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  • प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, नरेश वर्मा एचआरटीसी के कार्यकारी निदेशक, संजीव गांधी मिल्कफेड के एमडी

    प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, नरेश वर्मा एचआरटीसी के कार्यकारी निदेशक, संजीव गांधी मिल्कफेड के एमडी

    एचएएस–आईपीएस अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां, एचआरटीसी और मिल्कफेड में बदले नेतृत्व और सिरमौर में…

    हिमाचल नाऊ न्यूज़ – शिमला

    प्रदेश सरकार ने एचएएस और आईपीएस अधिकारियों के स्तर पर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए कई अहम पदों पर नई नियुक्तियां और तबादले किए हैं। कार्मिक विभाग द्वारा जारी आदेशों के तहत परिवहन, प्रशासन और सार्वजनिक उपक्रमों में बदलाव किया गया है।

    अतिरिक्त निदेशक तकनीकी शिक्षा विभाग सुंदरनगर नरेश कुमार वर्मा को वहां से तबदील कर हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) का कार्यकारी निदेशक नियुक्त किया गया है।

    नरेश वर्मा इस अतिरिक्त कार्यभार से नगर निगम शिमला के संयुक्त आयुक्त डॉ. भुवन शर्मा को भारमुक्त करेंगे, जो लंबे समय से एचआरटीसी का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे थे।

    इसी क्रम में एसडीएम सिविल शिलाई जसपाल को एसडीएम सिविल कफोटा का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। वहीं नियुक्ति की प्रतीक्षा में रहे जगदीप सिंह को एसडीएम सिविल निरमंड के पद पर तैनाती दी गई है। वह मनमोहन सिंह का स्थान लेंगे, जिन्हें सरकार ने कार्मिक विभाग में रिपोर्ट करने के निर्देश दिए हैं।

    इसके अलावा एसडीएम कफोटा ओम प्रकाश को वहां से तबदील कर पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा में संयुक्त निदेशक के पद पर तैनात किया गया है। साथ ही सरकार ने रमन घरसंघी, अतिरिक्त निदेशक मेडिकल कॉलेज चंबा के तबादला आदेशों को रद्द कर दिया है।

    उधर, प्रदेश सरकार ने आईपीएस अधिकारी संजीव गांधी को हिमाचल प्रदेश मिल्कफेड का प्रबंध निदेशक नियुक्त किया है। उनकी सेवाओं को कार्मिक विभाग के अधीन लाते हुए मिल्कफेड में एमडी के रूप में तैनाती के आदेश जारी किए गए हैं।

    संजीव गांधी इससे पहले शिमला के पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात थे और हाल ही में पदोन्नति के बाद डीआईजी रैंक पर पहुंचे हैं।
    संजीव गांधी की नियुक्ति के साथ ही वन सेवा के अधिकारी राजेश शर्मा को मिल्कफेड के अतिरिक्त कार्यभार से भारमुक्त कर दिया गया है।

  • RDG बंद होने पर सुक्खू सरकार जाएगी कोर्टमुख्यमंत्री बोले—हिमाचल के विकास से समझौता नहीं होगा

    RDG बंद होने पर सुक्खू सरकार जाएगी कोर्टमुख्यमंत्री बोले—हिमाचल के विकास से समझौता नहीं होगा

    हिमाचल नाऊ न्यूज़ शिमला

    रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) बंद होने से हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों को देखते हुए सुक्खू सरकार ने राजनीतिक लड़ाई के साथ-साथ न्यायालय का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया है।

    सरकार का कहना है कि RDG समाप्त होने से राज्य की विकास योजनाएं, कर्मचारियों की सैलरी, पेंशन और विभिन्न सब्सिडी योजनाएं सीधे तौर पर प्रभावित होंगी।

    मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में सचिवालय में हुई कैबिनेट बैठक के बाद वित्त विभाग ने RDG के प्रभावों को लेकर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। इस प्रेजेंटेशन में RDG बंद होने से राज्य की वित्तीय स्थिति पर पड़ने वाले असर को आंकड़ों के साथ रखा गया।

    वित्त विभाग के अनुसार हिमाचल सरकार को सालाना खर्च पूरे करने के लिए करीब 48 हजार करोड़ रुपये की आवश्यकता होती है। सरकार अपने संसाधनों से लगभग 42 हजार करोड़ रुपये जुटा लेती है, इसके बावजूद करीब 6 हजार करोड़ रुपये का वार्षिक घाटा बना रहता है। ऐसे में RDG बंद होने से यह वित्तीय अंतर और गहरा सकता है।

    मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि RDG का बंद होना हिमाचल प्रदेश के विकास को सीधे प्रभावित करेगा। उन्होंने प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया कि सरकार विकास कार्यों को प्रभावित नहीं होने देगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हिमाचल के अधिकारों की लड़ाई है और राज्य सरकार इसे हर स्तर पर लड़ेगी।
    मुख्यमंत्री ने विपक्ष से भी अपील की कि इस मुद्दे पर राजनीति से ऊपर उठकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री के समक्ष हिमाचल का पक्ष मजबूती से रखा जाए।

    उन्होंने बताया कि इस विषय पर विपक्षी विधायकों को भी वित्त विभाग की प्रेजेंटेशन में आमंत्रित किया गया था, लेकिन उनका शामिल न होना दुर्भाग्यपूर्ण है।

    नगर नियोजन एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि RDG बंद होने से राज्य की कई अहम विकास परियोजनाएं रुक सकती हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के वेतन, पेंशन और आधारभूत ढांचे से जुड़ी योजनाओं पर भी इसका सीधा असर पड़ेगा, जिसे सरकार किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेगी।

    सरकार ने स्पष्ट किया है कि RDG को लेकर राज्य के हितों की रक्षा के लिए कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर लड़ाई लड़ी जाएगी।

  • चौपाल में किराये के कमरे में युवक का झुलसा शव मिला, पुलिस कर रही मौत के कारणों की जांच

    चौपाल में किराये के कमरे में युवक का झुलसा शव मिला, पुलिस कर रही मौत के कारणों की जांच

    चौपाल उपमंडल में एक युवक अपने किराये के कमरे में मृत अवस्था में मिला, जिससे इलाके में चिंता और शोक का माहौल है। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

    शिमला/चौपाल

    कमरे में मिला युवक का शव
    चौपाल क्षेत्र में किराये के मकान में रह रहे एक युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ। मकान मालिक ने कमरे में गतिविधि न होने पर पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया।

    पहचान और प्रारंभिक जांच
    कमरे से मिले दस्तावेजों के आधार पर मृतक की पहचान राजकुमार शर्मा के रूप में की गई, जो मूल रूप से ठियोग क्षेत्र का निवासी बताया गया है। प्रारंभिक जांच में शरीर झुलसी अवस्था में पाया गया, जिससे घटना को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।

    संभावित कारणों की पड़ताल
    पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया मामला बिजली के करंट से जुड़ा प्रतीत हो रहा है, हालांकि इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही होगी। पड़ोसियों और स्थानीय लोगों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं।

    मामला दर्ज, जांच जारी
    पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मौत की सटीक वजह और परिस्थितियों का खुलासा मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद किया जाएगा।

  • रेणुका बांध प्रभावित 152 परिवारों को राहत, विधायक विनय कुमार ने मुख्यमंत्री का जताया आभार

    रेणुका बांध प्रभावित 152 परिवारों को राहत, विधायक विनय कुमार ने मुख्यमंत्री का जताया आभार

    रेणुका बांध परियोजना से प्रभावित परिवारों की लंबित मांगों पर राज्य सरकार ने सकारात्मक निर्णय लिया है। बांध से बेघर हुए परिवारों को भी प्रभावित श्रेणी में शामिल करने पर क्षेत्र में संतोष व्यक्त किया गया।

    शिमला/श्री रेणुका जी

    बांध प्रभावितों को मिली बड़ी राहत
    प्रदेश कांग्रेस से जुड़े विधायक विनय कुमार ने कहा कि रेणुका बांध निर्माण से बेघर हुए 152 परिवारों को अब पुनर्वास एवं राहत (आरआर) नीति के तहत भूमिहीन मानकर प्रभावित श्रेणी में शामिल किया गया है। इस निर्णय पर उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त किया।

    मुख्यमंत्री से प्रतिनिधिमंडल ने की थी मुलाकात
    उन्होंने बताया कि हाल ही में उनके नेतृत्व में बांध प्रभावितों का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिला था और लंबित मांगों को विस्तार से रखा गया था। सरकार द्वारा सकारात्मक रुख अपनाए जाने से प्रभावित परिवारों में उम्मीद जगी है।

    क्षेत्रीय विकास कार्यों पर जोर
    विनय कुमार ने कहा कि श्री रेणुका जी क्षेत्र में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और पेयजल सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता दी जा रही है। गिरी नदी पर निर्माणाधीन पुल के शेष कार्य को भी जल्द पूरा करने की दिशा में प्रयास तेज किए गए हैं।

    संगठनात्मक गतिविधियों का जिक्र
    उन्होंने बताया कि नई दिल्ली में कांग्रेस संगठन से संबंधित एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है, जिसमें प्रदेश के पदाधिकारियों की भागीदारी होगी। संगठन सृजन अभियान के तहत प्रदेश और जिला स्तर की कार्यकारिणी को लेकर निर्णय लिए जाने की संभावना जताई गई है।

    राजस्व घाटा अनुदान पर सर्वदलीय चर्चा
    विधायक ने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान बंद किए जाने के मुद्दे पर सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इस विषय पर प्रदेशहित में सभी दलों से सहयोग की अपेक्षा जताई गई है।

  • विधायक प्राथमिकता बैठक में भाजपा विधायकों की मौजूदगी पर मुख्यमंत्री ने किया स्वागत

    विधायक प्राथमिकता बैठक में भाजपा विधायकों की मौजूदगी पर मुख्यमंत्री ने किया स्वागत

    हिमाचल प्रदेश में आयोजित दो दिवसीय विधायक प्राथमिकता बैठक के पहले चरण में शुक्रवार को ऊना, हमीरपुर और सिरमौर जिलों के विधायकों ने भाग लिया। बैठक में इस बार भाजपा विधायकों की मौजूदगी को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने उनका स्वागत किया और कहा कि सभी विधायकों की मांगों को गंभीरता से सुना जा रहा है。

    शिमला

    बैठक में भाजपा विधायकों की सहभागिता पर मुख्यमंत्री का स्वागत संदेश

    मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इससे पहले भाजपा विधायक प्राथमिकता बैठकों में शामिल नहीं होते थे, लेकिन इस बार उनकी सहभागिता सकारात्मक संकेत है। उन्होंने बताया कि बैठक में भाजपा विधायकों की सभी बातें सुनी गईं और कई मामलों में मौके पर ही निर्णय लिए गए। मुख्यमंत्री ने PGI के लंबित चार करोड़ रुपये तुरंत जारी करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि बैठक में शामिल विधायकों की मांगों का गंभीरतापूर्वक निपटारा किया जा रहा है।

    राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने पर डिप्टी सीएम का तंज

    वहीं उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने भाजपा विधायकों द्वारा राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि भाजपा विधायक रॉन्ग नंबर डायल कर रहे हैं। विधायक क्षेत्र विकास निधि और ऐच्छिक निधि से जुड़े मामलों के लिए विधायकों को राज्यपाल नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री से मिलना चाहिए।

    विधायक प्राथमिकता बैठक का उद्देश्य स्पष्ट किया

    डिप्टी सीएम ने कहा कि विधायक प्राथमिकता बैठक का उद्देश्य ही यही है कि सभी विधायक मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी मांग रखें। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना बैठकों में रखी जा रही सभी मांगों को गंभीरता से सुना जा रहा है और नियमों के तहत उनका समाधान किया जाएगा।

  • डीएचएस में 300 चिकित्सकों का प्रशिक्षण और अवकाश रिजर्व कोटा बनाया जाएगा : मुख्यमंत्री सुक्खू

    डीएचएस में 300 चिकित्सकों का प्रशिक्षण और अवकाश रिजर्व कोटा बनाया जाएगा : मुख्यमंत्री सुक्खू

    प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को बाधारहित बनाए रखने के लिए 300 चिकित्सकों का प्रशिक्षण व अवकाश रिजर्व कोटा तैयार करने का निर्णय लिया है। इस व्यवस्था से पीजी पाठ्यक्रम या प्रशिक्षण पर जाने वाले डॉक्टरों की अनुपस्थिति में भी मरीजों की सेवाएं प्रभावित नहीं होंगी।

    शिमला

    स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण पर जोर
    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य संस्थानों में अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए बड़े स्तर पर निवेश की प्रक्रिया शुरू की जा रही है, जिससे मरीजों को बेहतर और सटीक इलाज मिल सके।

    300 डॉक्टरों का प्रशिक्षण रिजर्व सिस्टम
    मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य सेवाएं विभाग में 300 डॉक्टरों का एक विशेष प्रशिक्षण व अवकाश रिजर्व कोटा तैयार किया जाए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उच्च शिक्षा या विशेष प्रशिक्षण के लिए जाने वाले डॉक्टरों के कारण अस्पतालों में सेवाएं प्रभावित न हों। इस रिजर्व पूल के माध्यम से रिक्तियां तुरंत भरी जा सकेंगी और मरीजों को उपचार में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी।

    चिकित्सा महाविद्यालयों में सुविधाओं का विस्तार
    उन्होंने कहा कि सभी मेडिकल कॉलेजों में बुनियादी सुविधाओं को उन्नत किया जा रहा है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए छोटे बैच बनाए जाएंगे, ताकि प्रत्येक छात्र को बेहतर प्रशिक्षण मिल सके। नए लेक्चर थिएटरों के निर्माण और आधुनिक शिक्षण संसाधनों की उपलब्धता पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

    आधुनिक उपचार सुविधाओं की ओर कदम
    मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों में उन्नत उपचार सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है ताकि मरीजों को जटिल उपचार के लिए राज्य से बाहर न जाना पड़े। उन्होंने विभाग को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

    ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं
    सरकार का लक्ष्य है कि दूरदराज़ और ग्रामीण क्षेत्रों में भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों। इसके लिए स्वास्थ्य संस्थानों में स्टाफ की कमी दूर करने, उपकरणों की उपलब्धता बढ़ाने और नैदानिक सेवाओं को सुदृढ़ करने पर विशेष बल दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन कदमों से मरीजों को बेहतर उपचार के साथ-साथ चिकित्सकों को भी बेहतर कार्य वातावरण मिलेगा।

  • हरित हिमाचल / 2030 तक हरित हिमाचल का लक्ष्य, वन क्षेत्र बढ़ाने के लिए सरकार तैयार कर रही बड़ी योजना……….

    हरित हिमाचल / 2030 तक हरित हिमाचल का लक्ष्य, वन क्षेत्र बढ़ाने के लिए सरकार तैयार कर रही बड़ी योजना……….

    प्रदेश सरकार ने हिमाचल में वन क्षेत्र बढ़ाने की दिशा में बड़ा लक्ष्य तय किया है। मुख्यमंत्री ने वन विभाग को योजनाबद्ध पौधारोपण और सामुदायिक भागीदारी के साथ 2030 तक वन क्षेत्र 31 प्रतिशत करने के निर्देश दिए हैं।

    शिमला

    वर्तमान वन क्षेत्र 29.5 प्रतिशत
    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने वन विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि वर्तमान में राज्य का वन क्षेत्र 29.5 प्रतिशत है, जिसे बढ़ाकर 31 प्रतिशत करने के लिए ठोस और चरणबद्ध योजना तैयार की जाए।

    ग्लोबल वार्मिंग से निपटने पर जोर
    उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग के प्रभाव स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं, इसलिए पर्यावरण संरक्षण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रदेश के लगभग 16,376 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में पौधारोपण संभव नहीं है, इसलिए शेष उपयुक्त क्षेत्रों की वैज्ञानिक पहचान कर पौधारोपण किया जाए।

    देशी, फलदार और औषधीय पौधों को प्राथमिकता
    मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पौधारोपण के दौरान देशी प्रजातियों, फलदार तथा औषधीय पौधों को प्राथमिकता दी जाए। साथ ही मौजूदा वनों की सुरक्षा और संरक्षण को भी उतना ही महत्व दिया जाए।

    राजीव गांधी वन संवर्धन योजना से बढ़ी भागीदारी
    सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई राजीव गांधी वन संवर्धन योजना के तहत पिछले वर्ष 924.9 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधारोपण किया गया। इस अभियान में महिला मंडल, युवक मंडल, स्वयं सहायता समूह और समुदाय आधारित संगठनों ने सक्रिय योगदान दिया। सरकार दो हेक्टेयर क्षेत्र में पौधारोपण के लिए 2.40 लाख रुपये की सहायता और पौधों की जीवित रहने की दर के आधार पर प्रोत्साहन राशि भी दे रही है।

    अगले वर्ष 5,000 हेक्टेयर का लक्ष्य
    मुख्यमंत्री ने बताया कि आगामी वित्तीय वर्ष में 5,000 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधारोपण का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से 3,376 हेक्टेयर भूमि की पहचान हो चुकी है, जबकि शेष क्षेत्र चिन्हित करने की प्रक्रिया जारी है।

  • शिमला में कांग्रेस का बजट पर हमला, हिमाचल की अनदेखी का लगाया आरोप

    शिमला में कांग्रेस का बजट पर हमला, हिमाचल की अनदेखी का लगाया आरोप

    केंद्रीय बजट को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे राज्य के हितों के खिलाफ बताया है। पार्टी नेताओं ने कहा कि बजट में हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्यों की अपेक्षाओं को नजरअंदाज किया गया है।

    शिमला

    बजट को बताया औपचारिकता मात्र
    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने कहा कि इस बार बजट में आम लोगों को कोई ठोस राहत नहीं मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में स्पष्ट दिशा का अभाव है और कई वर्गों की जरूरतों को नजरअंदाज किया गया है।

    आपदा राहत और अनुदान का मुद्दा
    उन्होंने कहा कि प्रदेश को आपदा राहत के लिए केंद्र से सहायता की उम्मीद थी, लेकिन अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। राजस्व घाटे के अनुदान बंद होने पर भी उन्होंने कड़ा रुख जताते हुए इसे पहाड़ी राज्यों के लिए नुकसानदायक बताया।

    पर्यटन, कृषि और बागवानी की अनदेखी का आरोप
    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि बजट में पर्यटन, बागवानी और कृषि जैसे क्षेत्रों के लिए कोई नई योजना घोषित नहीं की गई। जलविद्युत परियोजनाओं और रेल विस्तार से जुड़े लंबित मुद्दों पर भी ठोस प्रावधान न होने पर निराशा जताई गई।

    ओपीएस जारी रखने का दावा
    उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) जारी रखने के अपने फैसले पर कायम रहेगी।

    भाजपा सांसदों पर भी निशाना
    प्रेस वार्ता में प्रदेश से निर्वाचित भाजपा सांसदों की भी आलोचना की गई। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि उन्हें प्रदेश के हितों की पैरवी अधिक प्रभावी ढंग से करनी चाहिए।

  • शिमला में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की बैठक, संगठन विस्तार और पंचायत चुनाव रणनीति पर मंथन

    शिमला में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की बैठक, संगठन विस्तार और पंचायत चुनाव रणनीति पर मंथन

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने शिमला में अखिल भारतीय कांग्रेस कार्यसमिति सदस्य और प्रदेश मामलों की प्रभारी सांसद रजनी पाटिल के साथ बैठक कर संगठन सृजन और आगामी चुनावी रणनीति पर चर्चा की। बैठक में पीसीसी, जिला और ब्लॉक स्तर की कार्यकारिणी के गठन को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।

    शिमला

    संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने पर जोर
    बैठक के दौरान प्रदेश में संगठनात्मक ढांचे को सुदृढ़ बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया। पीसीसी, जिला और ब्लॉक कार्यकारिणी के गठन को लेकर प्रस्तावों पर चर्चा हुई और संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय बनाने की रणनीति तैयार की गई।

    मनरेगा बचाओ अभियान की समीक्षा
    नेताओं ने प्रदेश में चल रहे ‘मनरेगा बचाओ अभियान’ की भी समीक्षा की। इस अभियान के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार से जुड़े मुद्दों को लेकर पार्टी की सक्रियता और जनसंपर्क कार्यक्रमों पर चर्चा की गई।

    पंचायत चुनाव से पहले संगठन गठन की जरूरत
    विनय कुमार ने जिला और ब्लॉक कार्यकारिणी के प्रस्तावों को शीघ्र अनुमोदन देने का आग्रह किया। उनका कहना था कि पंचायत चुनाव से पहले संगठनात्मक ढांचा मजबूत होने से पार्टी को चुनावी तैयारियों में सहूलियत मिलेगी और पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी जा सकेंगी।

    आगामी चुनावों को लेकर रणनीति
    बैठक में यह भी कहा गया कि प्रदेश में पंचायत और कुछ नगर निकाय चुनाव प्रस्तावित हैं। हालांकि पंचायत चुनाव पार्टी चिन्ह पर नहीं होते, फिर भी पार्टी विचारधारा से जुड़े लोगों को आगे लाने के लिए यह महत्वपूर्ण अवसर है। कांग्रेस नेतृत्व ने दावा किया कि पार्टी इन चुनावों के लिए तैयार है और जमीनी स्तर पर मजबूती से काम करेगी।

  • Himachal Weather Impact / डोडरा क्वार में चार फीट बर्फ के बीच कर्मचारियों ने तीन किमी पैदल चलकर जोड़ी पानी की लाइन

    Himachal Weather Impact / डोडरा क्वार में चार फीट बर्फ के बीच कर्मचारियों ने तीन किमी पैदल चलकर जोड़ी पानी की लाइन

    भारी हिमपात के बाद भी दुर्गम क्षेत्रों में मूलभूत सेवाएं बहाल करने के प्रयास जारी हैं। शिमला जिले के डोडरा क्वार क्षेत्र में जलशक्ति विभाग के कर्मचारियों ने कठिन परिस्थितियों में पेयजल आपूर्ति दोबारा शुरू कर लोगों को राहत दी।

    शिमला/डोडरा क्वार

    चार फीट बर्फ में गुम रास्ते
    डोडरा क्वार क्षेत्र में इन दिनों लगभग चार फीट बर्फ जमी हुई है और रास्ते पूरी तरह ढक चुके हैं। तापमान माइनस छह डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने से जनजीवन प्रभावित है। ऐसे हालात में बुनियादी सेवाएं बनाए रखना बड़ी चुनौती बना हुआ है।

    300 लोगों की पेयजल आपूर्ति ठप
    चांशल घाटी के धंदरवाड़ी गांव में पेयजल सप्लाई लाइन क्षतिग्रस्त होने से करीब 300 लोगों की पानी की आपूर्ति बाधित हो गई थी। जानकारी के अनुसार सटू सौर पेयजल योजना पर एक पेड़ गिरने से पाइपलाइन टूट गई थी।

    तीन किलोमीटर पैदल चलकर की मरम्मत
    जलशक्ति विभाग के कर्मचारी वीर मोहन और सुशील कुमार भारी बर्फ के बीच करीब तीन किलोमीटर पैदल चलकर मौके पर पहुंचे। बर्फ में चलते समय उनका आधा शरीर तक बर्फ में धंस रहा था, लेकिन दोनों ने पाइपलाइन की मरम्मत कर तीसरे दिन पानी की आपूर्ति बहाल कर दी।दोनों कर्मचारी अभी नियमित नहीं हैं। वीर मोहन पिछले 12 वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं और उन्हें सीमित मानदेय मिलता है, जबकि सुशील कुमार भी अल्प वेतन पर कार्यरत हैं। इसके बावजूद उन्होंने कठिन परिस्थितियों में सेवा भाव का परिचय दिया।

    उपमुख्यमंत्री ने की सराहना
    उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने दोनों कर्मचारियों के कार्य की प्रशंसा की और इसे जनसेवा व समर्पण की मिसाल बताया। उनके इस प्रयास का वीडियो भी सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है।