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Shimla citi from himachal pradesh

  • कंडाघाट कंपोजिट टेस्टिंग लैब होगी विश्वस्तरीय, हिमाचल में बनेगी स्टेट न्यूट्रिशन पॉलिसी

    कंडाघाट कंपोजिट टेस्टिंग लैब होगी विश्वस्तरीय, हिमाचल में बनेगी स्टेट न्यूट्रिशन पॉलिसी

    प्रदेश सरकार राज्य में पोषण और खाद्य गुणवत्ता को मजबूत करने की दिशा में बड़े स्तर पर कदम उठाने जा रही है। इसी कड़ी में कंडाघाट स्थित कंपोजिट टेस्टिंग लैब को अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित करने के साथ स्टेट न्यूट्रिशन पॉलिसी तैयार की जाएगी।

    शिमला

    स्टेट न्यूट्रिशन पॉलिसी पर काम शुरू
    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने स्वास्थ्य सुरक्षा एवं विनियमन विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार स्टेट न्यूट्रिशन पॉलिसी बनाएगी। इस नीति का उद्देश्य बच्चों, किशोरियों, गर्भवती एवं धात्री माताओं सहित सभी संवेदनशील वर्गों को संतुलित और पौष्टिक आहार उपलब्ध करवाना है।

    कंडाघाट लैब को मिलेगा हाई-एंड अपग्रेड
    मुख्यमंत्री ने कहा कि कंडाघाट स्थित कंपोजिट टेस्टिंग लैब को विश्वस्तरीय हाई-एंड तकनीक से लैस किया जाएगा, जिससे खाद्य पदार्थों का सूक्ष्म, सटीक और समयबद्ध विश्लेषण सुनिश्चित हो सके। इससे खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाएगा।

    चार शहरों में खुलेंगी क्षेत्रीय प्रयोगशालाएं
    खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांच को मजबूत करने के लिए पहले चरण में बद्दी, मंडी, कांगड़ा और शिमला में क्षेत्रीय प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। दूसरे चरण में यह व्यवस्था प्रदेश के सभी जिलों तक विस्तार पाएगी।

    न्यूट्रिशनल सर्विलेंस और डिजिटल सिस्टम पर जोर
    मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि राज्य में न्यूट्रिशनल सर्विलेंस को और सघन किया जाए। खाद्य पदार्थों की पोषक तत्व प्रोफाइलिंग, मैपिंग और सार्वजनिक वितरण प्रणाली, आंगनवाड़ी तथा मिड-डे-मील में वितरित खाद्यान्न की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए। इसके लिए मोबाइल वैन के माध्यम से जांच, जागरूकता और प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी।

    डिजिटाइजेशन और स्टेट पोर्टल की तैयारी
    विभाग की कार्यप्रणाली को सुगम और समयबद्ध बनाने के लिए सभी प्रक्रियाओं को डिजिटल करने के निर्देश दिए गए हैं। खाद्य सैंपलिंग, जांच परिणाम और निगरानी के लिए एक स्टेट पोर्टल और स्टेट न्यूट्रिशन डेटाबेस भी विकसित किया जाएगा।

    प्राकृतिक खेती और स्वास्थ्य ढांचे पर सरकार का फोकस
    मुख्यमंत्री ने कहा कि खाद्य पदार्थों में पोषक तत्वों की कमी और कीटनाशकों के कारण बीमारियां बढ़ रही हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही है। साथ ही स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करते हुए हर मेडिकल कॉलेज में आईसीयू सुविधा और अस्पतालों में बेहतर डॉक्टर-पेशेंट अनुपात सुनिश्चित किया जा रहा है।

    बैठक में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और संबंधित विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

  • चिट्टा-मुक्त हिमाचल अभियान तेज, पुलिस ने राज्यभर में 433 कूरियर केंद्रों की सघन जांच

    चिट्टा-मुक्त हिमाचल अभियान तेज, पुलिस ने राज्यभर में 433 कूरियर केंद्रों की सघन जांच

    हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करी के खिलाफ चल रहे चिट्टा-मुक्त हिमाचल अभियान को और मजबूत करते हुए पुलिस ने राज्य स्तर पर बड़ा और सुनियोजित कदम उठाया है। कूरियर सेवाओं के जरिए नशीले पदार्थों की आपूर्ति रोकने के उद्देश्य से एक साथ पूरे प्रदेश में व्यापक जांच अभियान चलाया गया।

    हिमाचल पुलिस का राज्यव्यापी विशेष अभियान
    हिमाचल प्रदेश पुलिस ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा शुरू किए गए एंटी-चिट्टा जन आंदोलन के तहत यह विशेष अभियान चलाया। अभियान का मकसद कूरियर माध्यम से नशे की तस्करी की किसी भी संभावित कड़ी को समय रहते चिन्हित कर तोड़ना रहा।

    433 कूरियर केंद्रों की एक साथ जांच
    इस राज्य स्तरीय कार्रवाई के दौरान कुल 433 कूरियर सेवा केंद्रों की जांच की गई। इनमें सोलन, किन्नौर, सिरमौर, बद्दी, मंडी, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, हमीरपुर, बिलासपुर, कांगड़ा, नूरपुर, देहरा, चंबा और ऊना सहित सभी जिलों के कूरियर वेयरहाउस और गोदाम शामिल रहे।

    पार्सल से लेकर डिलीवरी तक हर प्रक्रिया की जांच
    जांच के दौरान पार्सल बुकिंग, भंडारण, परिवहन और अंतिम डिलीवरी तक पूरी कार्यप्रणाली को बारीकी से परखा गया। कूरियर केंद्रों में सीसीटीवी कैमरों की स्थिति, कर्मचारियों की पहचान, रिकॉर्ड संधारण और मानक संचालन प्रक्रियाओं के पालन की विशेष रूप से समीक्षा की गई। संदिग्ध पार्सलों की गहन जांच की गई और कर्मचारियों को एनडीपीएस एक्ट सहित संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई।

    कमियां मिलने पर सख्त निर्देश
    जहां भी प्रक्रियागत कमियां सामने आईं, वहां संबंधित कूरियर सेवा प्रदाताओं को तय समय सीमा में सुधार करने के निर्देश दिए गए। पुलिस ने कूरियर कंपनियों को नशा तस्करी से जुड़े संभावित खतरों के प्रति सतर्क करते हुए भविष्य में किसी भी तरह की लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए।

    नशा तस्करी पर प्रहार की दिशा में अहम कदम
    पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि यह विशेष अभियान कूरियर माध्यम से होने वाली नशा तस्करी को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे प्रदेश में कानून व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा को और मजबूती मिलेगी।

    जनता से सहयोग की अपील
    हिमाचल प्रदेश पुलिस ने प्रदेशवासियों, विशेषकर युवाओं से इस अभियान में सहयोग की अपील की है। यदि किसी को चिट्टा या नशीले पदार्थों से जुड़ी किसी भी गतिविधि की जानकारी मिलती है, तो तुरंत 112 पर कॉल करने या नजदीकी पुलिस थाना से संपर्क करने का आग्रह किया गया है। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

  • Himachal Weather / प्रदेश में मौसम शुष्क, कई जिलों में शीत लहर और घने कोहरे का असर जारी

    Himachal Weather / प्रदेश में मौसम शुष्क, कई जिलों में शीत लहर और घने कोहरे का असर जारी

    Himachal Weather : प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान मौसम शुष्क रहा, जबकि कई जिलों में शीत लहर और घने कोहरे का असर दर्ज किया गया। आने वाले दिनों में भी ठंड का प्रकोप जारी रहने के साथ कुछ क्षेत्रों में वर्षा और हिमपात की संभावना जताई गई है।

    हिमाचल प्रदेश

    पिछले 24 घंटों का मौसम हाल

    प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान मौसम शुष्क रहा। ऊना में घना कोहरा जबकि पांवटा साहिब में हल्का कोहरा दर्ज किया गया। हमीरपुर और बरथिन में भीषण शीत लहर का असर देखा गया, जबकि कांगड़ा, मंडी, ऊना और बिलासपुर जिलों में शीत लहर दर्ज की गई है।

    तापमान का हाल

    राज्य में अधिकतम तापमान बजौरा में 20.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान ताबो में माइनस 5.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। शिमला में अधिकतम तापमान 14.6 डिग्री और न्यूनतम 7.2 डिग्री सेल्सियस रहा। कल्पा में अधिकतम 12.2 डिग्री और न्यूनतम 0.2 डिग्री तथा मनाली में अधिकतम 15.2 डिग्री और न्यूनतम 1.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    शीत लहर और कोहरे की स्थिति

    आगामी अवधि के दौरान बिलासपुर, हमीरपुर, ऊना, चंबा, कांगड़ा और मंडी जिलों में एक-दो स्थानों पर शीत लहर चलने की संभावना है। वहीं ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, सोलन, सिरमौर, कांगड़ा और मंडी जिलों में अलग-अलग स्थानों पर घना कोहरा छाए रहने के आसार बने हुए हैं।

    वर्षा और हिमपात का पूर्वानुमान

    आने वाले दिनों में चंबा, किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा और हिमपात की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही कांगड़ा, कुल्लू और मंडी जिलों में भी एक-दो स्थानों पर हल्की वर्षा या हिमपात हो सकता है।

    शिमला शहर का मौसम

    शिमला शहर में मौसम मुख्यतः साफ से आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान 15 से 17 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 7 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

  • सभी पंचायतों में 21–22 जनवरी को एंटी चिट्टा ग्राम सभाएं, खेलों से चलेगा जागरूकता अभियान

    सभी पंचायतों में 21–22 जनवरी को एंटी चिट्टा ग्राम सभाएं, खेलों से चलेगा जागरूकता अभियान

    हिमाचल प्रदेश में चिट्टा और नशे के खिलाफ अभियान को और मजबूत करने के लिए सरकार ने पंचायत स्तर पर व्यापक रणनीति लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत ग्राम सभाओं से लेकर खेल प्रतियोगिताओं तक जागरूकता और कार्रवाई को एक साथ जोड़ा जाएगा।

    शिमला

    सभी पंचायतों में होंगी एंटी चिट्टा ग्राम सभाएं

    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए निर्देश दिए कि प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में 21 और 22 जनवरी, 2026 को एंटी चिट्टा ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाए। इन ग्राम सभाओं में पंचायत क्षेत्र में चिट्टा से जुड़ी स्थिति की समीक्षा, प्रभावित युवाओं की पहचान, उनके पुनर्वास और आगे की कार्यवाही पर चर्चा की जाएगी।

    चिट्टा से जुड़ी पंचायत स्तर पर होगी मैपिंग

    मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि एंटी चिट्टा ग्राम सभाओं में पंचायत स्तर पर चिट्टा से जुड़ी संपूर्ण मैपिंग की जाए। इन बैठकों में अन्य विभागों के अधिकारियों को पर्यवेक्षक के रूप में तैनात किया जाएगा, ताकि जानकारी का समन्वय हो सके और ठोस कार्ययोजना तैयार की जा सके। पंचायत स्तर पर गठित नशा निवारण समितियों में ग्राम पंचायत प्रधान और पंचायत समिति सदस्यों को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

    खेलों के जरिए चलेगा प्रदेशव्यापी जागरूकता अभियान

    चिट्टा के दुष्प्रभावों से युवाओं को दूर रखने के लिए मुख्यमंत्री ने खेलों को अभियान से जोड़ने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में प्रीमियर लीग की तर्ज पर एंटी चिट्टा अवेयरनेस स्पोर्ट्स टूर्नामेंट आयोजित किए जाएंगे। इन टूर्नामेंटों में कबड्डी, क्रिकेट और वॉलीबॉल प्रतियोगिताएं होंगी, जो ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर आयोजित की जाएंगी। विजेता टीमों को मुख्यमंत्री द्वारा पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी।

    तस्करी नेटवर्क पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश

    मुख्यमंत्री ने कहा कि चिट्टा तस्करी और सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए बहुआयामी रणनीति अपनाई जा रही है। चिट्टा तस्करों की संपत्तियों की पहचान की जा चुकी है और इन्हें ध्वस्त करने की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके साथ ही शिक्षा विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि चिट्टे के दुष्प्रभावों को लेकर स्कूल की पाठ्य पुस्तकों में एक विशेष अध्याय शामिल किया जाए।

    महिला मंडल और एफपीओ भी होंगे शामिल

    मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस अभियान को केवल प्रशासन तक सीमित नहीं रखा जाएगा। पंचायत स्तर पर महिला मंडलों, एफपीओ और सामाजिक संगठनों को भी चिट्टा विरोधी अभियान से जोड़ा जाएगा, ताकि समाज की सक्रिय भागीदारी से नशे के खिलाफ प्रभावी वातावरण तैयार किया जा सके।

  • आजीवन कारावासियों की रिहाई पर नई नीति लागू

    आजीवन कारावासियों की रिहाई पर नई नीति लागू

    सख्त अपराधों में 20–25 साल से पहले राहत नहीं, राज्य सजा समीक्षा बोर्ड बना स्थायी

    शिमला

    हिमाचल प्रदेश सरकार ने आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदियों की समय से पहले रिहाई को लेकर नई नीति लागू कर दी है। गृह विभाग द्वारा अधिसूचित इस नीति के साथ वर्ष 2001 और 2003 के पुराने आदेशों को निरस्त कर दिया गया है।

    नई व्यवस्था सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप तैयार की गई है और इसे तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

    नई नीति की सबसे अहम खासियत यह है कि अब आजीवन कारावासियों की रिहाई के मामलों की समीक्षा के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य सजा समीक्षा बोर्ड को स्थायी निकाय के रूप में गठित किया गया है। यह बोर्ड पात्र मामलों में सजा की समीक्षा कर सरकार को समयपूर्व रिहाई की सिफारिश करेगा।

    बोर्ड की अध्यक्षता अतिरिक्त मुख्य सचिव या सचिव (गृह) करेंगे। बोर्ड में विधि सचिव सह विधि स्मरणकर्ता, उच्च न्यायालय द्वारा नामित जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मुख्य परिवीक्षा अधिकारी, पुलिस महानिदेशक द्वारा नामित आईजी रैंक से कम नहीं वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, एक महिला सदस्य तथा जेल विभाग के डीजी/एडीजी/आईजी सदस्य सचिव के रूप में शामिल होंगे।बैठक के लिए कम से कम चार सदस्यों की उपस्थिति, अध्यक्ष सहित, अनिवार्य होगी।

    14 साल पूरे होने से स्वतः रिहाई नहीं

    नीति के अनुसार बीएनएसएस की धारा 475 के अंतर्गत आने वाले पुरुष व महिला आजीवन कारावासी 14 वर्ष की वास्तविक सजा बिना रिमिशन पूरी करने के बाद रिहाई के लिए विचार के पात्र होंगे। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि केवल 14 वर्ष पूरे हो जाने से स्वतः रिहाई नहीं मिलेगी।

    बोर्ड हर मामले में अपराध की प्रकृति, परिस्थितियां, जेल में कैदी का आचरण, समाज में पुनर्वास की संभावना और परिवार की सामाजिक-आर्थिक स्थिति जैसे पहलुओं का मूल्यांकन करेगा। ऐसे मामलों में कुल कारावास अवधि, रिमिशन सहित, सामान्यतः 20 वर्ष से अधिक नहीं होगी।

    जघन्य अपराधों में सख्त रुख

    नई नीति में गंभीर और जघन्य अपराधों के मामलों में सख्त मापदंड तय किए गए हैं। दुष्कर्म के साथ हत्या, डकैती के साथ हत्या, आतंकी घटनाओं में हत्या, जेल या पैरोल के दौरान हत्या, ड्यूटी के दौरान लोक सेवक की हत्या, गैंगस्टर, कॉन्ट्रैक्ट किलर, तस्करी और नशीले पदार्थों के कारोबार से जुड़े मामलों में सजा काट रहे आजीवन कारावासियों को कम से कम 20 वर्ष की सजा रिमिशन सहित पूरी करनी होगी। ऐसे मामलों में कुल सजा अवधि 25 वर्ष से अधिक नहीं होगी।

    अन्य आजीवन कारावासियों के लिए क्या हैं नियम

    धारा 475 बीएनएसएस के अंतर्गत न आने वाले पुरुष आजीवन कारावासी 10 वर्ष की वास्तविक सजा और कुल 14 वर्ष रिमिशन सहित पूरी करने के बाद रिहाई के लिए विचार के पात्र होंगे। वहीं महिला आजीवन कारावासी 7 वर्ष की वास्तविक सजा और कुल 10 वर्ष रिमिशन सहित पूरी करने के बाद समयपूर्व रिहाई के लिए पात्र मानी जाएंगी।

    सरकार का कहना है कि इस नीति का उद्देश्य न्यायालयों के निर्देशों के अनुरूप मानवीय, संतुलित और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करना है, ताकि सुधार की संभावना रखने वाले कैदियों को समाज की मुख्यधारा में लौटने का अवसर मिल सके, जबकि गंभीर अपराधों में सख्ती भी बनी रहे।

  • चिट्टे के खिलाफ शून्य सहिष्णुता : शिमला बैठक के बाद चिट्टा मामलों में शामिल 11 पुलिसकर्मी बर्खास्त

    चिट्टे के खिलाफ शून्य सहिष्णुता : शिमला बैठक के बाद चिट्टा मामलों में शामिल 11 पुलिसकर्मी बर्खास्त

    शिमला में नशे और चिट्टे के खिलाफ कार्रवाई को लेकर हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। चिट्टा गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर 11 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।

    शिमला

    नशे के खिलाफ रणनीति पर उच्च स्तरीय मंथन

    शिमला में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में चिट्टे और नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार की नीति पूरी तरह साफ है और नशे के खिलाफ किसी भी स्तर पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

    कानून तोड़ने वालों के लिए कोई रियायत नहीं

    बैठक में यह भी दोहराया गया कि जिन पर कानून की रक्षा की जिम्मेदारी है, यदि वही कानून तोड़ते पाए जाते हैं, तो उनके लिए किसी भी तरह की रियायत संभव नहीं है। इसी नीति के तहत चिट्टा तस्करी और नशे से जुड़े मामलों में संलिप्त पाए गए 11 पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है।

    संविधान के प्रावधानों के तहत सख्त कदम

    सरकार ने इन पुलिसकर्मियों को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 311(2)(बी) के तहत सेवा से बर्खास्त किया है। यह प्रावधान असाधारण परिस्थितियों में बिना विभागीय जांच के त्वरित कार्रवाई की अनुमति देता है, जब राज्यहित और सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका हो।

    सरकार का समाज को स्पष्ट संदेश

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय आसान नहीं था, लेकिन प्रदेश और समाज के व्यापक हित में आवश्यक था। उन्होंने प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया कि चिट्टा तस्करी और नशे के अवैध कारोबार से जुड़े किसी भी व्यक्ति को, चाहे वह किसी भी पद पर क्यों न हो, बख्शा नहीं जाएगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि नशे के खिलाफ यह लड़ाई केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है।

  • हरिपुरधार बस हादसे पर मुख्यमंत्री ने जताया शोक

    हरिपुरधार बस हादसे पर मुख्यमंत्री ने जताया शोक

    मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता और घायलों को बेहतर इलाज के निर्देश

    शिमला

    मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने जिला सिरमौर के हरिपुरधार क्षेत्र में हुए निजी बस हादसे में बहुमूल्य जानों के नुकसान पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह घटना अत्यंत दुखद है और इससे प्रदेश को अपूरणीय क्षति पहुंची है।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि शिमला से कुपवी की ओर राजगढ़ मार्ग से जा रही निजी बस दुर्घटनाग्रस्त होकर गहरी खाई में गिर गई, जिसमें कई लोगों की जान चली गई।

    उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता उपलब्ध करवाई जाए और घायलों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित की जाए।

    मुख्यमंत्री ने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करने तथा शोक संतप्त परिवारों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की।

    उधर स्थानीय विधायक नाहन विधानसभा क्षेत्र अजय सोलंकी ने भी इस दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उधर विधानसभा क्षेत्र के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता बृजराज ठाकुर भी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन और स्थानीय लोग रिस्क में शामिल है।

  • मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं में ऑनलाइन सुविधाओं के व्यापक समावेश के निर्देश दिए, मंत्री स्तरीय समिति गठित

    मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं में ऑनलाइन सुविधाओं के व्यापक समावेश के निर्देश दिए, मंत्री स्तरीय समिति गठित

    स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए प्रदेश सरकार ऑनलाइन प्रणाली को सुदृढ़ करने जा रही है। डिजिटल एकीकरण से मरीजों को बेहतर सुविधा और प्रशासन को सटीक योजना निर्माण में मदद मिलेगी।

    शिमला

    स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण पर सरकार का फोकस
    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने स्वास्थ्य विभाग, नेशनल हेल्थ मिशन और चिकित्सा शिक्षा निदेशालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए निर्देश दिए कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं में अधिक से अधिक ऑनलाइन सुविधाओं को जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि इसके लिए नवीनतम सूचना प्रौद्योगिकी का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा।

    स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में बनेगी समिति
    मुख्यमंत्री ने बताया कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल की अध्यक्षता में एक विशेष समिति का गठन किया जाएगा, जो दस दिन के भीतर स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण को लेकर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। इस रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्ययोजना तय की जाएगी।

    ऑनलाइन पंजीकरण और डेटा एकीकरण पर जोर
    मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रणाली विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हिमकेयर योजना के अंतर्गत मैपिंग का कार्य पंचायत स्तर तक किया जाए और मरीजों के उपचार से जुड़ा डेटा भी इसमें शामिल हो।

    आभा कार्ड और हिम परिवार पोर्टल का एकीकरण
    बैठक में मुख्यमंत्री ने आभा कार्ड को हिम परिवार पोर्टल से जोड़ने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि इससे स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी, शिकायत निवारण और पारदर्शिता में उल्लेखनीय सुधार होगा तथा समय और संसाधनों की भी बचत होगी।

    डिजिटल रिकॉर्ड से बेहतर योजना और निर्णय क्षमता
    मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के ऑनलाइन रिकॉर्ड से बेहतर योजना निर्माण संभव होगा और नीति निर्धारण अधिक प्रभावी बनेगा। इससे नवाचार को बढ़ावा मिलेगा और “स्वस्थ नागरिक–सशक्त राज्य” के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

    जाइका सहयोग से सुदृढ़ हो रही स्वास्थ्य अधोसंरचना
    मुख्यमंत्री ने बताया कि जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जाइका) के सहयोग से प्रदेश में स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत किया जा रहा है, ताकि आधुनिक उपकरणों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को और बेहतर बनाया जा सके।

  • हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय को फिर बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर

    हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय को फिर बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर

    हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय की आधिकारिक वेबसाइट पर अज्ञात ईमेल के माध्यम से बम धमाके की धमकी मिली है। सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने सतर्कता बढ़ाते हुए परिसर में व्यापक तलाशी अभियान चलाया।

    शिमला

    ईमेल के जरिए मिली धमकी से बढ़ी सतर्कता
    हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिलने से सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। यह धमकी उच्च न्यायालय की आधिकारिक वेबसाइट पर सुबह एक अज्ञात ईमेल के माध्यम से प्राप्त हुई, जिसके बाद तुरंत पुलिस प्रशासन को सूचित किया गया।

    परिसर में चलाया गया व्यापक तलाशी अभियान
    सूचना मिलते ही बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वायड और स्थानीय पुलिस की टीमें उच्च न्यायालय परिसर में पहुंचीं। सुरक्षा एजेंसियों ने अदालत परिसर के भीतर और आसपास गहन तलाशी अभियान चलाया, हालांकि इस दौरान किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई।

    सुरक्षा व्यवस्था को किया गया और सख्त
    एसएसपी शिमला संजीव कुमार गांधी ने बताया कि धमकी को गंभीरता से लेते हुए उच्च न्यायालय की सुरक्षा को लेकर सभी पुख्ता कदम उठाए गए हैं। एहतियातन प्रवेश और निकास बिंदुओं पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है तथा हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

    ईमेल भेजने वाले की पहचान में जुटी पुलिस
    पुलिस द्वारा धमकी भरा ईमेल भेजने वाले की पहचान के लिए जांच शुरू कर दी गई है। साइबर विशेषज्ञों की सहायता से ईमेल के स्रोत और तकनीकी विवरण खंगाले जा रहे हैं, ताकि जल्द से जल्द मामले की सच्चाई सामने लाई जा सके।

    पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी धमकियां
    गौरतलब है कि इससे पहले भी दो बार हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय को इसी तरह की धमकियां मिल चुकी हैं। हर बार सुरक्षा एजेंसियों ने सतर्कता बरतते हुए स्थिति को नियंत्रित किया है।

  • Himachal Weather / ऊंची चोटियों पर हिमपात, मध्य व मैदानी इलाकों में शुष्क ठंड और कोहरे का प्रकोप

    Himachal Weather / ऊंची चोटियों पर हिमपात, मध्य व मैदानी इलाकों में शुष्क ठंड और कोहरे का प्रकोप

    ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी से ठंड बढ़ गई है, जबकि मध्य व मैदानी इलाकों में बारिश न होने से शुष्क ठंड का असर बना हुआ है। कई जिलों में शीतलहर और घने कोहरे के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है।

    शिमला

    ऊंची चोटियों पर हिमपात, निचले इलाके शुष्क
    प्रदेश की ऊंची चोटियों पर इंद्रदेव मेहरबान नजर आ रहे हैं, जहां लगातार हिमपात हो रहा है। कोकसर क्षेत्र में ताजा बर्फबारी दर्ज की गई है, जबकि मध्य और मैदानी इलाकों में बारिश न होने से शुष्क ठंड का असर बढ़ गया है।

    कई जिलों में शीतलहर और कोहरा
    मंडी, कांगड़ा, बिलासपुर और हमीरपुर जिलों में शीतलहर का प्रकोप बना हुआ है। बिलासपुर में घना कोहरा छाया रहा, जबकि पांवटा साहिब में मध्यम और ऊना में हल्का कोहरा देखा गया। सोलन क्षेत्र में जमीनी पाला पड़ने से ठंड और अधिक बढ़ गई है।

    सीजन की सबसे सर्द रातें दर्ज
    राज्य के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे चला गया है। राजधानी शिमला में सीजन की सबसे सर्द रात दर्ज की गई, जबकि लाहौल-स्पीति, कुकुमसेरी, कल्पा, नारकंडा और मनाली जैसे क्षेत्रों में भीषण ठंड का असर बना हुआ है। तापमान में लगातार गिरावट से आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है।

    घने कोहरे को लेकर अलर्ट, मौसम रहेगा शुष्क
    मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार निचले और मैदानी इलाकों में सुबह और शाम के समय घने कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है। आने वाले दिनों में पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क रहने की संभावना जताई गई है, जिससे फिलहाल बारिश या बर्फबारी की उम्मीद कम है।

    शिमला और मनाली अब भी बर्फबारी को तरसे
    प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों शिमला और मनाली शहर में अभी तक सीजन की पहली बर्फबारी नहीं हो पाई है। लंबे समय से पर्याप्त वर्षा न होने के कारण रबी फसलों और सेब सहित अन्य बागवानी फसलों पर भी असर पड़ने लगा है। मौसम विभाग ने ठंड और कोहरे को देखते हुए वाहन चालकों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।