में पिछले चार महीनों से पानी आपूर्ति पूरी तरह ठप है

    लोगों ने उठाई सरकार से मांग

    स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह सड़क निर्माण पिछले कई वर्षों से जारी है, लेकिन उचित प्रबंधन न होने के कारण पानी की पाइप बार-बार टूट रही हैं। परिणामस्वरूप, गांवों में पीने के पानी की भारी किल्लत हो गई है। लोगों ने सरकार और एनएच प्राधिकरण से जल्द से जल्द निर्माण कार्य पूरा करने और पानी की समस्या का समाधान करने की मांग की है

    प्रबंधन में लापरवाही का आरोप

    स्थानीय लोगों का आरोप है कि एनएच निर्माण कार्य में लगी कंपनी और विभागीय अधिकारियों के बीच समन्वय की कमी है। निर्माण के दौरान बिना किसी पूर्व सूचना के पाइपलाइनें तोड़ दी जाती हैं और बाद में उन्हें ठीक करने की कोई प्रभावी योजना नहीं होती।

    स्थानीय निवासी कहते हैं:
    “हमारे गांव में पानी की पाइपलाइन बार-बार तोड़ी जा रही है। पाइप टूटने के कारण हमें गंदा पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही।”

    नगरवासियों को हो रही पानी की किल्लत

    स्थानीय बाजारों और रिहायशी इलाकों में लोगों को पानी की भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। एक महीने से अधिक समय से कई इलाकों में पानी की आपूर्ति बंद है, जिससे लोगों को मजबूरन दूसरे स्रोतों से पानी लेना पड़ रहा है

    जल्द समाधान का दावा

    इस मामले में आईपीएच विभाग के एसई नीरज भोगल ने बताया कि एनएच विभाग को टूटी पाइपों को जल्द जोड़ने के निर्देश दे दिए गए हैं ताकि जल आपूर्ति बहाल की जा सके। उन्होंने कहा कि एक-दो दिनों के भीतर पानी की समस्या हल हो जाएगी

    लोगों की मुख्य मांगें

    एनएच निर्माण कार्य को जल्द पूरा किया जाए
    टूटी पाइपलाइनों को प्राथमिकता के साथ जोड़ा जाए
    स्थानीय प्रशासन और एनएच प्राधिकरण के बीच बेहतर समन्वय हो
    भविष्य में पाइपलाइन क्षतिग्रस्त न हो, इसके लिए बेहतर योजना बनाई जाए

    निष्कर्ष

    हमीरपुर के लोगों की यह समस्या जल्द हल होनी चाहिए, ताकि जनजीवन सामान्य हो सके और लोग साफ पानी की आपूर्ति से वंचित न रहें। स्थानीय प्रशासन और सरकार को इस विषय पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।

  • हमीरपुर में जमीन की ई-केवाईसी प्रक्रिया शुरू, सभी भूमि मालिकों से आधार कार्ड को जमीन के खाता नंबर से लिंक करने का आग्रह

    हमीरपुर में जमीन की ई-केवाईसी प्रक्रिया शुरू, सभी भूमि मालिकों से आधार कार्ड को जमीन के खाता नंबर से लिंक करने का आग्रह

    हमीरपुर जिले में जमीन के रिकॉर्ड को आधार कार्ड से लिंक करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस डिजिटल पहल का उद्देश्य भूमि मालिकों को भविष्य में बेहतर सुविधा प्रदान करना है।


    ई-केवाईसी प्रक्रिया: कैसे हो रहा है काम?

    • प्रक्रिया: जमीन मालिकों की भूमि की ई-केवाईसी (KYC) का कार्य पटवारियों को सौंपा गया है।
    • लाभ:
      1. आधार कार्ड से लिंक होने पर भूमि रिकॉर्ड आसानी से उपलब्ध होगा।
      2. दस्तावेज़ प्राप्त करने के लिए विभागीय चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी।
      3. डिजिटाइजेशन से प्रक्रियाएं तेज और पारदर्शी होंगी।

    तहसीलदार का बयान

    हमीरपुर के तहसीलदार सुभाष कुमार मल्होत्रा ने बताया कि यह प्रक्रिया भूमि मालिकों के लिए फायदेमंद साबित होगी।

    • आधार कार्ड लिंक के फायदे:
      • केवल आधार नंबर से भूमि का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध होगा।
      • दस्तावेज़ तक पहुंच आसान और समय की बचत होगी।
    • चुनौतियां:
      • कई क्षेत्रों में बंदोबस्त का रिकॉर्ड राजस्व विभाग तक नहीं पहुंचा है।
      • इन क्षेत्रों की ई-केवाईसी प्रक्रिया अधूरी है।

    डिजिटल पहल का व्यापक असर

    • पूरे हिमाचल प्रदेश में युद्ध स्तर पर ई-केवाईसी का कार्य चल रहा है।
    • सभी भूमि मालिकों से आधार कार्ड को जमीन के खाता नंबर से लिंक करने का आग्रह किया गया है।
    • यह पहल डिजिटाइजेशन की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो भविष्य में कई योजनाओं और लाभों को सुगम बनाएगा।

    जनता से अपील

    तहसीलदार ने जिले के सभी भूमि मालिकों से अनुरोध किया है कि वे अपने क्षेत्र के पटवारी के पास जाकर जल्द से जल्द अपनी ई-केवाईसी पूरी कराएं। यह न केवल उनके लिए फायदेमंद होगा, बल्कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं को भी आसान बनाएगा।

  • हमीरपुर / श्रम कल्याण बोर्ड में कथित धांधली और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ भारतीय मजदूर संघ का धरना प्रदर्शन

    हमीरपुर / श्रम कल्याण बोर्ड में कथित धांधली और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ भारतीय मजदूर संघ का धरना प्रदर्शन

    धांधली का आरोप
    हमीरपुर में आज भारतीय मजदूर संघ ने प्रदेश सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जोरदार धरना प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के दौरान श्रमिकों ने श्रम कल्याण बोर्ड में हुई कथित धांधली का विरोध किया। प्रदेश निर्माण कामगार संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया कि श्रम कल्याण विभाग के अधिकारी मजदूरों की समस्याओं का समाधान नहीं कर रहे हैं, साथ ही साथ बोर्ड के अंदर भ्रष्टाचार और धांधली के मामलों पर भी चुप्पी साधी गई है।

    मृतकों के आश्रितों को राहत की मांग
    धरने में एक और अहम मुद्दा उठाया गया, जिसमें मृतक श्रमिकों के परिवारों को बिना आय माप के मदद देने की मांग की गई। श्रम कल्याण बोर्ड की गलत नीतियों के कारण मृतकों के आश्रितों को मिलने वाली सहायता में देरी हो रही है, जो कि इस प्रदर्शन का मुख्य कारण बन रही है।

    विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल
    ठाकुर ने कहा कि जब भी शिमला में बैठकें होती हैं, तो निर्णय कुछ और होते हैं, लेकिन बाद में नोटिफिकेशन में कुछ और ही निकलता है। उनका आरोप था कि विभाग की कार्यप्रणाली में खामियां हैं और जब तक इन समस्याओं का समाधान नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

    अगले कदम की तैयारी
    अगर सरकार और विभागों का रवैया नहीं बदला, तो भारतीय मजदूर संघ ने प्रदेशभर में और भी बड़े आंदोलन की योजना बनाई है, ताकि श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा की जा सके।

    निष्कर्ष
    यह प्रदर्शन सिर्फ एक विरोध नहीं, बल्कि मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए चल रहे संघर्ष का प्रतीक है। अगर सरकार और श्रम कल्याण विभाग ने समय रहते जरूरी कदम नहीं उठाए, तो यह आंदोलन और तेज हो सकता है।

  • हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग / 1,423 पदों के लिए दोबारा शुरू होगी भर्ती प्रक्रिया

    हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग / 1,423 पदों के लिए दोबारा शुरू होगी भर्ती प्रक्रिया

    पेपर लीक प्रकरण के बाद नई भर्तियों की राह में आई तेजी, आयु सीमा में राहत की संभावना

    हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग 1,423 पदों के लिए दोबारा भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की योजना बना रहा है। पेपर लीक प्रकरण के बाद अब अभ्यर्थियों को आयु सीमा में 2 साल की छूट मिल सकती है। 3,41,742 अभ्यर्थियों को राहत देने के लिए सरकार ने आउटसोर्स एजेंसी का चयन कर लिया है। भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू होने की उम्मीद है, जिसमें JBT और जूनियर ऑफिस असिस्टेंट के सबसे अधिक पद शामिल हैं।

    हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग ने 1,423 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया को दोबारा शुरू करने की योजना बनाई है। पेपर लीक प्रकरण के कारण भंग हो चुके आयोग द्वारा विज्ञापित इन पदों के लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। इसमें अभ्यर्थियों को आयु सीमा में दो साल की छूट देने का भी अनुरोध किया गया है।

    संबंधित विभागों से पत्राचार

    आयोग ने 80 पोस्ट कोड के तहत 1,423 पदों की भर्ती के लिए संबंधित विभागों से पत्राचार किया है। विभागों को सूचित किया गया है कि यदि पदों की संख्या में कमी या बढ़ोतरी करनी है तो इसे 31 जनवरी से पहले सूचित करें। पिछले दो वर्षों से नई भर्तियां रुकने के कारण आयोग की गतिविधियों में ठहराव आ गया था। हालांकि, कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (सीबीटी) के माध्यम से ओटीए भर्ती का परिणाम घोषित किया जा चुका है।

    अभ्यर्थियों के लिए राहत

    भर्ती प्रक्रिया शुरू होने से 3,41,742 अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी, जिन्होंने 1,423 पदों के लिए आवेदन किया है। सबसे अधिक पद पोस्ट कोड 1075 (जेबीटी) के 467 और पोस्ट कोड 965 (जूनियर ऑफिस असिस्टेंट) के 319 पद हैं। भर्ती प्रक्रिया का इंतजार कर रहे इन अभ्यर्थियों के लिए यह एक बड़ी खबर है।

    आउटसोर्स एजेंसी का चयन

    राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रिया के लिए एक आउटसोर्स एजेंसी का चयन कर लिया है। इससे भर्ती प्रक्रिया को जल्द ही शुरू किया जा सकेगा। आयोग के लिए यह एक नई शुरुआत होगी और अभ्यर्थियों के लिए राहत की खबर लेकर आएगी।

    सरकार की ओर से निर्देशित भर्ती प्रक्रिया को लेकर सभी संबंधित विभागों को आवश्यक सूचना दी जा रही है। उम्मीद है कि जल्द ही नई भर्तियों की प्रक्रिया प्रारंभ होगी।

  • मसेह खड्ड पर पुल निर्माण : 1970 से लंबित मांग पूरी

    मसेह खड्ड पर पुल निर्माण : 1970 से लंबित मांग पूरी

    हमीरपुर , ऊना और कांगड़ा के 10,000 लोगों को मिलेगा फायदा

    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज नादौन विधानसभा क्षेत्र और कांगड़ा जिले के जसवां परागपुर विधानसभा क्षेत्र के दुर्गम इलाकों को जोड़ने के लिए मसेह खड्ड पर 5.11 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले पुल का शिलान्यास किया। इस पुल के निर्माण से तीन जिलों-हमीरपुर, ऊना और कांगड़ा के लगभग 10,000 लोगों को राहत मिलेगी।

    यह पुल नादौन की चार ग्राम पंचायतों, ऊना की दो ग्राम पंचायतों और कांगड़ा जिले की छह ग्राम पंचायतों को जोड़ेगा। पुल बनने से नादौन और बंगाणा के बीच दूरी 7.50 किमी और नादौन-पीर सलूही के बीच की दूरी 6 किमी तक कम हो जाएगी। यह मांग वर्ष 1970 से की जा रही थी, जिसे अब राज्य सरकार ने पूरा किया है।

    मुख्यमंत्री ने क्षेत्रवासियों को आश्वासन दिया कि पुल का निर्माण कार्य एक साल के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। इसके साथ ही गांव की सड़कों को भी पक्का किया जाएगा । उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के हर हिस्से का समान विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि नौरी गांव के निवासियों ने पुल निर्माण को लेकर कई बार अपनी मांग रखी थी, जिसे अब पूरा किया जा रहा है। कांग्रेस नेता सुरेंद्र मनकोटिया ने कहा कि मुख्यमंत्री का जसवां परागपुर क्षेत्र के प्रति विशेष लगाव है और उन्होंने क्षेत्र को कई विकास योजनाओं की सौगात दी है।

    उन्होंने यह भी कहा कि आपदा के दौरान मुख्यमंत्री ने अपनी व्यक्तिगत संपत्ति दान कर मिसाल पेश की। सब्सिडी छोड़ने के उनके कदम को भी सराहा जा रहा है।

    इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक भगत सिंह ठाकुर, एडीएम राहुल चौहान, और अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ-साथ पंचायती राज संस्थानों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

  • हमीरपुर मेडिकल कॉलेज को ₹470 करोड़, कैंसर संस्थान के लिए ₹85 करोड़ स्वीकृत: मुख्यमंत्री सुक्खू

    हमीरपुर मेडिकल कॉलेज को ₹470 करोड़, कैंसर संस्थान के लिए ₹85 करोड़ स्वीकृत: मुख्यमंत्री सुक्खू

    हड़ेटा में ₹4 करोड़ की लागत से नवजीवन पार्क का शिलान्यास, इको-टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा

    नादौन : मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने नादौन विधानसभा क्षेत्र के हड़ेटा में ₹4 करोड़ की लागत से प्रस्तावित नवजीवन पार्क का शिलान्यास किया। इस परियोजना में चिल्ड्रन पार्क, वॉकिंग ट्रेल, योगा की सुविधा, कैफेटेरिया, वॉच टावर, और तीन कॉटेज सहित अन्य सुविधाएं शामिल होंगी। यह परियोजना इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय रोजगार और आय सृजन में मददगार साबित होगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हड़ेटा का चयन इसके घने जंगलों की वजह से किया गया है। इसके अलावा, हमीरपुर में गलोड़-भट्टा सड़क सहित अन्य सड़कों का दोहरीकरण किया जा रहा है। डॉ. राधाकृष्णन हमीरपुर चिकित्सा महाविद्यालय में अब तक ₹470 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं, जबकि कैंसर संस्थान के लिए ₹85 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया है।

    मुख्यमंत्री ने पूर्व भाजपा सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने बिना स्टाफ और संसाधनों के संस्थान खोलकर उन्हें कमजोर किया। वर्तमान सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूती देने के लिए ₹1500 करोड़ की राशि मंजूर की है, जिसमें अत्याधुनिक उपकरण जैसे कि PET स्कैन और MRI मशीनें स्थापित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि शिक्षा क्षेत्र में भी राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूलों की स्थापना से सरकारी स्कूलों में गुणवत्ता सुधार हो रहा है।

    इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने हड़ेटा में नया पटवार सर्कल और पंचायत घर बनाने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की सड़कों और जल आपूर्ति में सुधार के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया जाएगा।

    इस मौके पर कांगड़ा सहकारी बैंक के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, कांग्रेस नेता डॉ. पुष्पिंद्र वर्मा, और पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

  • हमीरपुर पुलिस ने पकड़ा भगोड़ा अपराधी मंदीप सिंह, 2011 मर्डर केस में था उम्रकैद

    हमीरपुर पुलिस ने पकड़ा भगोड़ा अपराधी मंदीप सिंह, 2011 मर्डर केस में था उम्रकैद

    हमीरपुर, 7 जनवरी 2025: हमीरपुर पुलिस ने एक प्रमुख अपराधी, मंदीप सिंह, जिसे 2011 में हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा मिली थी, को पकड़ने में सफलता प्राप्त की है। यह अपराधी चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया गया है, जहां वह वर्षों से फरार था।

    2011 का मर्डर और उम्रकैद की सजा
    मंदीप सिंह ने 2011 में एक हत्या की थी, जिसके लिए उसे अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। हालांकि, कुछ समय बाद उसे पैरोल पर रिहा किया गया था, लेकिन वह इसके बाद फरार हो गया था। उसके फरार होने के बाद, पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी।

    नकली पहचान और भागने की योजना
    भगोड़ा मंदीप सिंह ने अपनी पहचान छिपाने के लिए एक नकली आधार कार्ड तैयार कराया था। इस नकली कार्ड पर उसका नाम सुनील कुमार था, जिसके जरिए वह जम्मू और पंजाब के विभिन्न हिस्सों में घूमता रहा। 2017 में मंदीप सिंह ने औट में एक सूइसाइड नोट छोड़ा और अपनी मोटरसाइकिल नदी के किनारे खड़ी कर दी और वह बस में बैठकर फरार हो गया था। तब से उसकी कोई खबर नहीं मिली थी।

    चंडीगढ़ में गिरफ्तार
    पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में मंदीप सिंह को आखिरकार चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया गया। इस गिरफ्तारी को लेकर हमीरपुर पुलिस अधीक्षक भगत सिंह ठाकुर ने प्रेस वार्ता में बताया कि पुलिस ने विभिन्न सुरागों के आधार पर मंदीप सिंह को पकड़ा है।

    आगे की कार्रवाई
    अब पुलिस के हाथों में मंदीप सिंह की गिरफ्तारी के बाद, उसकी कानूनी कार्यवाही और दंड की प्रक्रिया शुरू होगी। पुलिस ने यह भी कहा कि इस गिरफ्तारी से अन्य फरार अपराधियों के लिए एक कड़ा संदेश जाएगा।

  • भोरंज में प्रवासी मजदूर की हत्या , आरोपी फरार

    भोरंज में प्रवासी मजदूर की हत्या , आरोपी फरार

    उत्तर प्रदेश के दो मजदूरों के बीच झगड़े में घायल प्रवासी ने एम्स बिलासपुर में तोड़ा दम, पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया

    भोरंज थाना क्षेत्र के सम्मू ताल पेट्रोल पंप के पास 26 दिसंबर की रात उत्तर प्रदेश के दो प्रवासी मजदूरों के बीच हुए विवाद में घायल प्रवासी मजदूर ने 31 दिसंबर को एम्स बिलासपुर में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।

    थाना प्रभारी प्रशांत सिंह ठाकुर ने बताया कि मृतक की पत्नी आरती देवी ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि 26 दिसंबर की रात जब वह अपने बच्चों के साथ घर में थी, तभी बाहर से चीखने-चिल्लाने की आवाजें आईं। बाहर जाकर देखा तो उसका पति संदीप कुमार, जो उत्तर प्रदेश के नेतवापुर गांव का निवासी था, पर अमरजीत नामक व्यक्ति बांस के डंडे से सिर पर हमला कर रहा था।

    संदीप गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत रिश्तेदारों और ठेकेदार की मदद से सिविल अस्पताल भोरंज ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल हमीरपुर और फिर एम्स बिलासपुर रेफर किया गया। 31 दिसंबर की शाम संदीप ने दम तोड़ दिया।

    पुलिस ने मृतक की पत्नी की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी अमरजीत फिलहाल फरार है, और उसे पकड़ने के लिए पुलिस जगह-जगह छानबीन कर रही है। पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस ने कहा कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर मामले की पूरी जांच की जाएगी।

  • आईएचएम हमीरपुर / आपके होटल प्रबंधन करियर के लिए 100% प्लेसमेंट और बेहतरीन अवसर देश-विदेश में

    आईएचएम हमीरपुर / आपके होटल प्रबंधन करियर के लिए 100% प्लेसमेंट और बेहतरीन अवसर देश-विदेश में

    हमीरपुर स्थित केंद्रीय और राज्य सरकार के तत्वाधान में संचालित होटल प्रबंधन संस्थान (आईएचएम) छात्रों की पढ़ाई के साथ-साथ उनकी प्लेसमेंट्स को भी सुनिश्चित कर रहा है। इस संस्थान के छात्र-छात्राएं न केवल देश बल्कि विदेशों में भी होटल उद्योग में अच्छे वेतन वाली नौकरियां हासिल कर रहे हैं। गौरतलब है कि आईएचएम हमीरपुर में अब तक 100% प्लेसमेंट्स रही हैं, और यहां के छात्र-छात्राएं ओबर रॉयल्स और ताज जैसी बड़ी कंपनियों में कैंपस प्लेसमेंट्स के जरिए चयनित हो चुके हैं।

    आईएचएम हमीरपुर के विद्यार्थी अपने प्रशिक्षण को लेकर काफी संतुष्ट हैं और अच्छे अवसरों की तलाश में देश और विदेश में पर्यटन उद्योग की ओर रुख कर रहे हैं। एक छात्रा ने बताया, “मैंने हाल ही में अपनी इंस्टिट्यूशनल ट्रेनिंग पूरी की है, और इस इंडस्ट्री में हमे ग्रूमिंग स्टैंडर्ड और एटीकेट को अच्छे से सिखाया जाता है। हमें विदेशों में काम करने के अवसर भी मिलते हैं, जिससे हम बहुत कुछ सीख सकते हैं।”

    वहीं, 2012 से 2015 के बैच के एक छात्र ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, “मेरे प्लेसमेंट के लिए कॉलेज की प्लेसमेंट सेल, विशेषकर पुनीत सर ने काफी मदद की। उनकी बदौलत आज मैं लंदन में काम कर रहा हूं।”

    आईएचएम हमीरपुर के विभागाध्यक्ष पुनीत बंटा ने बताया, “पिछले 12 वर्षों में केवल एक वर्ष को छोड़कर, जिसमें कोविड का असर था, हमीरपुर आईएचएम में 100% प्लेसमेंट रहा है। हम अपने छात्रों को करियर गाइडेंस और काउंसलिंग भी प्रदान करते हैं, ताकि वे प्लेसमेंट के दौरान अधिक लाभ प्राप्त कर सकें। आज हमारे छात्र न केवल भारत में, बल्कि विदेशों में भी सिक्स फिगर्स सैलरी पर काम कर रहे हैं।”

    आईएचएम हमीरपुर का यह प्रयास छात्रों को बेहतर भविष्य के अवसर प्रदान करने के लिए लगातार जारी है, जिससे संस्थान में पढ़ाई कर रहे बच्चों को लाभ मिल रहा है।

  • हिमाचल में हाईकोर्ट के आदेश पर 60 साल पुराना शिव मंदिर अतिक्रमण के तहत गिराया गया

    हिमाचल में हाईकोर्ट के आदेश पर 60 साल पुराना शिव मंदिर अतिक्रमण के तहत गिराया गया

    ग्रामीणों का विरोध, आस्था के प्रतीक मंदिर को हटाने पर सवाल; प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया को बताया न्यायोचित

    हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में सुजानपुर-थुरल हाईवे पर स्थित कुठेड़ा (उबक) क्षेत्र में 60 साल पुराने शिव मंदिर को शुक्रवार को प्रशासन ने अतिक्रमण के तहत गिरा दिया। उच्च न्यायालय के आदेश पर लोक निर्माण विभाग और पुलिस ने मिलकर यह कार्रवाई की। इसी के तहत एक मकान के अतिक्रमण में आ रहे छज्जे को भी तोड़ा गया।

    कार्रवाई के दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने भारी विरोध किया। उनका कहना था कि यह मंदिर क्षेत्र के लोगों की आस्था का प्रतीक है और इसे इस तरह हटाना अनुचित है। ग्रामीणों के अनुसार, यह मंदिर पहले केवल मूर्तियों का स्थान था, लेकिन क्षेत्र के लोगों ने मिलकर इसका निर्माण कराया था।

    ग्रामीण सड़क पर उतर आए और मांग की कि यदि इस मंदिर को अतिक्रमण मानते हुए हटाया गया है, तो अन्य अतिक्रमणों पर भी कार्रवाई की जानी चाहिए। उनका आरोप है कि इस क्षेत्र में कई और जगहों पर सरकारी भूमि पर कब्जा है, लेकिन उन पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।